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विद्युत निगम पर लगाया 12 हजार रुपये का जुर्माना
Wed, 10 Apr 2019 12:00 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 10 Apr 2019 12:00 AM IST
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- फोटो : file photo
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बिजनौर में जिला उपभोक्ता फोरम ने गलत तौर से विद्युत कनेक्शन काटने पर कंप्यूटर सेंटर के मालिकों को हुई हानि के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में 12 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज राशि के साथ विद्युत विभाग को दिए जाने के आदेश दिए हैं। मानसिक कष्ट एवं असुविधा तथा मुकदमा खर्च के लिए छह हजार रुपये विद्युत निगम को अलग से देने होंगे।
बिजनौर के प्रदर्शनी चौक पर स्थित एक कंप्यूटर सेंटर के प्रोपराइटर चेतनस्वरूप की ओर से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के खिलाफ फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई। जिसमें कहा गया था कि उसने समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंप्यूटर सेंटर के लिए एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया था। समय पर बिल जमा करने के बाद भी बिना सूचना दिए उसका कनेक्शन काट कर उसका मीटर उतरवा लिया गया। इसकी शिकायत उसने डीएम, विद्युत निगम के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता से की थी। 19 जुलाई 2016 को उसने अपने पुत्र के नाम पर एक अन्य विद्युत कनेक्शन लेकर काम शुरू करा दिया। इस बीच 90 दिन तक कंप्यूटर सेंटर पर प्रशिक्षण कार्य पूर्णत: बाधित रहा। 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उसे एक लाख 35 हजार रुपये का नुकसान पड़ा। शिकायतकर्ता द्वारा एक लाख 90 हजार रुपये विद्युत निगम से दिलाने की मांग फोरम से की गई थी। फोरम द्वारा इस मामले में कहा था कि फोरम को इस बात की सुनवाई का अधिकार प्राप्त नहीं है। नगर पालिका बिजनौर द्वारा दुकानों में वाणिज्यिक विद्युतीकरण नहीं कराया गया था, इसीलिए ही कनेक्शन काट दिया गया था। इस मामले में फोरम के अध्यक्ष एचजेएस सुधीर कुमार व सदस्य बबीता देवी द्वारा दिए गए निर्णय में यह माना कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हठधर्मिता के कारण चेतनस्वरूप का कार्य बाधित रहा। उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ी।
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बिजनौर के प्रदर्शनी चौक पर स्थित एक कंप्यूटर सेंटर के प्रोपराइटर चेतनस्वरूप की ओर से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के खिलाफ फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई। जिसमें कहा गया था कि उसने समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंप्यूटर सेंटर के लिए एक किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया था। समय पर बिल जमा करने के बाद भी बिना सूचना दिए उसका कनेक्शन काट कर उसका मीटर उतरवा लिया गया। इसकी शिकायत उसने डीएम, विद्युत निगम के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता से की थी। 19 जुलाई 2016 को उसने अपने पुत्र के नाम पर एक अन्य विद्युत कनेक्शन लेकर काम शुरू करा दिया। इस बीच 90 दिन तक कंप्यूटर सेंटर पर प्रशिक्षण कार्य पूर्णत: बाधित रहा। 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उसे एक लाख 35 हजार रुपये का नुकसान पड़ा। शिकायतकर्ता द्वारा एक लाख 90 हजार रुपये विद्युत निगम से दिलाने की मांग फोरम से की गई थी। फोरम द्वारा इस मामले में कहा था कि फोरम को इस बात की सुनवाई का अधिकार प्राप्त नहीं है। नगर पालिका बिजनौर द्वारा दुकानों में वाणिज्यिक विद्युतीकरण नहीं कराया गया था, इसीलिए ही कनेक्शन काट दिया गया था। इस मामले में फोरम के अध्यक्ष एचजेएस सुधीर कुमार व सदस्य बबीता देवी द्वारा दिए गए निर्णय में यह माना कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हठधर्मिता के कारण चेतनस्वरूप का कार्य बाधित रहा। उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ी।
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