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कानपुर की डिटर्जेंट कंपनी ने मारा छापा
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नजीबाबाद में किराना प्रतिष्ठान पर जांच करते डिटर्जेंट कंपनी के प्रतिनिधि।
- फोटो : NAZIBABAD
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नकली डिटर्जेंट बेचने के आरोप में मारा छापा
नजीबाबाद। कानपुर से आए एक डिटर्जेंट कंपनी प्रतिनिधियों ने किराना कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने नकली डिटर्जेंट की 18 थैली कब्जे में लेकर सील कीं।
कानपुर की एक डिटर्जेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाजार कल्लूगंज क्षेत्र में सुनील कुमार एंड संस प्रतिष्ठान पर छापा मारा। कंपनी प्रतिनिधियों का आरोप था कि प्रतिष्ठान उनके ब्रांड के नाम से नकली डिटर्जेंट पाउडर तैयार करता है। प्रतिष्ठान से एक किलो के 18 डिटर्जेंट पैकेट नकली बताते हुए कब्जे में ले लिए।
कारोबारी मनीष आर्य का कहना है कि वितरक उन्हें डिटर्जेंट उपलब्ध कराता है। उनके प्रतिष्ठान द्वारा डिटर्जेंट तैयार नहीं किया जाता। कंपनी प्रतिनिधियों ने वितरक से संपर्क किया तो उसने मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया।
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उधर नगर के कारोबारियों संजीव अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, कमल बंधु, अनुज अग्रवाल आदि ने कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा कारोबारी के यहां मारे गए छापे पर आपत्ति व्यक्त की। उनका कहना था कि नकली डिटर्जेंट बनाने का सामान आदि न मिलने और बरामद डिटर्जेंट वितरक द्वारा उपलब्ध कराने के बावजूद कंपनी द्वारा कारोबारी पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
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नजीबाबाद। कानपुर से आए एक डिटर्जेंट कंपनी प्रतिनिधियों ने किराना कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने नकली डिटर्जेंट की 18 थैली कब्जे में लेकर सील कीं।
कानपुर की एक डिटर्जेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाजार कल्लूगंज क्षेत्र में सुनील कुमार एंड संस प्रतिष्ठान पर छापा मारा। कंपनी प्रतिनिधियों का आरोप था कि प्रतिष्ठान उनके ब्रांड के नाम से नकली डिटर्जेंट पाउडर तैयार करता है। प्रतिष्ठान से एक किलो के 18 डिटर्जेंट पैकेट नकली बताते हुए कब्जे में ले लिए।
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कारोबारी मनीष आर्य का कहना है कि वितरक उन्हें डिटर्जेंट उपलब्ध कराता है। उनके प्रतिष्ठान द्वारा डिटर्जेंट तैयार नहीं किया जाता। कंपनी प्रतिनिधियों ने वितरक से संपर्क किया तो उसने मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया।
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उधर नगर के कारोबारियों संजीव अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, कमल बंधु, अनुज अग्रवाल आदि ने कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा कारोबारी के यहां मारे गए छापे पर आपत्ति व्यक्त की। उनका कहना था कि नकली डिटर्जेंट बनाने का सामान आदि न मिलने और बरामद डिटर्जेंट वितरक द्वारा उपलब्ध कराने के बावजूद कंपनी द्वारा कारोबारी पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।