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पेपर लीक कांड: STF के डर से सरेंडर करने पहुंचा मास्टरमाइंड, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा जेल, खुलेंगे राज
Wed, 24 Aug 2022 10:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 10:08 AM IST
सार
आरोपी के भीतर एसटीएफ का ऐसा खौफ था कि उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पेपर लीक मामले में वह फरार चल रहा था और एसटीएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी थी।
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बिजनौर में सरेंडर करने के बाद जेल भेजा गया आरोपी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पेपर लीक मामले में हाकम सिंह रावत के बिजनौर निवासी साथी ने एसटीएफ के डर से सरेंडर कर दिया। बिजनौर जिले के धामपुर निवासी केंद्रपाल भी इन मास्टरमाइंड में से एक बताया जा रहा है। उसने किसी पुराने मारपीट के मुकदमे में जमानत तुड़वाई और न्यायालय पहुंच गया। बिजनौर सीजेएम न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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बता दें कि एसटीएफ की जांच में बार-बार धामपुर का कनेक्शन हाकम के साथ जुड़ रहा है। इस क्षेत्र के कुछ नकल माफिया भी एसटीएफ के रडार पर हैं। धामपुर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर पड़ता है। लिहाजा, यहां के नकल माफिया दोनों प्रदेशों की परीक्षाओं में नकल कराने में माहिर हैं। आयोग की इस परीक्षा में हाकम सिंह ने भी अपने इन्हीं साथियों के साथ मिलकर धामपुर में नकल का सेंटर बनाया था। इस सेंटर पर दर्जनों अभ्यर्थियों को ले जाकर नकल कराई गई। इस कनेक्शन में अब तक हाकम सिंह समेत पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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धामपुर के एक कनेक्शन में केंद्रपाल नाम भी सामने आ रहा था। एसटीएफ उसकी तलाश में एक सप्ताह से भी अधिक समय से जुटी थी। इसी बीच खबर आई कि केंद्रपाल ने बिजनौर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। ऐसा उसने एसटीएफ के हाथों गिरफ्तार होने से बचने के लिए किया। बताया जा रहा है कि उसके ऊपर कई मुकदमे पहले भी चल रहे हैं। जिनमें उसके खिलाफ वारंट भी जारी हो चुके हैं। इन्हीं में से एक मामले में उसने जमानत तुड़वाकर सरेंडर किया है। इधर, एसटीएफ भी अब उसे देहरादून लाने के लिए प्रयास शुरू करेगी।
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नकलची अभ्यर्थी कर रहे एसटीएफ से बचने का प्रयास
मामले में अब तक 80 अभ्यर्थी एसटीएफ से सामने बयान दर्ज करा चुके हैं। इनकी नकल में संलिप्तता नहीं बताई जा रही है, जबकि 60 से अधिक अभ्यर्थियों की नकल करने में तस्दीक हो चुकी है। इनमें से कई के बयान एसटीएफ दर्ज कर चुकी है। अब भी बहुत से अभ्यर्थी ऐसे हैं जो एसटीएफ के सामने नहीं आ रहे हैं। एसटीएफ एसएसपी कई बार इस संबंध में अपील कर चुके हैं। यदि अब भी वह एसटीएफ से बचने की कोशिश करेंगे तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।