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कोरोना से बचाव और जागरूकता के लिए जनता कर्फ्यू में करें सहयोग
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कोरोना से बचाव एवं जागरूकता के लिए जनता कर्फ्यू में करें सहयोग
डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील पर रविवार को जनता कर्फ्यू में सभी बिजनौर जनपदवासी सहयोग करें। इससे जनपद को कोरोना से सुरक्षित रखने में सहयोग मिलेगा। एक दिन के लिए घर से न निकलकर हम बीमारी से बचाव में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं।
सीएमओ विजय कुमार यादव ने कहा कि लोगों की सतर्कता से न केवल उनकी बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा होगी और खासतौर से बुजुर्ग और बीमार लोगों की जान का खतरा टल जाएगा। जिले में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा, दस्तक अभियान और सर्विलांस सेवा जारी रहेगी। शेष सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये गए हैं।
डीएम ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान जब आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना के बारे में जानकारी दें तो उसे गंभीरता से सुनकर उस पर अमल करें। उन्होंने आपात स्थिति में काम कर रहे सभी स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को सराहा गया और कहा कि समुदाय को भी इन लोगों का हर तरह से सहयोग करना चाहिए।
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डीएम ने बताया कोरोना संक्रमण से मृत्यु ज्यादातर उन्हीं में देखी गई है, जो पहले से रोगग्रस्त हैं, उम्र दराज हैं या फिर कम प्रतिरोधक क्षमता वाले हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 एक ऐसा संक्रमण है, जो सीधे संपर्क में आने या किसी संक्रमिक व्यक्ति या वस्तु के संपर्क में आने से फैलता है और यह संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।
सीएमओ ने कहा कि इस बीमारी में सबसे अधिक चिंतित करने वाला कारक इसकी प्रसार दर है, जो काफी अधिक है। बीमारी का प्रसार रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग एक-दूसरे के संपर्क में कम से कम आएं, अनावश्यक भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। हाथों को मुंह, नाक, आंख, कान तक न ले जाएं। बार बार हाथों को धोते रहें और सेनिटाजर का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू जैसी पहल से कोरोना के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिलेगी। धूम्रपान न करने, कई मास्क पहनने और एंटीबायोटिक्स का सेवन न करने की भी सीएमओ ने अपील की।
तैयारियां मुकम्मल हैं
डीएम ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए जिला अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड और 13 बेड का क्वेरेंटाइन वार्ड प्रशिक्षित स्टॉफ के साथ तैयार है। सीएचसी-पीएचसी पर कुल 70 बेड के क्वेरेंटाइन वार्ड की व्यवस्था रखी गई हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक कुल 58 लोग विदेशों से आए हैं, जिनमें 55 का सर्विलांस पूरा किया जा चुका है। 19 यात्रियों का 28 दिन का फॉलोअप सर्विलांस पूरा किया जा चुका है। ये सभी यात्री पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अफवाहों और फोन कॉल को कंट्रोल करने के लिए दस टीम लगाई गई हैं, जिसमें 13 चिकित्सक, 18 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, 108 एंबुलेंस 33, 102 एंबुलेंस, 31 तथा तीन एएलएस के समस्त स्टाफ को कोरोना वायरस से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार है।
इंतजाम भी हैं
सीएमओ के अनुसार मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए बडी संख्या में मॉस्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, पीपीई किट, हाईपोक्लोराइड साल्यूशन और ब्लीचिंग पाउडर मौजूद है।
जिला स्तर पर तीन एंबुलेंस चिन्हित किये गए हैं जिनके ईएमटी व पायलट प्रशिक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के सभी उपकरण भी उपलब्ध हैं।
सभी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ वायरस से बचाव के संबंध में पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हैं।
सावधानी ही बचाव
एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी पर रहें।
खांसते, छींकते समय रूमाल या टीश्यू पेपर का इस्तेमाल करें।
भीड़भाड़ से बचें और बहुत आवश्यक न हो तो घर में ही रहें।
कोई शंका हो तो जिले में बने कंट्रोल रूम के नंबर 01342-264615 तथा मोबाइल नम्बर 7417890306 पर संपर्क करें।
प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
शंका समाधान के लिए केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 91-11-23978046 पर भी फोन कर सकते हैं।
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डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील पर रविवार को जनता कर्फ्यू में सभी बिजनौर जनपदवासी सहयोग करें। इससे जनपद को कोरोना से सुरक्षित रखने में सहयोग मिलेगा। एक दिन के लिए घर से न निकलकर हम बीमारी से बचाव में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं।
सीएमओ विजय कुमार यादव ने कहा कि लोगों की सतर्कता से न केवल उनकी बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा होगी और खासतौर से बुजुर्ग और बीमार लोगों की जान का खतरा टल जाएगा। जिले में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा, दस्तक अभियान और सर्विलांस सेवा जारी रहेगी। शेष सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये गए हैं।
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डीएम ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान जब आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना के बारे में जानकारी दें तो उसे गंभीरता से सुनकर उस पर अमल करें। उन्होंने आपात स्थिति में काम कर रहे सभी स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को सराहा गया और कहा कि समुदाय को भी इन लोगों का हर तरह से सहयोग करना चाहिए।
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डीएम ने बताया कोरोना संक्रमण से मृत्यु ज्यादातर उन्हीं में देखी गई है, जो पहले से रोगग्रस्त हैं, उम्र दराज हैं या फिर कम प्रतिरोधक क्षमता वाले हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 एक ऐसा संक्रमण है, जो सीधे संपर्क में आने या किसी संक्रमिक व्यक्ति या वस्तु के संपर्क में आने से फैलता है और यह संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।
सीएमओ ने कहा कि इस बीमारी में सबसे अधिक चिंतित करने वाला कारक इसकी प्रसार दर है, जो काफी अधिक है। बीमारी का प्रसार रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग एक-दूसरे के संपर्क में कम से कम आएं, अनावश्यक भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। हाथों को मुंह, नाक, आंख, कान तक न ले जाएं। बार बार हाथों को धोते रहें और सेनिटाजर का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू जैसी पहल से कोरोना के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिलेगी। धूम्रपान न करने, कई मास्क पहनने और एंटीबायोटिक्स का सेवन न करने की भी सीएमओ ने अपील की।
तैयारियां मुकम्मल हैं
डीएम ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए जिला अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड और 13 बेड का क्वेरेंटाइन वार्ड प्रशिक्षित स्टॉफ के साथ तैयार है। सीएचसी-पीएचसी पर कुल 70 बेड के क्वेरेंटाइन वार्ड की व्यवस्था रखी गई हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक कुल 58 लोग विदेशों से आए हैं, जिनमें 55 का सर्विलांस पूरा किया जा चुका है। 19 यात्रियों का 28 दिन का फॉलोअप सर्विलांस पूरा किया जा चुका है। ये सभी यात्री पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अफवाहों और फोन कॉल को कंट्रोल करने के लिए दस टीम लगाई गई हैं, जिसमें 13 चिकित्सक, 18 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, 108 एंबुलेंस 33, 102 एंबुलेंस, 31 तथा तीन एएलएस के समस्त स्टाफ को कोरोना वायरस से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार है।
इंतजाम भी हैं
सीएमओ के अनुसार मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए बडी संख्या में मॉस्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, पीपीई किट, हाईपोक्लोराइड साल्यूशन और ब्लीचिंग पाउडर मौजूद है।
जिला स्तर पर तीन एंबुलेंस चिन्हित किये गए हैं जिनके ईएमटी व पायलट प्रशिक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के सभी उपकरण भी उपलब्ध हैं।
सभी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ वायरस से बचाव के संबंध में पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हैं।
सावधानी ही बचाव
एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी पर रहें।
खांसते, छींकते समय रूमाल या टीश्यू पेपर का इस्तेमाल करें।
भीड़भाड़ से बचें और बहुत आवश्यक न हो तो घर में ही रहें।
कोई शंका हो तो जिले में बने कंट्रोल रूम के नंबर 01342-264615 तथा मोबाइल नम्बर 7417890306 पर संपर्क करें।
प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
शंका समाधान के लिए केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 91-11-23978046 पर भी फोन कर सकते हैं।