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अगले पेराई सत्र के लिए तैयारी शुरू
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अगले पेराई सत्र के लिए तैयारी शुरू
बिजनौर। जिले में लगातार बढ़ते गन्ना रकबे और पैदावार को देखते हुए मिलें इस साल चौकस हो गई हैं। मिल बंद होने के तुरंत बाद ही मिलों ने अगले पेराई सत्र के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मिलों में मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। गन्ना सर्वे का कार्य भी खेतों में किया जा रहा है। बीता पेराई सत्र बहुत लंबा खिंचने से चीनी मिलों और किसानों दोनों को पेरशानी उठानी पड़ी थी।
जिले की चीनी मिलों ने पेराई सत्र क्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कर दिया था। मिलों ने गन्ने को देखते हुए जल्दी ही पेराई शुरू की थी लेकिन खेतों में निकली बंपर पैदावार के सामने चीनी मिलों की तैयारी धरी रह गई। चीनी मिलों में गन्ना पेराई के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही। किसानों के पास गन्ना पर्ची तक कम पड़ गई। पेराई सत्र जून तक चला। किसानों में आपस में ही चीनी मिलों में गन्ना पेराई के लिए मारामारी मची रही। मिलों में पिछले सीजन में मची मारामारी को देखते हुए चीनी मिलों ने पेराई सत्र खत्म होते ही अगले पेराई सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। सभी मिलों ने अपने यहां मशीनों का मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। अगला पेराई सत्र पिछले साल से भी पहले शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
-- 2019-20 में गन्ना पेराई
चीनी मिल गन्ना चीनी
धामपुर 236 25.40
स्योहारा 214 24.39
बिलाई 146.47 18.10
बहादरपुर 119.47 14.81
बरकातपुर 141.11 15.90
बुंदकी 128.10 14.50
चांदपुर 64.44 7.44
बिजनौर 40.33 4.40
नजीबाबाद 50.61 6.22
नोट:आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। गन्ने और चीनी की मात्रा लाख क्विंटल में हैं।
पांच साल का गन्ना पैदावार और कमाई
साल पैदावार मूल्य
2015-16 7.47 2100
2016-17 8.94 2761
2017-18 10.66 3419
2018-19 9.77 3036
2019-20 11.40 3655
नोट:गन्ने के आंकड़े करोड़ क्विंटल व मूल्य करोड़ रुपये में है।
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी का कहना है कि इस बार गन्ना रकबा बढ़ने का अनुमान है। इसी को देखते हुए आगामी पेराई सत्र में चीनी मिल जल्दी चलाने की तैयारी की जा रही है। मिल में मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
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बिजनौर। जिले में लगातार बढ़ते गन्ना रकबे और पैदावार को देखते हुए मिलें इस साल चौकस हो गई हैं। मिल बंद होने के तुरंत बाद ही मिलों ने अगले पेराई सत्र के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मिलों में मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। गन्ना सर्वे का कार्य भी खेतों में किया जा रहा है। बीता पेराई सत्र बहुत लंबा खिंचने से चीनी मिलों और किसानों दोनों को पेरशानी उठानी पड़ी थी।
जिले की चीनी मिलों ने पेराई सत्र क्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कर दिया था। मिलों ने गन्ने को देखते हुए जल्दी ही पेराई शुरू की थी लेकिन खेतों में निकली बंपर पैदावार के सामने चीनी मिलों की तैयारी धरी रह गई। चीनी मिलों में गन्ना पेराई के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी रही। किसानों के पास गन्ना पर्ची तक कम पड़ गई। पेराई सत्र जून तक चला। किसानों में आपस में ही चीनी मिलों में गन्ना पेराई के लिए मारामारी मची रही। मिलों में पिछले सीजन में मची मारामारी को देखते हुए चीनी मिलों ने पेराई सत्र खत्म होते ही अगले पेराई सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। सभी मिलों ने अपने यहां मशीनों का मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। अगला पेराई सत्र पिछले साल से भी पहले शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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-- 2019-20 में गन्ना पेराई
चीनी मिल गन्ना चीनी
धामपुर 236 25.40
स्योहारा 214 24.39
बिलाई 146.47 18.10
बहादरपुर 119.47 14.81
बरकातपुर 141.11 15.90
बुंदकी 128.10 14.50
चांदपुर 64.44 7.44
बिजनौर 40.33 4.40
नजीबाबाद 50.61 6.22
नोट:आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। गन्ने और चीनी की मात्रा लाख क्विंटल में हैं।
पांच साल का गन्ना पैदावार और कमाई
साल पैदावार मूल्य
2015-16 7.47 2100
2016-17 8.94 2761
2017-18 10.66 3419
2018-19 9.77 3036
2019-20 11.40 3655
नोट:गन्ने के आंकड़े करोड़ क्विंटल व मूल्य करोड़ रुपये में है।
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी का कहना है कि इस बार गन्ना रकबा बढ़ने का अनुमान है। इसी को देखते हुए आगामी पेराई सत्र में चीनी मिल जल्दी चलाने की तैयारी की जा रही है। मिल में मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
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