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पुलिस ने पहले ही करा दिया था आगाह

Fri, 04 Sep 2020 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 12:15 AM IST
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Police had already warned
पुलिस ने पहले ही करा दिया था आगाह
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बिजनौर। अस्थायी जेल से बंदियों के फरार होने का पुलिस को पहले ही अंदेशा था। पुलिस ने पत्र लिखकर इस बारे में पहले ही अधिकारियों को बता दिया था। पत्र में कहा था कि पेड़ो की टहनियां जेल से सटी हैं। कोई भी बंदी छत के सहारे पेड़ से नीचे उतरकर फरार हो सकता है। जेल की खिड़की इतनी कमजोर है कि कोई भी बंदी उन्हें तोड़कर भी भाग सकता है। इसके बाद भी प्रशासन ने आंख नहीं खोली। पेड़ों की टहनियां कटवाने के साथ खिड़की भी मजबूत नहीं कराईं।
अप्रैल माह में इंदिरा बाल भवन के पास बने रैन बसेरे में अस्थायी जेल बनने के बाद से इसकी सुरक्षा पर उंगली उठने लगी थी। अस्थायी जेल की कमजोर खिड़की, जेल भवन के नजदीक के पेड़ों की टहनियाें के जेल से सटे होने से पुलिस को बंदियों के फरार होने का अंदेशा था। शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा ने 15 मई को एसपी को पत्र लिखकर कहा था कि अस्थायी जेल के पीछे का भाग पूरी तरह खुला है। दीवार के सहारे एक बड़े पेड़ की मोटी टहनियां अस्थायी जेल की छत को स्पर्श कर रही हैं। कोई भी व्यक्ति सुगमता से इस पेड़ पर चढ़कर छत पर पहुंच सकता है। जेल में बंद कोई भी बंदी छत पर चढ़कर पेड़ के सहारे नीचे उतर कर फरार हो सकता है। अस्थाई जेल की खिड़की व दरवाजे भी बहुत कमजोर हैं। जेल के पीछे व आगे एक-एक गार्द लगाई जानी जरूरी है। जबकि जेल पर एक ही गार्द लगी है। एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र ने 18 मई को ही डीएफओ, डीएम व एडीएम प्रशासन को पत्र लिखकर अस्थायी जेल से सटे पेड़ों की टहनियों को कटवाने को कहा था। लेकिन टहनियां नहीं काटी गईं।
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एक चोरी और तीन आर्म्स एक्ट में थे बंद
बिजनौर। अस्थायी जेल से फरार बंदियों ने पहले जीने का दरवाजा तोड़ा और छत पर पहुंचे। वहां से बड़ी आसानी से पेड़ के सहारे नीचे उतरे और फरार हो गए। अस्थाई जेल से फरार फरमान का आर्म्स एक्ट में कोतवाली देहात पुलिस ने 28 अगस्त को चालान किया था। इसी दिन उसे कोर्ट से अस्थायी जेल भेजा गया था। कुलवीर उर्फ पंकज को बढ़ापुर पुलिस ने 27 अगस्त को चोरी में चालान करके कोर्ट भेजा था। कुलवीर को भी कोर्ट से उसकी दिन अस्थायी जेल भेल दिया गया। संजू को कोतवाली देहात पुलिस ने आर्म्स एक्ट में चालान करके कोर्ट भेजा था। अक्षय उर्फ गोलू को 28 अगस्त को नगीना देहात पुलिस ने आर्म्स एक्ट में चालान करके कोर्ट भेजा था।
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