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मोहंडिया में है नर गुलदार, उसेआकर्षित शरने को मंगवाया मादा गुलदार का मूत्र
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गुलदार को आकर्षित कर पिंजरे में फंसाने की तैयारी
मंडावर(बिजनौर)। गांव मोहंडिया में मादा नहीं बल्कि नर गुलदार खेतों में ठिकाना बनाए हुए है। गुलदार को आकर्षित करके पकड़ने के लिए अब वन विभाग ने मादा गुलदार का मूत्र मंगवाया है। इसे पिंजरों पर छिड़का जा रहा है। साथ ही पिंजरों के पास लगे ट्रैप कैमरों को वहां से हटवाया जा रहा है। ट्रैप कैमरे की फ्लैश से गुलदार के पिंजरों की ओर न जाने का कयास लगाया जा रहा है।
गांव मोहंडिया के जंगल में 26 दिसंबर को शफीक को मारने के बाद से गुलदार ने खेतों में ठिकाना बना रखा है। शुरूआत में खेतों में मादा गुलदार के पंजों के निशान मिले थे। हालांकि निशान स्पष्ट नहीं थे। वन विभाग के अफसर मान रहे थे कि खेतों में मादा गुलदार है, लेकिन अब खेतों में नर गुलदार के पंजों के स्पष्ट निशान मिल रहे हैं। ट्रैप कैमरों में कैद फोटो में भी गुलदार देखने में नर लग रहा है। पांच जनवरी को नर गुलदार के निशान मिले थे। रविवार व सोमवार को दो दिन लगातार गुलदार वन विभाग के ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। कद काठी के हिसाब से गुलदार एक ही है। नर गुलदार को पकड़ने के लिए कानपुर चिड़ियाघर से मादा गुलदार का छह लीटर मूत्र मंगवाया गया है। यह मूत्र पिंजरों पर छिड़का जा रहा है। अफसरों के अनुसार मादा गुलदार के मूत्र की तीव्र गंध गुलदार को अपने इलाके की हिफाजत करने या उससे प्रणय करने के लिए आकर्षित करेगी। सोमवार रात गुलदार दो बार ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। माना जा रहा है कि गुलदार या अन्य जीव के कैमरे के सामने से निकलने पर ट्रैप कैमरा फ्लैश चमकाकर फोटो खींचता है। इससे गुलदार चौकन्ना हो जाता होगा और पिंजरे की ओर नहीं जाता होगा, इसलिए पिंजरों के पास से ट्रैप कैमरे भी हटाए जा रहे हैं।
वहीं गुलदार ने बस स्टैंड के पास आम के बाग में एक कुत्ते को निवाला बनाया है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक गांव मोहंडिया के जंगल में नर गुलदार है। उसे आकर्षित करने को पिंजरों में मादा गुलदार का मूत्र छिड़कवाया गया है। गुलदार के जल्दी पकड़े जाने की पूरी उम्मीद है।
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तिमरपुर में गुलदार दिखा
चंदक। गांव खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर के पूर्व प्रधान सुभाष सिंह का हजीपुरा-डेरियो गांव वाली सड़क पर खेत है। मंगलवार सुबह उनके पास काम करने वाला मुस्तकीम नलकूप चलाने के लिए गया था। मुस्तकीम नलकूप को चलाकर जैसे ही कोठरी के बाहर निकला तो सामने खेत में गुलदार खड़ा था। गुलदार को देखते ही मुस्तकीम तुरंत अपने आप को कोठरी में बंद कर लिया तथा सुभाष सिंह को मोबाइल पर सूचना दी। गांव वाले शोर मचाते हुए खेत के पास पहुंचे, लेकिन गुलदार पहले ही वहां से जा चुका था।
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मंडावर(बिजनौर)। गांव मोहंडिया में मादा नहीं बल्कि नर गुलदार खेतों में ठिकाना बनाए हुए है। गुलदार को आकर्षित करके पकड़ने के लिए अब वन विभाग ने मादा गुलदार का मूत्र मंगवाया है। इसे पिंजरों पर छिड़का जा रहा है। साथ ही पिंजरों के पास लगे ट्रैप कैमरों को वहां से हटवाया जा रहा है। ट्रैप कैमरे की फ्लैश से गुलदार के पिंजरों की ओर न जाने का कयास लगाया जा रहा है।
गांव मोहंडिया के जंगल में 26 दिसंबर को शफीक को मारने के बाद से गुलदार ने खेतों में ठिकाना बना रखा है। शुरूआत में खेतों में मादा गुलदार के पंजों के निशान मिले थे। हालांकि निशान स्पष्ट नहीं थे। वन विभाग के अफसर मान रहे थे कि खेतों में मादा गुलदार है, लेकिन अब खेतों में नर गुलदार के पंजों के स्पष्ट निशान मिल रहे हैं। ट्रैप कैमरों में कैद फोटो में भी गुलदार देखने में नर लग रहा है। पांच जनवरी को नर गुलदार के निशान मिले थे। रविवार व सोमवार को दो दिन लगातार गुलदार वन विभाग के ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। कद काठी के हिसाब से गुलदार एक ही है। नर गुलदार को पकड़ने के लिए कानपुर चिड़ियाघर से मादा गुलदार का छह लीटर मूत्र मंगवाया गया है। यह मूत्र पिंजरों पर छिड़का जा रहा है। अफसरों के अनुसार मादा गुलदार के मूत्र की तीव्र गंध गुलदार को अपने इलाके की हिफाजत करने या उससे प्रणय करने के लिए आकर्षित करेगी। सोमवार रात गुलदार दो बार ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। माना जा रहा है कि गुलदार या अन्य जीव के कैमरे के सामने से निकलने पर ट्रैप कैमरा फ्लैश चमकाकर फोटो खींचता है। इससे गुलदार चौकन्ना हो जाता होगा और पिंजरे की ओर नहीं जाता होगा, इसलिए पिंजरों के पास से ट्रैप कैमरे भी हटाए जा रहे हैं।
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वहीं गुलदार ने बस स्टैंड के पास आम के बाग में एक कुत्ते को निवाला बनाया है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक गांव मोहंडिया के जंगल में नर गुलदार है। उसे आकर्षित करने को पिंजरों में मादा गुलदार का मूत्र छिड़कवाया गया है। गुलदार के जल्दी पकड़े जाने की पूरी उम्मीद है।
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तिमरपुर में गुलदार दिखा
चंदक। गांव खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर के पूर्व प्रधान सुभाष सिंह का हजीपुरा-डेरियो गांव वाली सड़क पर खेत है। मंगलवार सुबह उनके पास काम करने वाला मुस्तकीम नलकूप चलाने के लिए गया था। मुस्तकीम नलकूप को चलाकर जैसे ही कोठरी के बाहर निकला तो सामने खेत में गुलदार खड़ा था। गुलदार को देखते ही मुस्तकीम तुरंत अपने आप को कोठरी में बंद कर लिया तथा सुभाष सिंह को मोबाइल पर सूचना दी। गांव वाले शोर मचाते हुए खेत के पास पहुंचे, लेकिन गुलदार पहले ही वहां से जा चुका था।