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प्रवासी पक्षियों को भा गई बिजनौर की धरती
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 12:27 AM IST
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प्रवासी पक्षियों को भाया बिजनौर।
- फोटो : डेमो फोटो
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बिजनौर में जिले की नदियों का पानी और उनके आसपास का क्षेत्र साइबेरियन पक्षियों को भी भा गया है। शुक्रवार को नदियों के किनारे की गई बर्ड वाचिंग में 46 प्रजाति के 2700 पक्षी मिले। पक्षियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनकी प्रजाति भी बढ़ने से वन अधिकारी गदगद हैं।
जिले में गंगा, रामगंगा, मालन और खो नदी के किनारे हर साल साइबेरिया और अन्य देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दी के दौरान यह पक्षी यहीं प्रवास करते हैं। वन विभाग की ओर से इनकी गिनती की जाती है।
जिले में गंगा नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल का कुनबा पहले ही बढ़ चुका है। उत्तर प्रदेश वन विभाग की टीम को बिजनौर क्षेत्र में गंगा नदी में इस साल दस डॉल्फिन दिखी थीं। शुक्रवार को गंगा बैराज, हरेवली और पीली डाम के पास डीएफओ एम सेम्मारन और पक्षी प्रजातियों के विशेषज्ञ हरेंद्र त्यागी ने अपनी टीम के साथ विदेशी पक्षियों की नस्ल और उनकी संख्या की गिनती की। टीम को तीनों जगहों पर 46 प्रजाति के 2700 पक्षी मिले। जबकि पिछले साल 38 प्रजातियों के 1881 पक्षी ही मिले थे। उधर, कालागढ़ में बर्ड डे मनाया गया।
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जिले में गंगा, रामगंगा, मालन और खो नदी के किनारे हर साल साइबेरिया और अन्य देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दी के दौरान यह पक्षी यहीं प्रवास करते हैं। वन विभाग की ओर से इनकी गिनती की जाती है।
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जिले में गंगा नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल का कुनबा पहले ही बढ़ चुका है। उत्तर प्रदेश वन विभाग की टीम को बिजनौर क्षेत्र में गंगा नदी में इस साल दस डॉल्फिन दिखी थीं। शुक्रवार को गंगा बैराज, हरेवली और पीली डाम के पास डीएफओ एम सेम्मारन और पक्षी प्रजातियों के विशेषज्ञ हरेंद्र त्यागी ने अपनी टीम के साथ विदेशी पक्षियों की नस्ल और उनकी संख्या की गिनती की। टीम को तीनों जगहों पर 46 प्रजाति के 2700 पक्षी मिले। जबकि पिछले साल 38 प्रजातियों के 1881 पक्षी ही मिले थे। उधर, कालागढ़ में बर्ड डे मनाया गया।
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