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पुलिस की घेराबंदी से टूटकर खुदकशी करने को मजबूर हुआ जॉनी
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चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित
बिजनौर। जिस बस में जॉनी सवार था, उस बस की चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। क्योंकि आमतौर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही से बदमाश फरार हो जाते हैं, लेकिन शुक्रवार रात पुलिसकर्मियों की चेकिंग की वजह से ही कुख्यात बदमाश जॉनी को घिरने पर आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
जॉनी को दबोचने के लिए जिले भर की सड़कों पर पुलिस उतार दी गई थी। एसपी संजीव त्यागी खुद भी रात दिन दौड़ रहे थे। पुलिस को जब जॉनी की लोकेशन नगीना में मिली तो पुलिस का पूरा फोकस नगीना व बढ़ापुर क्षेत्र में रहा। इस इलाके में ही पुलिस को लगा दिया गया। आमतौर पर देर रात में पुलिस वाहनों की चेकिंग करने से बचती है, मगर शुक्रवार रात पुलिस ने ऐसी कोई गलती नहीं की। पुलिस की घेराबंदी होने पर बदमाश कोर्ट में सरेंडर कर देते हैं या मुठभेड़ में पकड़े जाते हैं, मगर बिजनौर पुलिस की घेराबंदी पर जॉनी को खुद अपने को गोली मारने पर मजबूर होना पड़ा। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक पुलिस की घेराबंदी के आगे मजबूर होकर ही जॉनी ने खुदकशी की है। वरना आठ दिन तक वह पुलिस को छकाए रहा। एसपी ने कहा कि बस की चेकिंग करने वाले दोनों सिपाही व अन्य दरोगा को डीजीपी से मेडल दिलाने के लिए लिखा जा रहा है। रात में चेकिंग करने वाले पूरे स्टाफ को इनाम दिया जाएगा। उनकी बदौलत ही जॉनी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ।
यात्रियों की बनवाई वीडियो
रोडवेज बस में सवार सभी यात्री के अलावा चालक, परिचालक की पुलिस ने वीडियो बनवाई है। वीडियो में सबने बयान किया है कि किस तरह जॉनी ने खुदकशी की। जॉनी बस में कहां से सवार हुआ था। पुलिस ने पहले ही वीडियो बनवा ली ताकि पुलिस पर किसी तरह की उंगली न उठ सके।
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बिजनौर। जिस बस में जॉनी सवार था, उस बस की चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। क्योंकि आमतौर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही से बदमाश फरार हो जाते हैं, लेकिन शुक्रवार रात पुलिसकर्मियों की चेकिंग की वजह से ही कुख्यात बदमाश जॉनी को घिरने पर आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
जॉनी को दबोचने के लिए जिले भर की सड़कों पर पुलिस उतार दी गई थी। एसपी संजीव त्यागी खुद भी रात दिन दौड़ रहे थे। पुलिस को जब जॉनी की लोकेशन नगीना में मिली तो पुलिस का पूरा फोकस नगीना व बढ़ापुर क्षेत्र में रहा। इस इलाके में ही पुलिस को लगा दिया गया। आमतौर पर देर रात में पुलिस वाहनों की चेकिंग करने से बचती है, मगर शुक्रवार रात पुलिस ने ऐसी कोई गलती नहीं की। पुलिस की घेराबंदी होने पर बदमाश कोर्ट में सरेंडर कर देते हैं या मुठभेड़ में पकड़े जाते हैं, मगर बिजनौर पुलिस की घेराबंदी पर जॉनी को खुद अपने को गोली मारने पर मजबूर होना पड़ा। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक पुलिस की घेराबंदी के आगे मजबूर होकर ही जॉनी ने खुदकशी की है। वरना आठ दिन तक वह पुलिस को छकाए रहा। एसपी ने कहा कि बस की चेकिंग करने वाले दोनों सिपाही व अन्य दरोगा को डीजीपी से मेडल दिलाने के लिए लिखा जा रहा है। रात में चेकिंग करने वाले पूरे स्टाफ को इनाम दिया जाएगा। उनकी बदौलत ही जॉनी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ।
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यात्रियों की बनवाई वीडियो
रोडवेज बस में सवार सभी यात्री के अलावा चालक, परिचालक की पुलिस ने वीडियो बनवाई है। वीडियो में सबने बयान किया है कि किस तरह जॉनी ने खुदकशी की। जॉनी बस में कहां से सवार हुआ था। पुलिस ने पहले ही वीडियो बनवा ली ताकि पुलिस पर किसी तरह की उंगली न उठ सके।
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