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Bijnor News: मालन पर 24 घंटे बाद पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम
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- पूरे दिन तलाश के बाद भी अधिकारियों को नहीं मिला मालन के दूषित होने का स्रोत
- अधिकारी बोले, हम भी हैरान, कैसे मैली हुई मालन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही मालन को दूषित हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, मगर अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मालन में प्रदूषित पानी कहां से आया, इसका स्त्रोत नहीं तलाश पाया। एक पूरा दिन बीतने के बाद कुछ जगहों के नमूने लेकर खानापूर्ति भी की गई। इस पर प्रदूषण विभाग के अफसरों के बयान और हैरान कर देने वाले हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे भी हैरान है कि मालन मैली कैसी हो गई।
मालन नदी का पानी बुधवार की सुबह से ही काला हो गया था। नदी का पानी दूषित होने से मछलियां भी मर गई थी। पहले तो बुधवार शाम तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जानकारी ही नहीं थी। मालन नदी का जल दूषित होने की खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया और नमूने लेने गए। बृहस्पतिवार देर शाम तक अधिकारी मालन नदी से कुछ जगहों के ही नमूने ले पाए। अधिकारियों का दावा है कि वह अलग-अलग प्वाइंट से पानी के नमूने ले रहे हैं। कुछ दूरी से ही नमूने लिए हैं। शुक्रवार को भी बिजनौर में मालन के प्रवेश करने के स्थान तक नमूने लिए जाएंगे। जिसके बाद ही साफ होगा कि केमिकल युक्त पानी मालन नदी में कहां से छोड़ा गया है।
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच चल रही है। जगह-जगह से नमूने एकत्र किए गए हैं। शुक्रवार को भी टीम नमूने एकत्र करेगी। जहां से भी केमिकल युक्त पानी छोड़ा गया है, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।....विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
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नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक ने उठाया मालन के दूषित होने का मुद्दा
बिजनौर। नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक धीर सिंह ने मालन नदी के दूषित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में शुगर मिल द्वारा केमिकल युक्त पानी मालन नदी में छोड़ने की शिकायत की। धीर सिंह ने ज्ञापन में कहा कि मालन का जल काला और दूषित हो गया है। मछलियां सहित अन्य जलीय जीव मर रहे हैं। मालन नदी आगे चलकर गंगा में मिल रही है। जिससे गंगा भी दूषित हो रही है। उन्होंने नमामि गंगा परियोजना और वन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीएम से शुगर मिल पर केमिकल युक्त पानी छोड़ने के लिए कार्रवाई करने की मांग की।
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- अधिकारी बोले, हम भी हैरान, कैसे मैली हुई मालन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही मालन को दूषित हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, मगर अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मालन में प्रदूषित पानी कहां से आया, इसका स्त्रोत नहीं तलाश पाया। एक पूरा दिन बीतने के बाद कुछ जगहों के नमूने लेकर खानापूर्ति भी की गई। इस पर प्रदूषण विभाग के अफसरों के बयान और हैरान कर देने वाले हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे भी हैरान है कि मालन मैली कैसी हो गई।
मालन नदी का पानी बुधवार की सुबह से ही काला हो गया था। नदी का पानी दूषित होने से मछलियां भी मर गई थी। पहले तो बुधवार शाम तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जानकारी ही नहीं थी। मालन नदी का जल दूषित होने की खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया और नमूने लेने गए। बृहस्पतिवार देर शाम तक अधिकारी मालन नदी से कुछ जगहों के ही नमूने ले पाए। अधिकारियों का दावा है कि वह अलग-अलग प्वाइंट से पानी के नमूने ले रहे हैं। कुछ दूरी से ही नमूने लिए हैं। शुक्रवार को भी बिजनौर में मालन के प्रवेश करने के स्थान तक नमूने लिए जाएंगे। जिसके बाद ही साफ होगा कि केमिकल युक्त पानी मालन नदी में कहां से छोड़ा गया है।
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मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच चल रही है। जगह-जगह से नमूने एकत्र किए गए हैं। शुक्रवार को भी टीम नमूने एकत्र करेगी। जहां से भी केमिकल युक्त पानी छोड़ा गया है, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।....विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
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नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक ने उठाया मालन के दूषित होने का मुद्दा
बिजनौर। नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक धीर सिंह ने मालन नदी के दूषित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में शुगर मिल द्वारा केमिकल युक्त पानी मालन नदी में छोड़ने की शिकायत की। धीर सिंह ने ज्ञापन में कहा कि मालन का जल काला और दूषित हो गया है। मछलियां सहित अन्य जलीय जीव मर रहे हैं। मालन नदी आगे चलकर गंगा में मिल रही है। जिससे गंगा भी दूषित हो रही है। उन्होंने नमामि गंगा परियोजना और वन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीएम से शुगर मिल पर केमिकल युक्त पानी छोड़ने के लिए कार्रवाई करने की मांग की।