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मिलों का कर्जदार है पावर कारपोरेशन
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 20 Sep 2015 12:20 AM IST
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बिजनौर। जिले की शुगर मिले जहां किसानों की बकायेदार हैं तो वहीं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन शुगर मिलों का कर्जदार है। जिले की शुगर मिलों का कारपोरेशन पर करीब 75 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना विभाग ने अब इस संबंध में विद्युत निगम के महाप्रबंधक को पत्र लिखा।
जिले में नौ शुगर मिले हैं, इनमें से छह शुगर मिलें बिजली का उत्पादन करती है। जिले की शुगर मिलें सीजन में बिजली का उत्पादन करके उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को बेचती है। हैरत की बात ये है कि पेराई सत्र को समाप्त हुए छह माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक भी मिलों को बिजली का पैसा नहीं मिला है।
जिले की पांच शुगर मिलों का विद्युत निगम पर 75.36 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना विभाग ने इस संबंध में पावर कारपोरेशन को पत्र लिखा है। ताकि बिजली का भुगतान होने पर किसानों को गन्ने का पैसा मिल सके। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को इस संबंध में पत्र लिखा है।
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परखी मिल की तैयारियां
बिजनौर। पिछले साल मिल लेट चलने की वजह से इस बार किसान चड्ढा ग्रुप की बिजनौर शुगर मिल पर आसानी से भरोसा नहीं कर पा रहे। पेराई सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाकियू नेता डीसीओ को साथ लेकर मिल की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे।
शनिवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह, रामकुमार धनकड़, जय सिंह आदि पदाधिकारी डीसीओ ओपी सिंह को साथ लेकर बिजनौर शुगर मिल पहुंचे और मिल में मरम्मत कार्य देखा। भाकियू जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह के अनुसार मिल में मरम्मत कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद दस नवंबर तक मिल को चलाया जाएगा। डीसीओ ओपी सिंह का कहना है कि समय पर चलेगी।
चीनी मिल बकाया करोड़ में
धामपुर 40.00
स्योहारा 10.00
बहादरपुर 11.11
बरकातपुर 8.50
बिलाई 5.75
कुल 75.36
नहीं पहुंची धनराशि
गन्ने का भुगतान कराने के लिए प्रदेश सरकार ने गन्ना विभाग के माध्यम से 210 करोड़ रुपया किसानों के खातों में भिजवाया है। गन्ना विभाग संबंधित बैंकों में 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धनराशि ट्रांसफर कर चुका है, लेकिन ज्यादातर बैंकों में यह धनराशि किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं हो पाई। डीसीओ ने कहा यदि कहीं पर धनराशि नहीं गई है तो उसका पता कराया जा रहा है।
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जिले में नौ शुगर मिले हैं, इनमें से छह शुगर मिलें बिजली का उत्पादन करती है। जिले की शुगर मिलें सीजन में बिजली का उत्पादन करके उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को बेचती है। हैरत की बात ये है कि पेराई सत्र को समाप्त हुए छह माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक भी मिलों को बिजली का पैसा नहीं मिला है।
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जिले की पांच शुगर मिलों का विद्युत निगम पर 75.36 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना विभाग ने इस संबंध में पावर कारपोरेशन को पत्र लिखा है। ताकि बिजली का भुगतान होने पर किसानों को गन्ने का पैसा मिल सके। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को इस संबंध में पत्र लिखा है।
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परखी मिल की तैयारियां
बिजनौर। पिछले साल मिल लेट चलने की वजह से इस बार किसान चड्ढा ग्रुप की बिजनौर शुगर मिल पर आसानी से भरोसा नहीं कर पा रहे। पेराई सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाकियू नेता डीसीओ को साथ लेकर मिल की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे।
शनिवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह, रामकुमार धनकड़, जय सिंह आदि पदाधिकारी डीसीओ ओपी सिंह को साथ लेकर बिजनौर शुगर मिल पहुंचे और मिल में मरम्मत कार्य देखा। भाकियू जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह के अनुसार मिल में मरम्मत कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद दस नवंबर तक मिल को चलाया जाएगा। डीसीओ ओपी सिंह का कहना है कि समय पर चलेगी।
चीनी मिल बकाया करोड़ में
धामपुर 40.00
स्योहारा 10.00
बहादरपुर 11.11
बरकातपुर 8.50
बिलाई 5.75
कुल 75.36
नहीं पहुंची धनराशि
गन्ने का भुगतान कराने के लिए प्रदेश सरकार ने गन्ना विभाग के माध्यम से 210 करोड़ रुपया किसानों के खातों में भिजवाया है। गन्ना विभाग संबंधित बैंकों में 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धनराशि ट्रांसफर कर चुका है, लेकिन ज्यादातर बैंकों में यह धनराशि किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं हो पाई। डीसीओ ने कहा यदि कहीं पर धनराशि नहीं गई है तो उसका पता कराया जा रहा है।