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जिले में बनी ‘क्वालिटी मानिटरिंग सेल’
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जिले में बनी ‘क्वालिटी मानिटरिंग सेल’
बिजनौर। शासन माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर सख्त हो गया है। इसके लिए जिला स्तर पर क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन किया गया है। सेल राजकीय अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में जाकर छात्रों की पढ़ाई, सांस्कृतिक गतिविधियों को परखेगी। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को मिले निर्देशों पर अमल शुरू हो गया है।
जिले में 387 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 32 राजकीय, 73 सहायता प्राप्त विद्यालय है। अभिभावक, छात्र संगठन समय-समय पर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर का मामला विभिन्न मंचों पर उठाते रहे हैं। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है, इसके लिए डीआईओएस राजेश कुमार की अध्यक्षता में जिला क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन हुआ है। जीआईसी बिजनौर के प्रधानाचार्य सुभाष चंद सचिव, डॉ. निशांत यादव, संगीता गुप्ता, शर्मिला, सुधांशु वत्स सदस्य हैं। डीआईओएस ने बताया कि जनपद स्तरीय सेल चार टीमों का गठन करेगी। प्रत्येक टीम 15 दिन में कम से कम दो स्कूलों का निरीक्षण करेगी। टीम कम से कम दो तीन घंटे लगाकर विद्यालय में पठन पाठन तथा छात्रों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का अध्ययन करेगी। टीम कक्षाओं में जाकर छात्रों से बात करके पढ़ाई का फीडबैक लेगी। जिला क्वालिटी कंट्रोल टीम की पाक्षिक बैठक होगी। निरीक्षण आख्या हर माह की एक और 16 तारीख को मंडलीय मानिटरिंग सेल को भेजी जाएगी। डीआईओएस के मुताबिक अनेक विद्यालयों में प्रयोगशाला, वाचनालय, खेल कूद का सामान आदि मूलभूत सुविधाएं नहीं होने की शिकायत आती हैं। यदि टीम को निरीक्षण में इस तरह की कमियां मिलती हैं तो संबंधित विद्यालय द्वारा सुधार नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की होगी कॅरियर काउंसलिंग
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अब छात्र-छात्राओं की जिला एवं विद्यालय स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग होगी। शिक्षाविद तथा मनोवैज्ञानिक छात्रों की प्रतिभा, रुचि को परखेंगे। छात्रों से वन टु वन संवाद करके उच्च या तकनीकी शिक्षा के लिए गाइडलाइंस देंगे। जिला स्तर पर कॅरियर काउंसिल कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो कार्य योजना तैयार करके विद्यालयों में लागू करेगी। बताया कि अध्यापक पुरस्कार हेतु विद्यालयों में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्य व शिक्षकों का तय मानकों के आधार पर डेटाबेस तैयार होगा।
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‘वित्त विहीन विद्यालयों की भी हो निगरानी’
बिजनौर। अभिभावकों ने माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए बनी जिला क्वालिटी मानिटरिंग सेल का दायरा बढ़ाने की मांग की है। बलराम सिंह, गिरीराज सिंह, डीपी सिंह, नरेंद्र पाल वर्मा आदि के मुताबिक जिले में वित्त विहीन विद्यालय करीब 275 हैं। ये विद्यालय ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में हैं। आरोप है कि अनेक विद्यालयों में पढ़ाई लिखाई, खेल कूद की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा सुधार के लिए वित्त विहीन विद्यालयों की निगरानी जरूरी है।
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बिजनौर। शासन माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर सख्त हो गया है। इसके लिए जिला स्तर पर क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन किया गया है। सेल राजकीय अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में जाकर छात्रों की पढ़ाई, सांस्कृतिक गतिविधियों को परखेगी। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को मिले निर्देशों पर अमल शुरू हो गया है।
जिले में 387 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 32 राजकीय, 73 सहायता प्राप्त विद्यालय है। अभिभावक, छात्र संगठन समय-समय पर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर का मामला विभिन्न मंचों पर उठाते रहे हैं। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है, इसके लिए डीआईओएस राजेश कुमार की अध्यक्षता में जिला क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन हुआ है। जीआईसी बिजनौर के प्रधानाचार्य सुभाष चंद सचिव, डॉ. निशांत यादव, संगीता गुप्ता, शर्मिला, सुधांशु वत्स सदस्य हैं। डीआईओएस ने बताया कि जनपद स्तरीय सेल चार टीमों का गठन करेगी। प्रत्येक टीम 15 दिन में कम से कम दो स्कूलों का निरीक्षण करेगी। टीम कम से कम दो तीन घंटे लगाकर विद्यालय में पठन पाठन तथा छात्रों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का अध्ययन करेगी। टीम कक्षाओं में जाकर छात्रों से बात करके पढ़ाई का फीडबैक लेगी। जिला क्वालिटी कंट्रोल टीम की पाक्षिक बैठक होगी। निरीक्षण आख्या हर माह की एक और 16 तारीख को मंडलीय मानिटरिंग सेल को भेजी जाएगी। डीआईओएस के मुताबिक अनेक विद्यालयों में प्रयोगशाला, वाचनालय, खेल कूद का सामान आदि मूलभूत सुविधाएं नहीं होने की शिकायत आती हैं। यदि टीम को निरीक्षण में इस तरह की कमियां मिलती हैं तो संबंधित विद्यालय द्वारा सुधार नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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छात्रों की होगी कॅरियर काउंसलिंग
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अब छात्र-छात्राओं की जिला एवं विद्यालय स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग होगी। शिक्षाविद तथा मनोवैज्ञानिक छात्रों की प्रतिभा, रुचि को परखेंगे। छात्रों से वन टु वन संवाद करके उच्च या तकनीकी शिक्षा के लिए गाइडलाइंस देंगे। जिला स्तर पर कॅरियर काउंसिल कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो कार्य योजना तैयार करके विद्यालयों में लागू करेगी। बताया कि अध्यापक पुरस्कार हेतु विद्यालयों में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्य व शिक्षकों का तय मानकों के आधार पर डेटाबेस तैयार होगा।
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‘वित्त विहीन विद्यालयों की भी हो निगरानी’
बिजनौर। अभिभावकों ने माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए बनी जिला क्वालिटी मानिटरिंग सेल का दायरा बढ़ाने की मांग की है। बलराम सिंह, गिरीराज सिंह, डीपी सिंह, नरेंद्र पाल वर्मा आदि के मुताबिक जिले में वित्त विहीन विद्यालय करीब 275 हैं। ये विद्यालय ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में हैं। आरोप है कि अनेक विद्यालयों में पढ़ाई लिखाई, खेल कूद की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा सुधार के लिए वित्त विहीन विद्यालयों की निगरानी जरूरी है।