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Bijnor News: बिजनौर - लहलहाएंगी पीयू 09, 07 उड़द की उन्नत प्रजाति

Fri, 11 Aug 2023 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 11 Aug 2023 12:32 AM IST
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PU 09, 07 advanced species of urad will flourish in the fields of the district
- जनपद में पहली बार हो रही इन प्रजातियों की बुवाई
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- कम लागत व कम समय में उत्पादन वाली है यह फसल
आंकड़ों पर नजर
- 2693 हेक्टेयर बुवाई का लक्ष्य
- 2389 हेक्टेयर हुई उड़द की बुवाई
- 12 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद में पहली बार उड़द की दो उन्नत प्रजातियों की किसान बुवाई कर रहे हैं। उड़द की पंत उड़द (पीयू) प्रजाति 09 और पीयू 07 उड़द का पौधा और उत्पादन अच्छी प्रजातियां हैं। दोनों प्रजातियों का औसतन उत्पादन 12 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हैं। बाजार में दोनों प्रजातियों की मांग अच्छी होने से किसान को मूल्य भी अच्छा मिलेगा।
कृषि व उद्यान विभाग की ओर से किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग की उड़द की बुवाई का लक्ष्य 2693 हेक्टेयर है। अभी तक 2389 हेक्टेयर की बुवाई हो गई है। बारिश होने से थोड़ी बुवाई प्रभावित हुई है। उड़द की बुवाई का समय 15 अगस्त तक है। कृषि विभाग की ओर से जिले में पहली बार उड़द की पीयू 09 और 07 उन्नत प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया गया है। कृषि विभाग की ओर से इस उन्नत बीज समेत अन्य प्रजातियों के बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है। यह बीज सरकारी फार्मों पर तैयार किया गया। इनका औसतन उत्पादन 12 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा है।
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कम लागत में अधिक उत्पादन


विषय विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि उड़द की फसल में लागत कम रहती और 50 से 60 दिन में फसल पक जाती है। मौसम अनुकूल रहे तो उड़द का उत्पादन बहुत अच्छा होता है। इस फसल को पानी की कम आवश्यकता होती है। बारिश ज्यादा होने पर खेत पानी न रुकने दें।जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया का कहना है कि दोनाें बीज जिले में पहली बार किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं। उड़द की दोनों प्रजातियों का उत्पादन भी अच्छा है। उप कृषि निदेशक गिरीशचंद का कहना है कि किसानों को दलहन, तिलहन आदि की खेती करनी चाहिए। उड़द की फसल साल में दो बार ली जा सकती है। कम लागत में अच्छा उत्पादन और ये किसानों के लिए नकदी फसल है।
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