बिजनौर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में जिला मुख्यालय पर हुंकार भरी। इंदिरा बाल भवन में सभा के बाद नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान इंदिरा बाल भवन से लेकर कलक्ट्रेट तक जाम के हालात बने रहे। कलक्ट्रेट में दिए ज्ञापन में सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने, 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को उनकी निर्धारित अर्हता के अनुसार कार्य करने देने की मांग की गई। इससे पूर्व इंदिरा बाल भवन में हुई सभा में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने कहा कि किसी भी शिक्षक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक किसी भी प्रकार की परीक्षा नहीं देंगे। मंत्री प्रशांत सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांत उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल मालिक ने कहा कि शिक्षक महासभा के नेतृत्व में शिक्षकों की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा। जिला उपाध्यक्ष कामेंद्र सिंह टिकैत, असीम चौहान, संगठन मंत्री विपिन कुमार शर्मा, रुपेश चौधरी, देवेंद्र शर्मा, तरनजीत कौर मलिक, अरविंद चौधरी, विनोद कुमार, सुधीर यादव, राहुल राठी, प्रदीप शर्मा, गर्वित चौधरी, गिरिराज सिंह सहित बड़ी तादाद में शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रदर्शन में शामिल हुए। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष, संचालन जिलामंत्री प्रशांत सिंह व नितिन चौहान ने संयुक्त रूप से किया।