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जनवरी से चल रही थी मुथूट फाइनेंस में लूट की तैयारी
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जनवरी से चल रही थी मुथूट फाइनेंस में लूट की तैयारी
बिजनौर। मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाशों ने मुथूट फाइनेंस में लूट करने का ताना बाना जनवरी माह में बुना था। पहली बार जनवरी माह में ही दोनों बदमाश एक साथ बिजनौर आए थे। इसके बाद भी ये बदमाश बिजनौर आते जाते रहे। इसी बीच मुथूट फाइनेंस में रैकी भी की गई।
रंजीत को अमजद जनवरी माह में साथ लेकर बिजनौर आया था। तभी से मुथूट फाइनेंस इन बदमाशों के निशाने पर था। पकड़े गए रंजीत ने पुलिस को बताया कि जब वे पहली बार बिजनौर आया था तभी मुथूट फाइनेंस में लूट का ताना बाना बुन लिया गया था, लेकिन मौका नहीं मिलने के कारण घटना को अंजाम नहीं दे पाए थे। इसके बाद जब भी अमजद की पत्नी बिजनौर मायके आई तब वे भी बिजनौर आते जाते रहे। बकरीद पर दस दिन पहले वे भी बिजनौर आए और मुथूट फाइनेंस में लूट करने के लिए रैकी की थी। उन्हें मालूम था कि मुथूट फाइनेंस में बड़ी मात्रा में सोना है। अकेला रंजीत उसे लूटकर ले जाएगा। इसी प्लान के तहत ही रंजीत लूट करने के लिए मुथूट फाइनेंस के कार्यालय में गया था, लेकिन दांव नहीं लगने के कारण उसे भागना पड़ा।
गैंग का सरगना रंजीत शातिर किस्म का अपराधी है। पुलिस के मुताबिक एनएसजी में कमांडो रहते हुए रंजीत मादक पदार्थों की तस्करी में लगा था। चोरी छिपे उसका यह खेल चल रहा था। दस साल पहले मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में पकड़े जाने पर उसे एनएसजी से बर्खास्त किया गया था। तब से वह अपना गैंग बनाकर लूट की घटना शुरू कर दीं। पुलिस अब गैंग से जुड़े मददगारों को खंगालने में जुट गई है। पुलिस को शक है कि गैंग के संपर्क में कई और लोग भी हैं। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। उधर, डकैती के मामले में रंजीत से पूछताछ करके गई अमृतसर की सिविल लाइन पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी करने में जुटी है। जल्द ही पुलिस रंजीत को रिमांड पर लेकर कई और राज उगलवा सकती है।
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बिजनौर। मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाशों ने मुथूट फाइनेंस में लूट करने का ताना बाना जनवरी माह में बुना था। पहली बार जनवरी माह में ही दोनों बदमाश एक साथ बिजनौर आए थे। इसके बाद भी ये बदमाश बिजनौर आते जाते रहे। इसी बीच मुथूट फाइनेंस में रैकी भी की गई।
रंजीत को अमजद जनवरी माह में साथ लेकर बिजनौर आया था। तभी से मुथूट फाइनेंस इन बदमाशों के निशाने पर था। पकड़े गए रंजीत ने पुलिस को बताया कि जब वे पहली बार बिजनौर आया था तभी मुथूट फाइनेंस में लूट का ताना बाना बुन लिया गया था, लेकिन मौका नहीं मिलने के कारण घटना को अंजाम नहीं दे पाए थे। इसके बाद जब भी अमजद की पत्नी बिजनौर मायके आई तब वे भी बिजनौर आते जाते रहे। बकरीद पर दस दिन पहले वे भी बिजनौर आए और मुथूट फाइनेंस में लूट करने के लिए रैकी की थी। उन्हें मालूम था कि मुथूट फाइनेंस में बड़ी मात्रा में सोना है। अकेला रंजीत उसे लूटकर ले जाएगा। इसी प्लान के तहत ही रंजीत लूट करने के लिए मुथूट फाइनेंस के कार्यालय में गया था, लेकिन दांव नहीं लगने के कारण उसे भागना पड़ा।
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गैंग का सरगना रंजीत शातिर किस्म का अपराधी है। पुलिस के मुताबिक एनएसजी में कमांडो रहते हुए रंजीत मादक पदार्थों की तस्करी में लगा था। चोरी छिपे उसका यह खेल चल रहा था। दस साल पहले मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में पकड़े जाने पर उसे एनएसजी से बर्खास्त किया गया था। तब से वह अपना गैंग बनाकर लूट की घटना शुरू कर दीं। पुलिस अब गैंग से जुड़े मददगारों को खंगालने में जुट गई है। पुलिस को शक है कि गैंग के संपर्क में कई और लोग भी हैं। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। उधर, डकैती के मामले में रंजीत से पूछताछ करके गई अमृतसर की सिविल लाइन पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी करने में जुटी है। जल्द ही पुलिस रंजीत को रिमांड पर लेकर कई और राज उगलवा सकती है।
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