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स्कूल वन टेबल वन स्टूडेंट फार्मूला पर बना रहे हैं प्रवेश नीति
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सरदार तारा सिंह।
- फोटो : BIJNOR
वन टेबल, वन स्टूडेंट के फार्मूले पर दाखिलों की तैयारी
बिजनौर। कोरोना के कारण इंटर कॉलेजों में 11 वीं में दाखिला कराना टेढ़ी खीर बन सकता है। क्योंकि विद्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर वन टेबल, वन स्टूडेंट के फार्मूले पर दाखिलों का शेड्यूल बनाया जा रहा है। इससे कक्षावार छात्रों की संख्या घट जाएगी, जिससे छात्र छात्राओं को दाखिला कराना आसान नहीं होगा।
शासन ने यूपी बोर्ड के विद्यालयों में दाखिले की गाइडलाइन जारी नहीं की है। परंतु कोरोना से बचाव को ध्यान में रखकर विद्यालय दाखिलों का शेडयूल बना रहे हैं। इसके अंतर्गत वन टेबल, वन स्टूडेंट तथा ओड ईवन क्रमांक के अनुसार छात्रों को कक्षा में बुलाना, स्कूलों में दो शिफ्ट में पढ़ाई करना जैसे विकल्पों पर काम हो रहा है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि दाखिलों में अपने विद्यालय से दसवीं पास करने वाले छात्रों को पहले दाखिला दिया जाएगा, सीट बचने पर बाहरी छात्रों को दाखिला मिलेगा। विद्यालय स्तर पर शेडयूल बन रहा है, लेकिन शासन से गाइडलाइन आने पर फाइनल टच दिया जाएगा।
- प्रधानाचार्यों की राय
नूरपुर निवासी प्रधानाचार्य सरदार तारा सिंह का मानना है कि कोरोना से स्कूलों के सामने कई तरह की परेशानी हैं। बावजूद अभिभावकों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छात्रों को शिफ्ट में बुलाया जाना, साफ सफाई तथा पढ़ाई के बेहतर विकल्प होंगे।
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नजीबुद्दौला बालिका इंटर कालेज नजीबाबाद की प्रधानाचार्या शबाना हाशमी बताती हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए वन टेबल-वन स्टूडेंट का फार्मूला अपनाना होगा। छात्रों को रोल नंबर के अनुसार कम संख्या में बुलाना भी बेहतर विकल्प है। थर्मल स्क्रीनिंग के बिना प्रवेश कतई न हो। पीटीए के शिक्षकों को मानदेय देने के लिए आर्थिक मदद मिले।
आरजीजीएनपी इंटर कालेज ताजपुर के प्रधानाचार्य लल्लनराम का कहना है कि कालेज भवन में सेनेटेशन का काम चल रहा है। शिक्षकों, लिपिकों तथा कर्मचारियों के बैठने की सीट का आवंटन कर दिया है। आने वाले बाहरी व्यक्ति के बैठने का अलग इंतजाम होगा। छात्र- छात्राओं का सीटिंग प्लान सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात एक छात्र एक सीट के अनुसार तैयार हो रहा है।
आर्य कन्या इंटर कालेज नजीबाबाद की प्रधानाचार्या डा. उर्मिला सिंह का कहना है कि बिना मास्क लगाए छात्रा को कालेज में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए दाखिले होंगे। छात्राओं को सीट के अनुसार शिफ्ट में बुलाना ठीक होगा। शासन के निर्देश मिलने पर प्रवेश का अंतिम प्रारूप तय होगा।
खालसा इंटर कॉलेज नूरपुर के प्रधानाचार्य सुनीत प्रकाश त्यागी ने कहा कि कोरोना के कारण कक्षाओं में छात्रों की संख्या सीमित होगी। छात्रों को कक्षाओं में दो -दो गज के फासले पर बैठाएंगे। कॉलेजों के पास कमरे, आदि संसाधन सीमित हैं। शिक्षकों की पहले से ही कमी है। शासन से निर्देश मिलने पर दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी।
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बिजनौर। कोरोना के कारण इंटर कॉलेजों में 11 वीं में दाखिला कराना टेढ़ी खीर बन सकता है। क्योंकि विद्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर वन टेबल, वन स्टूडेंट के फार्मूले पर दाखिलों का शेड्यूल बनाया जा रहा है। इससे कक्षावार छात्रों की संख्या घट जाएगी, जिससे छात्र छात्राओं को दाखिला कराना आसान नहीं होगा।
शासन ने यूपी बोर्ड के विद्यालयों में दाखिले की गाइडलाइन जारी नहीं की है। परंतु कोरोना से बचाव को ध्यान में रखकर विद्यालय दाखिलों का शेडयूल बना रहे हैं। इसके अंतर्गत वन टेबल, वन स्टूडेंट तथा ओड ईवन क्रमांक के अनुसार छात्रों को कक्षा में बुलाना, स्कूलों में दो शिफ्ट में पढ़ाई करना जैसे विकल्पों पर काम हो रहा है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि दाखिलों में अपने विद्यालय से दसवीं पास करने वाले छात्रों को पहले दाखिला दिया जाएगा, सीट बचने पर बाहरी छात्रों को दाखिला मिलेगा। विद्यालय स्तर पर शेडयूल बन रहा है, लेकिन शासन से गाइडलाइन आने पर फाइनल टच दिया जाएगा।
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- प्रधानाचार्यों की राय
नूरपुर निवासी प्रधानाचार्य सरदार तारा सिंह का मानना है कि कोरोना से स्कूलों के सामने कई तरह की परेशानी हैं। बावजूद अभिभावकों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छात्रों को शिफ्ट में बुलाया जाना, साफ सफाई तथा पढ़ाई के बेहतर विकल्प होंगे।
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नजीबुद्दौला बालिका इंटर कालेज नजीबाबाद की प्रधानाचार्या शबाना हाशमी बताती हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए वन टेबल-वन स्टूडेंट का फार्मूला अपनाना होगा। छात्रों को रोल नंबर के अनुसार कम संख्या में बुलाना भी बेहतर विकल्प है। थर्मल स्क्रीनिंग के बिना प्रवेश कतई न हो। पीटीए के शिक्षकों को मानदेय देने के लिए आर्थिक मदद मिले।
आरजीजीएनपी इंटर कालेज ताजपुर के प्रधानाचार्य लल्लनराम का कहना है कि कालेज भवन में सेनेटेशन का काम चल रहा है। शिक्षकों, लिपिकों तथा कर्मचारियों के बैठने की सीट का आवंटन कर दिया है। आने वाले बाहरी व्यक्ति के बैठने का अलग इंतजाम होगा। छात्र- छात्राओं का सीटिंग प्लान सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात एक छात्र एक सीट के अनुसार तैयार हो रहा है।
आर्य कन्या इंटर कालेज नजीबाबाद की प्रधानाचार्या डा. उर्मिला सिंह का कहना है कि बिना मास्क लगाए छात्रा को कालेज में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए दाखिले होंगे। छात्राओं को सीट के अनुसार शिफ्ट में बुलाना ठीक होगा। शासन के निर्देश मिलने पर प्रवेश का अंतिम प्रारूप तय होगा।
खालसा इंटर कॉलेज नूरपुर के प्रधानाचार्य सुनीत प्रकाश त्यागी ने कहा कि कोरोना के कारण कक्षाओं में छात्रों की संख्या सीमित होगी। छात्रों को कक्षाओं में दो -दो गज के फासले पर बैठाएंगे। कॉलेजों के पास कमरे, आदि संसाधन सीमित हैं। शिक्षकों की पहले से ही कमी है। शासन से निर्देश मिलने पर दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी।

शबाना हाशमी।- फोटो : BIJNOR

लल्लनराम।- फोटो : BIJNOR

उर्मिला सिंह- फोटो : BIJNOR

सुनीत प्रकाश त्यागी।- फोटो : BIJNOR

जलालाबाद में निगरानी समिति की बैठक लेते ईओ हरिनारायण।- फोटो : NAZIBABAD