{"_id":"5bd9f5a8bdec22697652ae17","slug":"property-will-be-acquired-by-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराध से अर्जित की गई संपत्ति होगी कुर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराध से अर्जित की गई संपत्ति होगी कुर्क
बिजनौर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
arrest
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर। गिरोहबंद बदमाशों के खिलाफ अब जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। बदमाशों की अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क की जाएंगी और बैंक खाते भी सीज किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने जिले में 64 गिरोह के 251 बदमाशों को चिह्नित किया है। बदमाश घटनाओं को अंजाम देने के बाद जमानत पर छूट कर फिर से अपराधों को अंजाम देते हैं। इन अपराधों से वे काफी संपत्ति भी अर्जित करते हैं।
बदमाशों को संपत्ति अर्जित करते देख दूसरे लोग भी जरायम की दुनिया में कदम रखने लगे हैं। बदमाशों पर कड़ी लगाम लगाने के लिए अब प्रशासन उनकी अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को कुर्क करेगा। इसके लिए प्रशासन ने जिले के 64 गिरोहों को चिह्नित किया है। इनमें 64 सरगना और 187 साथी बदमाश शामिल हैं।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किसी व्यक्ति के कब्जे में स्थित कोई ऐसी संपत्ति चाहे वह जंगम या स्थावर गिरोहबंद के द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14 व 15 के अंतर्गत विचारणीय किसी अपराध कार्य से अर्जित की गई हैं को कुर्क करने का आदेश दिया जा सकता है। संहिता के उपबंधों के होते हुए भी डीएम द्वारा उपधारा एक के अधीन कुर्क की गई किसी संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है।
विज्ञापन
प्रशासक को ऐसी संपत्ति के सर्वोत्तम हित में उसका प्रबंध करने की सभी शक्तियां होंगी। प्रशासन द्वारा चिह्नित बदमाशों के बारे में बैंकर्स से भी उनके खातों की डिटेल मांगी गई है। साथ ही बदमाशों के खातों के संचालन पर रोक लगाने को कहा है। डीएम अटल कुमार राय ने इस कार्य में जनता से सहयोग मांगा है।
विज्ञापन
बदमाशों को संपत्ति अर्जित करते देख दूसरे लोग भी जरायम की दुनिया में कदम रखने लगे हैं। बदमाशों पर कड़ी लगाम लगाने के लिए अब प्रशासन उनकी अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को कुर्क करेगा। इसके लिए प्रशासन ने जिले के 64 गिरोहों को चिह्नित किया है। इनमें 64 सरगना और 187 साथी बदमाश शामिल हैं।
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किसी व्यक्ति के कब्जे में स्थित कोई ऐसी संपत्ति चाहे वह जंगम या स्थावर गिरोहबंद के द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14 व 15 के अंतर्गत विचारणीय किसी अपराध कार्य से अर्जित की गई हैं को कुर्क करने का आदेश दिया जा सकता है। संहिता के उपबंधों के होते हुए भी डीएम द्वारा उपधारा एक के अधीन कुर्क की गई किसी संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है।
विज्ञापन
प्रशासक को ऐसी संपत्ति के सर्वोत्तम हित में उसका प्रबंध करने की सभी शक्तियां होंगी। प्रशासन द्वारा चिह्नित बदमाशों के बारे में बैंकर्स से भी उनके खातों की डिटेल मांगी गई है। साथ ही बदमाशों के खातों के संचालन पर रोक लगाने को कहा है। डीएम अटल कुमार राय ने इस कार्य में जनता से सहयोग मांगा है।