{"_id":"6058c0b38ebc3e592071debe","slug":"rakesh-tikait-warns-of-jail-bharo-movement-on-twitter-after-bku-supporter-rucks-in-bijnor","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर में भाकियू कार्यकर्ताओं का हंगामा, राकेश टिकैत ने ट्विटर पर दी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर में भाकियू कार्यकर्ताओं का हंगामा, राकेश टिकैत ने ट्विटर पर दी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
Mon, 22 Mar 2021 09:37 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 22 Mar 2021 09:37 PM IST
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह पर के काफिले के सामने भाकियू नेताओं के काले झंडे दिखाकर हंगामा करने में हिरासत में लेने पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी कूद गए हैं। उन्होंने ट्विटर पर सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ने को कहा है। ऐसा न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाकियू कार्यकर्ताओं व नेताओं ने सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले के सामने हंगामा किया था और काले झंडे दिखाकर रोकने की कोशिश की। उनकी गाड़ी के शीशे पर कार्यकर्ताओं व नेताओं ने घूसे मारे। इस मामले में याकूब, उस्मान, राकेश प्रधान, अशोक कुमार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
पुलिस कार्यकर्ताओं को थाने ले आई। इसके विरोध में राकेश टिकैत ने ट्विट किया है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना उनका अधिकार है। बिजनौर में प्रदर्शन कर रहे युवाओं व किसानों को प्रशासन तुरंत रिहा करे अन्यथा जेल के फाटक खुले रखे। उन्होंने लिखा है कि कल (मंगलवार) को शहीदी दिवस पर और भी क्रांतिकारी आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू कार्यकर्ताओं व नेताओं ने सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले के सामने हंगामा किया था और काले झंडे दिखाकर रोकने की कोशिश की। उनकी गाड़ी के शीशे पर कार्यकर्ताओं व नेताओं ने घूसे मारे। इस मामले में याकूब, उस्मान, राकेश प्रधान, अशोक कुमार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
विज्ञापन
पुलिस कार्यकर्ताओं को थाने ले आई। इसके विरोध में राकेश टिकैत ने ट्विट किया है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना उनका अधिकार है। बिजनौर में प्रदर्शन कर रहे युवाओं व किसानों को प्रशासन तुरंत रिहा करे अन्यथा जेल के फाटक खुले रखे। उन्होंने लिखा है कि कल (मंगलवार) को शहीदी दिवस पर और भी क्रांतिकारी आ रहे हैं।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष सहित करीब 100 किसान हिरासत में
कार्यकर्ताओं की हिरासत के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता थाने के सामने इकट्ठा हो गए और धरना देकर बैठ गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह व सीओ कुलदीप गुप्ता ने उनसे बात की। भाकियू नेताओं ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर विरोध जताया। बाद में पुलिस ने भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह समेत करीब 100 नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने के सामने खड़ी दो बसों में बैठा लिया। इस दौरान थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया। वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में कार्यकर्ता और नेता प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा सरकार में किसी को प्रदर्शन करने का भी अधिकार नहीं है। किसानों को फसलों के दाम नहीं दिए जा रहे और नेता जिलों का दौरा कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को व उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने अफसरों से किसानों के खाने पीने का इंतजाम करने को कहा है। वे सभी जेल जाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन से कह दिया गया है कि अब जिले का किसान जेल भरो आंदोलन करेगा।
गाड़ी के शीशे पर मारे घूसे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले को रोकने के दौरान भाकियू के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी के शीशे पर घूसे मारे और पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिसवालों ने कई कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग कर पीछे हटाया पर इसके बाद भी वे नहीं माने। ये कार्यकर्ता काफिले को रोकने की कोशिश कर रहे थे। कई कार्यकर्ता गाड़ी के आगे आ गए। कार को धीमी कर लिया गया। भाकियू के विरोध को देखकर फिर तेजी से कार निकाल ली गई।
कार्यकर्ताओं की हिरासत के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता थाने के सामने इकट्ठा हो गए और धरना देकर बैठ गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह व सीओ कुलदीप गुप्ता ने उनसे बात की। भाकियू नेताओं ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर विरोध जताया। बाद में पुलिस ने भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह समेत करीब 100 नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने के सामने खड़ी दो बसों में बैठा लिया। इस दौरान थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया। वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में कार्यकर्ता और नेता प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा सरकार में किसी को प्रदर्शन करने का भी अधिकार नहीं है। किसानों को फसलों के दाम नहीं दिए जा रहे और नेता जिलों का दौरा कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को व उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने अफसरों से किसानों के खाने पीने का इंतजाम करने को कहा है। वे सभी जेल जाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन से कह दिया गया है कि अब जिले का किसान जेल भरो आंदोलन करेगा।
गाड़ी के शीशे पर मारे घूसे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के काफिले को रोकने के दौरान भाकियू के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी के शीशे पर घूसे मारे और पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिसवालों ने कई कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग कर पीछे हटाया पर इसके बाद भी वे नहीं माने। ये कार्यकर्ता काफिले को रोकने की कोशिश कर रहे थे। कई कार्यकर्ता गाड़ी के आगे आ गए। कार को धीमी कर लिया गया। भाकियू के विरोध को देखकर फिर तेजी से कार निकाल ली गई।