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हाईवे किनारे लगाई जाएगी फलदार वृक्षों की पौध
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बिजनौर : नगीना-काशीपुर नेशनल हाइवे।
- फोटो : BIJNOR
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हाईवे किनारे लगाई जाएगी फलदार वृक्षों की पौध
बिजनौर। गर्मी में सड़क के गर्म होने पर टायर फटने से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने, प्रदूषण नियंत्रण करने और जीव-जंतुओं को आश्रय देने के लिए नगीना-कांशीपुर नेशनल हाईवे के दोनों ओर एक बार फिर से हरियाली दिखाई देगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी वन विभाग की मदद से दोनों ओर फलदार पौधे लगाने की तैयारी कर रहा है। हाईवे के दोनों ओर तीन लेन में पौधरोपण किया जाएगा। इस पहल से आरसीसी से बने हाईवे से वायु व ध्वनि प्रदूषण कम होगा। साथ ही वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को हरियाली दिखाई देगी और हाईवे का तापमान कम रहेगा। नेशनल हाईवे बनाने वाली कंपनी ने फलदार पौधरोपण के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गई है। वहीं, वन विभाग से तीन जगहों पर मियावाकी जंगल विकसित करने के लिए भी मदद मांगी है।
उत्तराखंड के कांशीपुर से हरिद्वार को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे वाया धामपुर, नगीना, नजीबाबाद से होकर गुजर रहा है। हाईवे की लंबाई बिजनौर जनपद में 185 किलोमीटर की है। उत्तराखंड के नजदीक होने से इस क्षेत्र में हरियाली बहुत है। क्षेत्र का तापमान कम होने से गर्मी भी कम रहती है, लेकिन हाईवे निर्माण के दौरान यहां खड़े सभी पेड़ काट दिए गए हैं। पेड़ कट जाने और आरसीसी से हाईवे का निर्माण होने के वहां का वातावरण बदल गया है। हाईवे से जुड़े अफसरों का कहना है कि पेड़ न होने से हाईवे गर्म होता है, जिससे टायर फटते हैं और दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है। हाईवे के पास पेड़ न होने से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ जाता है। जिले की सीमा में इस हाईवे निर्माण से पहले करीब 90 हजार पेड़ कटे गए हैं। नेशनल हाईवे के दोनों ओर पेड़ होने से वह शोर को अवशोषित करते हैं। इसलिए हाईवे कंपनी और वन विभाग इस मार्ग पर दोनों ओर फलदार पौधे लगाने के प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।
बरसात में होगा पौधरोपण
अफसरों के अनुसार नेशनल हाईवे के दोनों बरसात में पौधरोपण किए जाने की योजना है। नगीना से कांशीपुर 37 हजार तथा नगीना से हरिद्वार के बीच दस हजार पौधे लगाएं जाएंगे। वर्तमान में वहां छाया की व्यवस्था नहीं है। फल के साथ यह पेड़ छाया भी देंगे। वन विभाग भी इसमें जुट गया है। हाईवे के दोनों को पौधारोपण होगा। डिवाइडर अर्थात बीच में फुलवारी लगाई जाएगी। बीच में काफी बड़े पौधे होने से सामने से आने वाले वाहन की लाइट रुकेगी। इससे यातायात सुलभ होगा। हरिद्वार-कांशीपुर वाया नगीना, धामपुर में नेशनल हाईवे पर किनारे फलदार पौधे लगाने के साथ तीन जगह मियावाकी फोरेस्ट बनाए जाएंगे। इनमें छायादार एवं फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। ताकि हाईवे से गुजरने वाले वाहन सवार वहां रुक कर आराम कर सकें।
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नेशनल हाईवे के दोनों ओर पौधरोपण का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसमें वन विभाग की मदद ली जाएगी। बीच बीच में मियावाकी फोरेस्ट बनाया जाएगा। सभी पौधे फलदार लगाएं जाएंगे -बीपी पाठक, पीडी एनएच-74
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने हमसे हाईवे के किनारे पौधे लगाने के लिए मदद मांगी है। हमने पौधरोपण पर आने वाले खर्च का ब्योरा दे दिया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो यहां पर पौधरोपण करा दिया जाएगा - अनिल पटेल, डीएफओ
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बिजनौर। गर्मी में सड़क के गर्म होने पर टायर फटने से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने, प्रदूषण नियंत्रण करने और जीव-जंतुओं को आश्रय देने के लिए नगीना-कांशीपुर नेशनल हाईवे के दोनों ओर एक बार फिर से हरियाली दिखाई देगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी वन विभाग की मदद से दोनों ओर फलदार पौधे लगाने की तैयारी कर रहा है। हाईवे के दोनों ओर तीन लेन में पौधरोपण किया जाएगा। इस पहल से आरसीसी से बने हाईवे से वायु व ध्वनि प्रदूषण कम होगा। साथ ही वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को हरियाली दिखाई देगी और हाईवे का तापमान कम रहेगा। नेशनल हाईवे बनाने वाली कंपनी ने फलदार पौधरोपण के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गई है। वहीं, वन विभाग से तीन जगहों पर मियावाकी जंगल विकसित करने के लिए भी मदद मांगी है।
उत्तराखंड के कांशीपुर से हरिद्वार को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे वाया धामपुर, नगीना, नजीबाबाद से होकर गुजर रहा है। हाईवे की लंबाई बिजनौर जनपद में 185 किलोमीटर की है। उत्तराखंड के नजदीक होने से इस क्षेत्र में हरियाली बहुत है। क्षेत्र का तापमान कम होने से गर्मी भी कम रहती है, लेकिन हाईवे निर्माण के दौरान यहां खड़े सभी पेड़ काट दिए गए हैं। पेड़ कट जाने और आरसीसी से हाईवे का निर्माण होने के वहां का वातावरण बदल गया है। हाईवे से जुड़े अफसरों का कहना है कि पेड़ न होने से हाईवे गर्म होता है, जिससे टायर फटते हैं और दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है। हाईवे के पास पेड़ न होने से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ जाता है। जिले की सीमा में इस हाईवे निर्माण से पहले करीब 90 हजार पेड़ कटे गए हैं। नेशनल हाईवे के दोनों ओर पेड़ होने से वह शोर को अवशोषित करते हैं। इसलिए हाईवे कंपनी और वन विभाग इस मार्ग पर दोनों ओर फलदार पौधे लगाने के प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।
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बरसात में होगा पौधरोपण
अफसरों के अनुसार नेशनल हाईवे के दोनों बरसात में पौधरोपण किए जाने की योजना है। नगीना से कांशीपुर 37 हजार तथा नगीना से हरिद्वार के बीच दस हजार पौधे लगाएं जाएंगे। वर्तमान में वहां छाया की व्यवस्था नहीं है। फल के साथ यह पेड़ छाया भी देंगे। वन विभाग भी इसमें जुट गया है। हाईवे के दोनों को पौधारोपण होगा। डिवाइडर अर्थात बीच में फुलवारी लगाई जाएगी। बीच में काफी बड़े पौधे होने से सामने से आने वाले वाहन की लाइट रुकेगी। इससे यातायात सुलभ होगा। हरिद्वार-कांशीपुर वाया नगीना, धामपुर में नेशनल हाईवे पर किनारे फलदार पौधे लगाने के साथ तीन जगह मियावाकी फोरेस्ट बनाए जाएंगे। इनमें छायादार एवं फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। ताकि हाईवे से गुजरने वाले वाहन सवार वहां रुक कर आराम कर सकें।
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नेशनल हाईवे के दोनों ओर पौधरोपण का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसमें वन विभाग की मदद ली जाएगी। बीच बीच में मियावाकी फोरेस्ट बनाया जाएगा। सभी पौधे फलदार लगाएं जाएंगे -बीपी पाठक, पीडी एनएच-74
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने हमसे हाईवे के किनारे पौधे लगाने के लिए मदद मांगी है। हमने पौधरोपण पर आने वाले खर्च का ब्योरा दे दिया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो यहां पर पौधरोपण करा दिया जाएगा - अनिल पटेल, डीएफओ