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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ने लगा है रामगंगा बांध का जलस्तर
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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ने लगा है रामगंगा बांध का जलस्तर
बिजनौर/कालागढ़। बारिश किसानों के लिए आफत बनती जा रही है। शनिवार को भी बारिश व ओलावृष्टि हुई। शाम होते होते फिर से बादल छा गए। पहाड़ों पर हो रही बारिश से कालागढ़ में रामगंगा बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
शुक्रवार रात को मौसम साफ था, लेकिन शनिवार सुबह फिर से बादल छा गए। करीब सात बजे तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गए। गन्ने की छिलाई तीन दिन से बंद है। गन्ने की बुवाई हर दिन की बारिश के साथ लेट होती जा रही है। ऐसा लग रहा है कि बारिश की वजह से इस बार मार्च में गन्ने की बुवाई शुरू ही नहीं हो पाएगी। खादर में खेतों में पानी भरने से किसान छिला गन्ना खेत से निकाल भी नहीं पा रहे हैं। शनिवार को मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन शाम होते होते फिर से बादल छा गए। किसान महकार सिंह, निरंकार सिंह का कहना है कि बारिश से परेशानी बढ़ती जा रही है। गन्ने की बुवाई लगातार पिछड़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है। शुक्रवार रात कालागढ़ में तेज बारिश हुई। बारिश के साथ करीब एक घंटे तक ओला पड़ा। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश का असर बांध के जलस्तर पर पड़ रहा है। शनिवार को बांध का जलस्तर 351.490 मीटर हो गया, जबकि शुक्रवार को यह 351.410 मीटर था। हालांकि जलस्तर बढ़ने से कोई नुकसान नहीं होगा। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश जारी है। बारिश व ओले के कारण खेतों में गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भर गया है। बारिश के कारण गुड़ व्यवसाय पर असर पड़ा है। कोल्हुओं पर कामकाज बंद है, जिससे गुड़ नहीं बन रहा है।
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बिजनौर/कालागढ़। बारिश किसानों के लिए आफत बनती जा रही है। शनिवार को भी बारिश व ओलावृष्टि हुई। शाम होते होते फिर से बादल छा गए। पहाड़ों पर हो रही बारिश से कालागढ़ में रामगंगा बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
शुक्रवार रात को मौसम साफ था, लेकिन शनिवार सुबह फिर से बादल छा गए। करीब सात बजे तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गए। गन्ने की छिलाई तीन दिन से बंद है। गन्ने की बुवाई हर दिन की बारिश के साथ लेट होती जा रही है। ऐसा लग रहा है कि बारिश की वजह से इस बार मार्च में गन्ने की बुवाई शुरू ही नहीं हो पाएगी। खादर में खेतों में पानी भरने से किसान छिला गन्ना खेत से निकाल भी नहीं पा रहे हैं। शनिवार को मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन शाम होते होते फिर से बादल छा गए। किसान महकार सिंह, निरंकार सिंह का कहना है कि बारिश से परेशानी बढ़ती जा रही है। गन्ने की बुवाई लगातार पिछड़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है। शुक्रवार रात कालागढ़ में तेज बारिश हुई। बारिश के साथ करीब एक घंटे तक ओला पड़ा। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश का असर बांध के जलस्तर पर पड़ रहा है। शनिवार को बांध का जलस्तर 351.490 मीटर हो गया, जबकि शुक्रवार को यह 351.410 मीटर था। हालांकि जलस्तर बढ़ने से कोई नुकसान नहीं होगा। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश जारी है। बारिश व ओले के कारण खेतों में गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भर गया है। बारिश के कारण गुड़ व्यवसाय पर असर पड़ा है। कोल्हुओं पर कामकाज बंद है, जिससे गुड़ नहीं बन रहा है।
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