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Bijnor News: दस मिनट भी बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं दे पा रहे अभिभावक
Tue, 30 Jul 2024 03:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:17 AM IST
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में भी निजी स्कूलों की तर्ज पर अभिभावकों का जुड़ाव करने की पहल की जा रही है। ताकि छात्रों की पढ़ाई से अभिभावक रूबरू रहें और निगरानी करें। इसके लिए अध्यापकों ने इंटरनेट फोन वाले अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। परंतु अभिभावक दस मिनट भी बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं दे पा रहे हैं।
कक्षा एक से तीन के छात्रों के अभिभावक के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। ग्रुप पर होमवर्क भी दिया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय से शिक्षण सामग्री इन ग्रुप्स में भेजी जाती है। बच्चों को इनका उत्तर व्हाट्सएप ग्रुप में भेजना होता है। होमवर्क करने में परेशानी हो, तो उसे हल करने को अध्यापक का मोबाइल नंबर भेजा जाता है। शिक्षक राहुल सिंह, गुलशन गुप्ता, अरविंद कुमार का कहना है कि इस माध्यम से अभिभावक घर पर अपने बच्चों को पढ़ाएंगे।
ग्रुप में बहुत कम ही अभिभावक दस मिनट भी नहीं दे पा रहे हैं। काफी अभिभावक भेजे वर्क को देख भी नहीं रहे हैं। ग्रुप में निदेशालय से मैसेज भेजकर अभिभावकों को याद दिलाया जा रहा है।
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बीएसए योगेंद्र कुमार का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्र स्कूल के बाद घर पर पढ़ेगा। छात्रों का लगाव न सिर्फ पढ़ाई के प्रति बढ़ेगा, बल्कि छात्र छात्राएं पढ़ने में होशियार बनेंगे।
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कक्षा एक से तीन के छात्रों के अभिभावक के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। ग्रुप पर होमवर्क भी दिया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय से शिक्षण सामग्री इन ग्रुप्स में भेजी जाती है। बच्चों को इनका उत्तर व्हाट्सएप ग्रुप में भेजना होता है। होमवर्क करने में परेशानी हो, तो उसे हल करने को अध्यापक का मोबाइल नंबर भेजा जाता है। शिक्षक राहुल सिंह, गुलशन गुप्ता, अरविंद कुमार का कहना है कि इस माध्यम से अभिभावक घर पर अपने बच्चों को पढ़ाएंगे।
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ग्रुप में बहुत कम ही अभिभावक दस मिनट भी नहीं दे पा रहे हैं। काफी अभिभावक भेजे वर्क को देख भी नहीं रहे हैं। ग्रुप में निदेशालय से मैसेज भेजकर अभिभावकों को याद दिलाया जा रहा है।
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बीएसए योगेंद्र कुमार का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्र स्कूल के बाद घर पर पढ़ेगा। छात्रों का लगाव न सिर्फ पढ़ाई के प्रति बढ़ेगा, बल्कि छात्र छात्राएं पढ़ने में होशियार बनेंगे।