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Bijnor News: प्रशांत की 20 वें जन्मदिन पर दौड़ते-दौड़ते चली गई जान
Sat, 16 Aug 2025 11:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 16 Aug 2025 11:40 PM IST
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किरतपुर के प्रशांत चौधरी का फाइल फोटो।
किरतपुर (बिजनौर)। शुक्रवार को हैबतपुर निवासी प्रशांत चौधरी के दौड़ते हुए अचानक सीने में दर्द उठा और कुछ देर बाद मौत हो गई। जिस दिन उसका जन्मदिन था, उसी दिन प्रशांत ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
गांव हैबतपुर निवासी प्रशांत पुत्र कल्याण सिंह ने अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास कर ली थी। जिसके बाद अब वह 25 अगस्त को होने वाली शारीरिक परीक्षा की तैयारी में जुटा था। रोजाना कई किलोमीटर दौड़कर पसीना बहा रहा था। शुक्रवार को भी रोजाना की तरह प्रशांत गांव की सड़क पर दौड़ लगा रहा था। दौड़ते-दौड़ते अचानक उसके सीने में दर्द होने लगा और मौके पर ही बेहोश हो गया। साथ में दौड़ लगा रहे युवकों ने तुरंत उसे उठाया और होश में लाने की कोशिश की।
घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन बेहोशी की हालत में प्रशांत को किरतपुर के निजी अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशांत की मौत से परिवार और पूरा गांव शोक में डूब गया। फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे का कहना है कि आजकल युवाओं के अचानक सीने में दर्द उठने और बाद में मौत हो रही है। अचानक मौत होने का कोई कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है।
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सेना के जाने का था प्रशांत का सपना
परिजनों ने बताया कि प्रशांत सेना में जाने की तैयारी कर रहा था। उसने अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास कर ली थी। शुरूआत से ही सेना में जाने का सपना लिए तैयारी कर रहा था। परिजनों का क्या पता था कि दौड़ लगाते हुए प्रशांत की सांसें थम जाएंगी।
तीन बहनों का था अकेला भाई
प्रशांत चौधरी अपनी तीन बहनों का अकेला भाई था। उससे बड़ी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। 15 अगस्त को ही प्रशांत का जन्मदिन था। जन्मदिन के दिन ही मौत होने से खुशियां मातम में बदल गईं। भाई की मौत पर बहनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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गांव हैबतपुर निवासी प्रशांत पुत्र कल्याण सिंह ने अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास कर ली थी। जिसके बाद अब वह 25 अगस्त को होने वाली शारीरिक परीक्षा की तैयारी में जुटा था। रोजाना कई किलोमीटर दौड़कर पसीना बहा रहा था। शुक्रवार को भी रोजाना की तरह प्रशांत गांव की सड़क पर दौड़ लगा रहा था। दौड़ते-दौड़ते अचानक उसके सीने में दर्द होने लगा और मौके पर ही बेहोश हो गया। साथ में दौड़ लगा रहे युवकों ने तुरंत उसे उठाया और होश में लाने की कोशिश की।
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घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन बेहोशी की हालत में प्रशांत को किरतपुर के निजी अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशांत की मौत से परिवार और पूरा गांव शोक में डूब गया। फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे का कहना है कि आजकल युवाओं के अचानक सीने में दर्द उठने और बाद में मौत हो रही है। अचानक मौत होने का कोई कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है।
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सेना के जाने का था प्रशांत का सपना
परिजनों ने बताया कि प्रशांत सेना में जाने की तैयारी कर रहा था। उसने अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास कर ली थी। शुरूआत से ही सेना में जाने का सपना लिए तैयारी कर रहा था। परिजनों का क्या पता था कि दौड़ लगाते हुए प्रशांत की सांसें थम जाएंगी।
तीन बहनों का था अकेला भाई
प्रशांत चौधरी अपनी तीन बहनों का अकेला भाई था। उससे बड़ी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। 15 अगस्त को ही प्रशांत का जन्मदिन था। जन्मदिन के दिन ही मौत होने से खुशियां मातम में बदल गईं। भाई की मौत पर बहनों का रो रोकर बुरा हाल है।