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चीन निर्मित राखियों से दूरी बना रहे बिजनौर जिले के लोग
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बिजनौर में राखी खरीददती महिला और युवती।
- फोटो : BIJNOR
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चीन निर्मित राखियों से दूरी बना रहे बिजनौर जिले के लोग
बिजनौर। इस बार रक्षाबंधन पर चीन निर्मित राखियां नहीं दिखेंगी। स्वदेशी राखियों से पटे पड़े बाजार से चीन निर्मित राखियां नदारद हैं।
देेेेसी राखियों ने चीन निर्मित राखियों को बाजार से खदेड़ दिया है। चीन को चोट पहुंचाने के लिए जनपदवासियों ने चीन निर्मित उत्पादों से दूरी बना ली है। स्वदेशी राखियों से पट चुका है। फास्ट फूड राखी, केसरिया परंपरागत राखी, अयोध्या में राम मंदिर की झलक वाली राखी, रेशमी डोरी आदि राखियों से जगह-जगह बाजार सज गए हैं। इसके अलावा बच्चों को आकर्षित करने के लिए पबजी राखी, मोटू-पतलू, मोगली राखी, सुपर ब्रो भाई, डोरेमोन, डब्लू-बब्लू नाम के टैग वाली राखियां भी बाजारों में मौजूद हैं। यहां पर नगर पालिका चौक से लेकर सदर बाजार बाजार तक जगह-जगह हर छोटे-बडे़ बाजारों में राखियां ही राखियां हैं।
बहनें इन फास्ट फूड राखियों को खरीदना काफी पसंद कर रही हैं। इन राखियों की कीमत 20 से लेकर 100 रुपये तक है। सदर बाजार इन दिनों केसरिया रंग की राखियों से पटा हुआ है। बाजारों में परंपरागत राखियां ही बिक रही हैं। केसरिया रंग के मौली वाले धागे से निर्मित और रेशम की डोर से सजावट की गई राखी कई बाजारों में छाई हुई हैं।
नगर पालिका चौक के पास स्थित राखी बेचने वाले अशोक कुमार ने बताया कि अब धीरे-धीरे बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। दुकानदार 20 से 50 फीसद तक की छूट दे रहे हैं। सदर बाजार के राखी विक्रेता महिपाल सिंह का कहना है कि इस बार चीन में बनी राखियों से लोग दूरी बना रहे हैं। इस कारण वहां से कोई राखियां मंगवाई ही नहीं की गई हैं।
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बिजनौर। इस बार रक्षाबंधन पर चीन निर्मित राखियां नहीं दिखेंगी। स्वदेशी राखियों से पटे पड़े बाजार से चीन निर्मित राखियां नदारद हैं।
देेेेसी राखियों ने चीन निर्मित राखियों को बाजार से खदेड़ दिया है। चीन को चोट पहुंचाने के लिए जनपदवासियों ने चीन निर्मित उत्पादों से दूरी बना ली है। स्वदेशी राखियों से पट चुका है। फास्ट फूड राखी, केसरिया परंपरागत राखी, अयोध्या में राम मंदिर की झलक वाली राखी, रेशमी डोरी आदि राखियों से जगह-जगह बाजार सज गए हैं। इसके अलावा बच्चों को आकर्षित करने के लिए पबजी राखी, मोटू-पतलू, मोगली राखी, सुपर ब्रो भाई, डोरेमोन, डब्लू-बब्लू नाम के टैग वाली राखियां भी बाजारों में मौजूद हैं। यहां पर नगर पालिका चौक से लेकर सदर बाजार बाजार तक जगह-जगह हर छोटे-बडे़ बाजारों में राखियां ही राखियां हैं।
बहनें इन फास्ट फूड राखियों को खरीदना काफी पसंद कर रही हैं। इन राखियों की कीमत 20 से लेकर 100 रुपये तक है। सदर बाजार इन दिनों केसरिया रंग की राखियों से पटा हुआ है। बाजारों में परंपरागत राखियां ही बिक रही हैं। केसरिया रंग के मौली वाले धागे से निर्मित और रेशम की डोर से सजावट की गई राखी कई बाजारों में छाई हुई हैं।
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नगर पालिका चौक के पास स्थित राखी बेचने वाले अशोक कुमार ने बताया कि अब धीरे-धीरे बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। दुकानदार 20 से 50 फीसद तक की छूट दे रहे हैं। सदर बाजार के राखी विक्रेता महिपाल सिंह का कहना है कि इस बार चीन में बनी राखियों से लोग दूरी बना रहे हैं। इस कारण वहां से कोई राखियां मंगवाई ही नहीं की गई हैं।
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