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रामगंगा खादर में शराब की भट्ठियां ध्वस्त कीं
Wed, 13 Feb 2019 12:08 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 13 Feb 2019 12:08 AM IST
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कालागढ़ के जंगल में लहन नष्ट करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
कालागढ़ में रामगंगा नदी के खादर इलाके में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर अवैध शराब बनाने की भट्टियों को ध्वस्त कर डाला। पुलिस कार्रवाई से शराब माफिया में हड़कंप मचा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अब अवैध शराब का कारोबार खत्म होगा। किसी भी हालत में शराब का अवैध कारोबार नहीं पनपने दिया जाएगा।
कालागढ़ के रामगंगा नदी के खादर इलाके, भोगपुर, कुआखेड़ा आदि में अवैध शराब का कारोबार जमकर चल रहा है। वर्तमान में सहारनपुर आदि में अवैध शराब की वजह से हुई मौतों के बाद पुलिस-प्रशासन ने शराब माफिया के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है, जिसके चलते पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर अवैध शराब बनाने वालों का पता लगा रही है। पुलिस की छापेमारी के चलते शराब माफिया भूमिगत हो रहे हैं, हालांकि आबकारी टीम भी छापेमारी कर चुकी हैं। उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली है।वही कालागढ़ व बढ़ापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शराब की भट्ठियां तोड़ी र्गइं। लहन नष्ट किया गया। वहीं पुलिस के आने का पता लगते ही शराब कारोबारी फरार हो गए। पुलिस टीम उनकी तलाश में है। सीओ पुलिस कोटद्वार जोधराम जोशी ने बताया कि उत्तराखंड की सीमा से लगे थाना बढ़ापुर उत्तर प्रदेश की सीमा पर ग्राम भोगपुर व कुआखेड़ा और खदरी के जंगलों, खेतों तथा रामगंगा के किनारों पर दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर अवैध कच्ची शराब बनाने वाले क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान में थाना बढ़ापुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश से प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार, बेताब जावला, सद्दाम, विक्रांत, मुकेश, जयदेव, चालक महेश , थानाध्यक्ष कालागढ़ रियाज अहमद, बालाम सिंह, शमशेर, सहदेव, विमला नेगी तथा चालक कुलदीप रामगंगा नदी के खादर में पहुंचे। पुलिस टीम ने पांच अवैध भट्ठी ,कच्ची शराब बनाने के उपकरण और लगभग 800 लीटर लहन नष्ट किया। करीब 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की। कोई भी आरोपी मौके पर मौजूद नहीं मिला। वहीं सीओ अफजलगढ़ कृपा शंकर कन्नोजिया ने कहा कि भिक्कावाला तिराहा, कालागढ़ में पुलिस सक्रिय है।
धामपुर, स्योहारा व शेरकोट में छापेमारी से बच रही पुलिस
लोगों का कहना है कि पुलिस की ओर से धामपुर, शेरकोट, स्योहारा के देहात क्षेत्र में इतना बवाल मचने के बाद भी चेकिंग नहीं की जा रही है। यदि पुलिस चेकिंग करें, तो यहां पर बिक रही जहरीली शराब का अवैध जखीरा बरामद हो सकता है। क्षेत्र में कहां-कहां पर कौन-कौन लोग इस अवैध धंधे में लिप्त हैं। पुलिस कर्मचारियों को सब कुछ जानकारी है। सीओ धामपुर का कहना है कि उनके स्तर से सर्किल के सभी थानेदारों को निर्देशित कर दिया है कि वह पुलिस बल लेकर सघन छापेमारी करें। जहां पर जो भी अवैध कारोबार करता पकड़ में आए। उसे पकड़ कार्रवाई की जाए।
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शराब की दो भट्ठी नष्ट की
मंडावर में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान सोमवार रात भी जारी रहा। पुलिस ने देर रात गंगा पार छापामारी कर कच्ची शराब के साथ काफी मात्रा में लाहन नष्ट कराया। पुलिस ने शराब के साथ एक माफिया को दबोच लिया।
गांव मिर्जापुर के जगल में शराब की दो भट्टी चलती मिलीं। पुलिस ने शराब बना रहे रणतेज निवासी कोहरपुर को दबोच लिया। जबकि उसका साथी अशोक भाग निकला। पुलिस ने आरोपी शराब माफिया के पास से 30 लीटर कच्ची शराब, दो गैस के चूल्हे, शराब बनाने के उपकरण बरामद कर शराब बनाने के लिये रखा दो हजार लीटर लाहन बरामद किया। पुलिस ने लाहन को नष्ट करा दिया। छापामारी से शराब माफियाओं में हड़कंप रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक अशुंमाली भारती ने बताया कि आरोपी शराब माफिया का चलान कर दिया है। शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। क्षेत्र में शराब का कारोबार किसी को भी करने नहीं दिया जाएगा।
धामपुर में पुलिस और आबकारी विभाग कच्ची शराब के तस्करों का चक्रव्यूह तोड़ने में नाकाम साबित हो रहा है। सख्ती के बाद भी शराब तस्करी पर नकेल नहीं लग सकी है। तस्कर रातोंरात पुलिस और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंककर ठिकानों पर मौत का जाम पहुंचा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में कालागढ़ और अमानगढ़ वन क्षेत्र, खादर का इलाका कच्ची शराब के धंधे के लिए मुफीद माना जाता है। वन क्षेत्र होने की वजह से शराब का धंधा आसानी से चलता रहता है। शराब तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग की निगाहों से भी बचे रहते हैं। उत्तराखंड के आधा दर्जन बॉर्डर के गांव से भी शराब बेचने के लिए यूपी की शरण लेते हैं। जंगलों में मौत का जाम तैयार कर शराब माफिया यूपी के गांवों में सप्लाई करते हैं। किस गांव में कब शराब पहुंचनी है, इसका पूरा रोडमेप सिपाहियों के पास होता है। पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से गांव गांव शराब का जाम पहुंचा दिया जाता है। मंगलवार को पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त अभियान में कई गांव में छापेमारी हुई। लेकिन आरोपी टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। आबकारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार का कहना है कि शराब तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी है। टीम ने गांव तेलीपुरा, अमीनाबाद, बेरखेड़ा, सुआवाला, भूतपुरी, मेहसनपुर आदि में दबिश देकर 40 लीटर कच्ची शराब और 4000 किलोग्राम लहन नष्ट किया। मौके से आरोपी भाग निकले। शराब माफिया से संबंध रखने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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कालागढ़ के रामगंगा नदी के खादर इलाके, भोगपुर, कुआखेड़ा आदि में अवैध शराब का कारोबार जमकर चल रहा है। वर्तमान में सहारनपुर आदि में अवैध शराब की वजह से हुई मौतों के बाद पुलिस-प्रशासन ने शराब माफिया के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है, जिसके चलते पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर अवैध शराब बनाने वालों का पता लगा रही है। पुलिस की छापेमारी के चलते शराब माफिया भूमिगत हो रहे हैं, हालांकि आबकारी टीम भी छापेमारी कर चुकी हैं। उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली है।वही कालागढ़ व बढ़ापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शराब की भट्ठियां तोड़ी र्गइं। लहन नष्ट किया गया। वहीं पुलिस के आने का पता लगते ही शराब कारोबारी फरार हो गए। पुलिस टीम उनकी तलाश में है। सीओ पुलिस कोटद्वार जोधराम जोशी ने बताया कि उत्तराखंड की सीमा से लगे थाना बढ़ापुर उत्तर प्रदेश की सीमा पर ग्राम भोगपुर व कुआखेड़ा और खदरी के जंगलों, खेतों तथा रामगंगा के किनारों पर दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर अवैध कच्ची शराब बनाने वाले क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान में थाना बढ़ापुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश से प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार, बेताब जावला, सद्दाम, विक्रांत, मुकेश, जयदेव, चालक महेश , थानाध्यक्ष कालागढ़ रियाज अहमद, बालाम सिंह, शमशेर, सहदेव, विमला नेगी तथा चालक कुलदीप रामगंगा नदी के खादर में पहुंचे। पुलिस टीम ने पांच अवैध भट्ठी ,कच्ची शराब बनाने के उपकरण और लगभग 800 लीटर लहन नष्ट किया। करीब 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की। कोई भी आरोपी मौके पर मौजूद नहीं मिला। वहीं सीओ अफजलगढ़ कृपा शंकर कन्नोजिया ने कहा कि भिक्कावाला तिराहा, कालागढ़ में पुलिस सक्रिय है।
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धामपुर, स्योहारा व शेरकोट में छापेमारी से बच रही पुलिस
लोगों का कहना है कि पुलिस की ओर से धामपुर, शेरकोट, स्योहारा के देहात क्षेत्र में इतना बवाल मचने के बाद भी चेकिंग नहीं की जा रही है। यदि पुलिस चेकिंग करें, तो यहां पर बिक रही जहरीली शराब का अवैध जखीरा बरामद हो सकता है। क्षेत्र में कहां-कहां पर कौन-कौन लोग इस अवैध धंधे में लिप्त हैं। पुलिस कर्मचारियों को सब कुछ जानकारी है। सीओ धामपुर का कहना है कि उनके स्तर से सर्किल के सभी थानेदारों को निर्देशित कर दिया है कि वह पुलिस बल लेकर सघन छापेमारी करें। जहां पर जो भी अवैध कारोबार करता पकड़ में आए। उसे पकड़ कार्रवाई की जाए।
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शराब की दो भट्ठी नष्ट की
मंडावर में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान सोमवार रात भी जारी रहा। पुलिस ने देर रात गंगा पार छापामारी कर कच्ची शराब के साथ काफी मात्रा में लाहन नष्ट कराया। पुलिस ने शराब के साथ एक माफिया को दबोच लिया।
गांव मिर्जापुर के जगल में शराब की दो भट्टी चलती मिलीं। पुलिस ने शराब बना रहे रणतेज निवासी कोहरपुर को दबोच लिया। जबकि उसका साथी अशोक भाग निकला। पुलिस ने आरोपी शराब माफिया के पास से 30 लीटर कच्ची शराब, दो गैस के चूल्हे, शराब बनाने के उपकरण बरामद कर शराब बनाने के लिये रखा दो हजार लीटर लाहन बरामद किया। पुलिस ने लाहन को नष्ट करा दिया। छापामारी से शराब माफियाओं में हड़कंप रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक अशुंमाली भारती ने बताया कि आरोपी शराब माफिया का चलान कर दिया है। शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। क्षेत्र में शराब का कारोबार किसी को भी करने नहीं दिया जाएगा।
धामपुर में पुलिस और आबकारी विभाग कच्ची शराब के तस्करों का चक्रव्यूह तोड़ने में नाकाम साबित हो रहा है। सख्ती के बाद भी शराब तस्करी पर नकेल नहीं लग सकी है। तस्कर रातोंरात पुलिस और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंककर ठिकानों पर मौत का जाम पहुंचा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में कालागढ़ और अमानगढ़ वन क्षेत्र, खादर का इलाका कच्ची शराब के धंधे के लिए मुफीद माना जाता है। वन क्षेत्र होने की वजह से शराब का धंधा आसानी से चलता रहता है। शराब तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग की निगाहों से भी बचे रहते हैं। उत्तराखंड के आधा दर्जन बॉर्डर के गांव से भी शराब बेचने के लिए यूपी की शरण लेते हैं। जंगलों में मौत का जाम तैयार कर शराब माफिया यूपी के गांवों में सप्लाई करते हैं। किस गांव में कब शराब पहुंचनी है, इसका पूरा रोडमेप सिपाहियों के पास होता है। पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से गांव गांव शराब का जाम पहुंचा दिया जाता है। मंगलवार को पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त अभियान में कई गांव में छापेमारी हुई। लेकिन आरोपी टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। आबकारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार का कहना है कि शराब तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी है। टीम ने गांव तेलीपुरा, अमीनाबाद, बेरखेड़ा, सुआवाला, भूतपुरी, मेहसनपुर आदि में दबिश देकर 40 लीटर कच्ची शराब और 4000 किलोग्राम लहन नष्ट किया। मौके से आरोपी भाग निकले। शराब माफिया से संबंध रखने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।