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बड़े पैमाने पर जैविक गुड़ उत्पादन की तैयारी

Thu, 24 Feb 2022 12:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 12:38 AM IST
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Preparation for large scale organic jaggery production
बिजनौर में तैयार किया जा रहा जैविक गुड़। - फोटो : BIJNOR
बड़े पैमाने पर जैविक गुड़ उत्पादन की तैयारी
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बिजनौर। जिले में अब जैविक गुड़ बड़े पैमाने पर तैयार होगा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित जैविक गुड़ इकाई की स्थापना के लिए बादशाहपुर में भूमि पूजन किया गया। इकाई का उद्देश्य अच्छी गुणवत्ता का गुड़ व शक्कर तैयार करना है।
जिला कृषि अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक डास्प डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि जिले में काफी रकबे में जैविक गन्ने का उत्पादन हो रहा है। जैविक गुड़ की रसायन रहित होने के कारण ज्यादा मांग है। जिले में किसान जैविक गुड़ बना रहे हैं। कुछ किसान जैविक गुड़ दिल्ली आदि राज्यों में भेज रहे हैं। इतना ही नहीं जैविक गुड़ विदेशों में भी खूब पसंद किया जा रहा है। बताया कि अब जिले में बड़े पैमाने पर जैविक गुड़ बनेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के गांव बादशाहपुर में जैविक गुड़ उत्पादन इकाई का भूमिपूजन जिला कृषि अधिकारी व परियोजना समन्वयक (डास्प) डॉ. अवधेश मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी जीतेंद्र कुमार ने किया।
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बादशाहपुर गांव नमामि गंगेे परियोजना में अधिग्रहीत है। इकाई में किसान रोशन सिंह की हिस्सेदारी रहेगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जैविक पद्धति से गेहूं व सरसों का भी उत्पादन हो रहा है। जैविक गेहूं की रोटी पोषक तत्वों, विटामिन आदि से भरपूर होती है। गेहूं के बाजार रेट भी अच्छे मिलते हैं। बिस्कुट आदि बनाने वाली कंपनियों में इसकी काफी मांग है। जैविक गन्ने व गेहूं का उत्पादन करने वाले किसान जगदीश सिंह, सतीश कुमार, रेखा देवी, सीताराम, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।
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ये आएगी निर्माण लागत
अधिकारियों के मुताबिक जैविक गुड़ उत्पादन इकाई की स्थापना की कुल लागत 22 लाख है। इकाई पर अनुदान 66,7000 है। इकाई लगाने के लिए बैंक की ओर से ऋण दिया जाता है। इकाई की स्थापना में लाभार्थी की न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी होती है। नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत जैविक पद्धति से उगाए जा रहे गन्ने से गुड़ बनाने में न केवल परियोजना से आच्छादित कृषकों सुविधा प्राप्त होगी, बल्कि अच्छी गुणवत्ता का जैविक गुड़ व शक़्कर भी तैयार किया जा सकेगा। किसानों को जैविक गुड़ बिक्री का बाजार भी उपलब्ध होगा।
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