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बारिश में भीगे धान को नहीं खरीद रहे क्रय केंद्र
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Purchasing centers are not buying paddy soaked in rain
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बारिश में भीगे धान को नहीं खरीद रहे क्रय केंद्र
अफजलगढ़। क्षेत्र में पिछले दिनों हुई वर्षा के चलते किसानों का धान भीग गया था। इस धान को सरकारी केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा है। किसानों ने अधिकारियों से क्रय केंद्रों पर सभी प्रकार के धान की खरीद कराने की मांग की है।
किसान दर्शन सिंह फौजी, मुख्तियार सिंह, अवधेश सिंह, जितेंद्र सिंह, जगदीप सिंह, रंजीत सिंह, जीत सिंह, सुखजीत सिंह आदि का कहना है कि धान क्रय केंद्र संचालक और विभागीय अधिकारी चावल मिल वालों से मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। उनका क्रय केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जा रहा है। खेतों में बारिश के दौरान भीगे धान का खराब बताया जा रहा है। अन्य धान को भी 25 से 50 प्रतिशत तक खराब बताया जा रहा है। वहीं, चावल मिल मालिक इस धान को कम कीमत पर खरीद रहे हैं और मिलीभगत कर बिल अधिक बना लेते हैं। संबंधित अधिकारियों से मिलकर किसानों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। किसान अपना धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनका शोषण बंद नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं, एसएमआई सतवीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बारह धान क्रय केंद्र संचालित हैं। सभी पर तौल सुचारु है। किसानों का आरोप गलत है, जो धान मानक के अनुरूप आ रहा है, उसकी तौल की जा रही है।
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अफजलगढ़। क्षेत्र में पिछले दिनों हुई वर्षा के चलते किसानों का धान भीग गया था। इस धान को सरकारी केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा है। किसानों ने अधिकारियों से क्रय केंद्रों पर सभी प्रकार के धान की खरीद कराने की मांग की है।
किसान दर्शन सिंह फौजी, मुख्तियार सिंह, अवधेश सिंह, जितेंद्र सिंह, जगदीप सिंह, रंजीत सिंह, जीत सिंह, सुखजीत सिंह आदि का कहना है कि धान क्रय केंद्र संचालक और विभागीय अधिकारी चावल मिल वालों से मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। उनका क्रय केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जा रहा है। खेतों में बारिश के दौरान भीगे धान का खराब बताया जा रहा है। अन्य धान को भी 25 से 50 प्रतिशत तक खराब बताया जा रहा है। वहीं, चावल मिल मालिक इस धान को कम कीमत पर खरीद रहे हैं और मिलीभगत कर बिल अधिक बना लेते हैं। संबंधित अधिकारियों से मिलकर किसानों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। किसान अपना धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनका शोषण बंद नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं, एसएमआई सतवीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बारह धान क्रय केंद्र संचालित हैं। सभी पर तौल सुचारु है। किसानों का आरोप गलत है, जो धान मानक के अनुरूप आ रहा है, उसकी तौल की जा रही है।
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