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Bijnor News: प्रत्येक ब्लॉक में लगेंगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट
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प्रत्येक ब्लॉक में लगेंगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट
बिजनौर। जिले के हर ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाई लगेंगी। इसके लिए हर राजस्व गांव में प्लास्टिक बैंक स्थापित होंगे। इकाइयों की स्थापना पर 176 लाख धनराशि व्यय होगी। पंचायतराज विभाग पंचायतों के चयन में जुट गया है। डीएम उमेश मिश्रा ने शासन के तय मानकों का पालन करने की हिदायत दी है।
जिले में 11 ब्लॉक हैं। शासन से सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है, क्योंकि प्लास्टिक नष्ट नहीं होती है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कम करती है। प्लास्टिक खाने से पशुओं की मौत हो जाने की शिकायत भी सामने आई है। अब शासन प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन में लगा है। ताकि ग्रामीण प्लास्टिक के कुप्रभावों से बच सकें। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर हर ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट लगेंगी। डीएम ने एक सप्ताह में पंचायतों में स्थान चयन के निर्देश दिए हैं। शासन से यूनिट स्थापना के लिए मानक तय हैं। जिले में 11 यूनिट की स्थापना पर 176 लाख की धनराशि व्यय होगी।
ये हैं योजना के प्रमुख बिंदु
- जिले के प्रत्येक राजस्व गांव में प्लास्टिक बैंक स्थापित होंगे।
- यूनिट स्थापना के लिए 1500 वर्ग मीटर स्थान होना चाहिए।
- गांवों से प्लास्टिक इकट्ठा करने की व्यवस्था होगी।
- एक यूनिट की स्थापना में 16 लाख रुपये व्यय होंगे।
- यूनिट की देखभाल के लिए ब्लॉक स्तर पर समिति गठित होगी।
- यूनिट से मिलने वाले बाई प्रोडक्ट अर्थात सह उत्पाद का प्रयोग प्लास्टिक सड़कों के निर्माण में होगा।
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बिजनौर। जिले के हर ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाई लगेंगी। इसके लिए हर राजस्व गांव में प्लास्टिक बैंक स्थापित होंगे। इकाइयों की स्थापना पर 176 लाख धनराशि व्यय होगी। पंचायतराज विभाग पंचायतों के चयन में जुट गया है। डीएम उमेश मिश्रा ने शासन के तय मानकों का पालन करने की हिदायत दी है।
जिले में 11 ब्लॉक हैं। शासन से सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है, क्योंकि प्लास्टिक नष्ट नहीं होती है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कम करती है। प्लास्टिक खाने से पशुओं की मौत हो जाने की शिकायत भी सामने आई है। अब शासन प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन में लगा है। ताकि ग्रामीण प्लास्टिक के कुप्रभावों से बच सकें। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर हर ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट लगेंगी। डीएम ने एक सप्ताह में पंचायतों में स्थान चयन के निर्देश दिए हैं। शासन से यूनिट स्थापना के लिए मानक तय हैं। जिले में 11 यूनिट की स्थापना पर 176 लाख की धनराशि व्यय होगी।
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ये हैं योजना के प्रमुख बिंदु
- जिले के प्रत्येक राजस्व गांव में प्लास्टिक बैंक स्थापित होंगे।
- यूनिट स्थापना के लिए 1500 वर्ग मीटर स्थान होना चाहिए।
- गांवों से प्लास्टिक इकट्ठा करने की व्यवस्था होगी।
- एक यूनिट की स्थापना में 16 लाख रुपये व्यय होंगे।
- यूनिट की देखभाल के लिए ब्लॉक स्तर पर समिति गठित होगी।
- यूनिट से मिलने वाले बाई प्रोडक्ट अर्थात सह उत्पाद का प्रयोग प्लास्टिक सड़कों के निर्माण में होगा।