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पुलिस ने 2250 लीटर ईएनए पकड़ा, तीन गिरफ्तार
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बिजनौर में अल्कोहल की तस्करी में पकड़े गए आरिपियो के बारे में जानकारी देते एसपी सिटी।
- फोटो : BIJNOR
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पुलिस ने 2250 लीटर ईएनए पकड़ा, तीन गिरफ्तार
बिजनौर। पुलिस ने अवैध शराब बनाने के लिए ईएनए (एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल) सप्लाई करने वाले गिरोह को पकड़ा है। 2250 लीटर ईएनए बरामद करते हुए तीन तस्करों को दबोचा है। इनके पास से नकली शराब और शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। हालांकि इस गिरोह का सरगना अभी पुलिस की पकड़ से दूर है, जो मुरादाबाद का रहने वाला है।
शुक्रवार को एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस ने मध्य गंगा नहर पटरी पर ईएनए की सप्लाई करने वाले टैंकर को पकड़ा। टैंकर चालक मोहम्मद उमर पुत्र मकबूल निवासी किशनपुर मौलागढ़ थाना स्वार रामपुर शराब तस्करों को ईएनए दे रहा था। टैंकर चालक के साथ शराब माफिया मुस्तफा पुत्र इब्राहिम और मोहम्मद जसीम पुत्र रईश निवासीगण पीपलसाना थाना भोजपुर मुरादाबाद को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से 2250 लीटर ईएनए अपमिश्रित शराब, सात किलो यूरिया, शराब बनाने के उपकरण, जरीकैन, स्वीफ्ट कार बरामद हुई है। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह काशीपुर की आईजीएल कंपनी का टैंकर चलाता है। टैंकर से अल्कोहल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, नेपाल, हरियाणा आदि जगहों पर आपूर्ति होता है। सप्लाई करते वक्त वह ईएनए बचाकर शराब माफिया को बेचता है।
क्या होता है ईएनए
ईएनए (अतिरिक्त तटस्थ अल्कोहल) शराब बनाने का प्रारंभिक कच्चा माल होता है। यह शीरा से बनता है। इसमें अल्कोहल की मात्रा 96 प्रतिशत तक होती है। यह इतना खतरनाक होता है कि अगर कोई इसका सेवन कर ले तो आंखों की रोशनी और जान भी चली जाती है। पूछताछ में साफ हुआ कि सिर्फ 40 लीटर ईएनए को टैंकर चालक आठ हजार रुपये में बेचता था। इसे खरीदने के बाद माफिया शराब बनाने का काम करते हैं। चालक एक बार में पंद्रह सौ से दो हजार लीटर ईएनए बचाकर बेच देता था।
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नूरपुर में भी देना था 250 लीटर ईएनए
ईएनए पकड़ा गया तो मालूम हुआ कि नूरपुर में भी माफिया को इसकी सप्लाई होनी थी। चालक ने नूरपुर में भी किसी माफिया को 250 लीटर ईएनए देने का वादा किया था, लेकिन पहले ही शहर कोतवाली क्षेत्र में पकड़ा गया। अवैध शराब बनाने वाले गिरोह का मुख्य सरगना राम सिंह सैनी पुत्र नरपत सैनी निवासी गांव निवाड़ खास भगतपुुर मुरादाबाद का रहने वाला है, जो हिस्ट्रीशीटर है। शहर कोतवाली पुलिस ने मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है। गिरोह को पकड़ने वाली टीम में सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली राधेश्याम, एसआई धर्मेंद्र गिरी, एसआई जुगेंद्र तेवतिया, निरीक्षक धीरज सोलंकी आदि शामिल रहे।
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बिजनौर। पुलिस ने अवैध शराब बनाने के लिए ईएनए (एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल) सप्लाई करने वाले गिरोह को पकड़ा है। 2250 लीटर ईएनए बरामद करते हुए तीन तस्करों को दबोचा है। इनके पास से नकली शराब और शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। हालांकि इस गिरोह का सरगना अभी पुलिस की पकड़ से दूर है, जो मुरादाबाद का रहने वाला है।
शुक्रवार को एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस ने मध्य गंगा नहर पटरी पर ईएनए की सप्लाई करने वाले टैंकर को पकड़ा। टैंकर चालक मोहम्मद उमर पुत्र मकबूल निवासी किशनपुर मौलागढ़ थाना स्वार रामपुर शराब तस्करों को ईएनए दे रहा था। टैंकर चालक के साथ शराब माफिया मुस्तफा पुत्र इब्राहिम और मोहम्मद जसीम पुत्र रईश निवासीगण पीपलसाना थाना भोजपुर मुरादाबाद को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से 2250 लीटर ईएनए अपमिश्रित शराब, सात किलो यूरिया, शराब बनाने के उपकरण, जरीकैन, स्वीफ्ट कार बरामद हुई है। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह काशीपुर की आईजीएल कंपनी का टैंकर चलाता है। टैंकर से अल्कोहल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, नेपाल, हरियाणा आदि जगहों पर आपूर्ति होता है। सप्लाई करते वक्त वह ईएनए बचाकर शराब माफिया को बेचता है।
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क्या होता है ईएनए
ईएनए (अतिरिक्त तटस्थ अल्कोहल) शराब बनाने का प्रारंभिक कच्चा माल होता है। यह शीरा से बनता है। इसमें अल्कोहल की मात्रा 96 प्रतिशत तक होती है। यह इतना खतरनाक होता है कि अगर कोई इसका सेवन कर ले तो आंखों की रोशनी और जान भी चली जाती है। पूछताछ में साफ हुआ कि सिर्फ 40 लीटर ईएनए को टैंकर चालक आठ हजार रुपये में बेचता था। इसे खरीदने के बाद माफिया शराब बनाने का काम करते हैं। चालक एक बार में पंद्रह सौ से दो हजार लीटर ईएनए बचाकर बेच देता था।
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नूरपुर में भी देना था 250 लीटर ईएनए
ईएनए पकड़ा गया तो मालूम हुआ कि नूरपुर में भी माफिया को इसकी सप्लाई होनी थी। चालक ने नूरपुर में भी किसी माफिया को 250 लीटर ईएनए देने का वादा किया था, लेकिन पहले ही शहर कोतवाली क्षेत्र में पकड़ा गया। अवैध शराब बनाने वाले गिरोह का मुख्य सरगना राम सिंह सैनी पुत्र नरपत सैनी निवासी गांव निवाड़ खास भगतपुुर मुरादाबाद का रहने वाला है, जो हिस्ट्रीशीटर है। शहर कोतवाली पुलिस ने मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है। गिरोह को पकड़ने वाली टीम में सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली राधेश्याम, एसआई धर्मेंद्र गिरी, एसआई जुगेंद्र तेवतिया, निरीक्षक धीरज सोलंकी आदि शामिल रहे।