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पांच माह में ही बल्लियों के सहारे पंचायत भवन
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बिजनौर की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में नवनिर्मित पंचायत भवनों के लेंटर को रोकने के लिए लगाई गई ब
- फोटो : BIJNOR
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पांच माह में ही बल्लियों पर टिका पंचायत भवन
गजरौला शिव/बिजनौर। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में बने पंचायत भवन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कहें या पैसे बचाने को की गई गड़बड़ी का असर, निर्माण पूरा होने के पांच माह बाद ही लिंटर बल्लियों के सहारे आ गया है। इस भवन में पड़ी दरारों और लिंटर गिरने का डर इतना है कि नए ग्राम प्रधान ने इस भवन में बैठक न करने की बात कही है। सीडीओ केपी सिंह ने कहा है कि यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में नहर व तालाब के किनारे बनाए गए पंचायत भवन को अभी बने पांच माह भी पूरे नहीं हुए हैं कि नवनिर्मित पंचायत भवन की बिल्डिंग में दरारें आ गईं। पहली ही बरसात होने पर ही पंचायत भवन के लिंटर को ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान द्वारा लिंटर के नीचे लकड़ी की बिल्लियां लगा दी गई हैं, जिससे नवनिर्मित लिंटर नीचे न गिरे। मानक के अनुसार सामग्री न लगाए जाने के कारण लिंटर धराशायी होने के कगार पर है। गांव औरंगपुर तारा में बनाए गए पंचायत भवन का निर्माण ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने वित्त आयोग एवं मनरेगा कंवर्जेंस पंचायत राज विभाग से निर्मित पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। पंचायत भवन के निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व प्रधान की होती है। उक्त पंचायत भवन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अक्षय व पूर्व प्रधान भोपाल सिंह की देखरेख में बनाया गया है। अभी निर्माण कार्य को पूरा हुए 5 माह भी नहीं बीते हैं और नवनिर्मित पंचायत भवन की बिल्डिंग के लिंटर को रोकने के लिए नीचे लकड़ी की बल्लियां लगानी पड़ गईं। पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार पंचायत भवन मनरेगा की धनराशि से बनाया गया है। पंचायत भवन में वित्त आयोग की धनराशि खर्च नहीं की गई है। मनरेगा से संबंधित अधिकारी जांच कर रिपोर्ट देते हैं तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भवन के गिरने का खतरा: ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान सुभाषचंद्र ने बताया कि नवनिर्मित पंचायत भवन में दरारें पड़ गई हैं, पूरी बिल्डिंग में सीलन आ रही है। पंचायत भवन के लिंटर को लकड़ी की बल्लियां लगाकर रोका गया है। यह कब गिर जाए इसका कुछ नहीं मालूम। ग्राम पंचायत में होने वाली विकास कार्यों की बैठक नवनिर्मित पंचायत भवन में नहीं की जाएगी। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है, जो कभी भी धराशायी हो सकता है। ग्रामीणों द्वारा पंचायत भवन के निर्माण कार्यों की जांच कराए जाने की मांग की है।
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इस भवन निर्माण की जांच कराई जाएगी। पांच माह में ही भवन की स्थिति खस्ताहाल होने के पीछे गुणवत्ता से खिलवाड़ या गड़बड़ी करने में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- केपी सिंह, सीडीओ, बिजनौर
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गजरौला शिव/बिजनौर। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में बने पंचायत भवन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कहें या पैसे बचाने को की गई गड़बड़ी का असर, निर्माण पूरा होने के पांच माह बाद ही लिंटर बल्लियों के सहारे आ गया है। इस भवन में पड़ी दरारों और लिंटर गिरने का डर इतना है कि नए ग्राम प्रधान ने इस भवन में बैठक न करने की बात कही है। सीडीओ केपी सिंह ने कहा है कि यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में नहर व तालाब के किनारे बनाए गए पंचायत भवन को अभी बने पांच माह भी पूरे नहीं हुए हैं कि नवनिर्मित पंचायत भवन की बिल्डिंग में दरारें आ गईं। पहली ही बरसात होने पर ही पंचायत भवन के लिंटर को ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान द्वारा लिंटर के नीचे लकड़ी की बिल्लियां लगा दी गई हैं, जिससे नवनिर्मित लिंटर नीचे न गिरे। मानक के अनुसार सामग्री न लगाए जाने के कारण लिंटर धराशायी होने के कगार पर है। गांव औरंगपुर तारा में बनाए गए पंचायत भवन का निर्माण ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने वित्त आयोग एवं मनरेगा कंवर्जेंस पंचायत राज विभाग से निर्मित पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। पंचायत भवन के निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व प्रधान की होती है। उक्त पंचायत भवन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अक्षय व पूर्व प्रधान भोपाल सिंह की देखरेख में बनाया गया है। अभी निर्माण कार्य को पूरा हुए 5 माह भी नहीं बीते हैं और नवनिर्मित पंचायत भवन की बिल्डिंग के लिंटर को रोकने के लिए नीचे लकड़ी की बल्लियां लगानी पड़ गईं। पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार पंचायत भवन मनरेगा की धनराशि से बनाया गया है। पंचायत भवन में वित्त आयोग की धनराशि खर्च नहीं की गई है। मनरेगा से संबंधित अधिकारी जांच कर रिपोर्ट देते हैं तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भवन के गिरने का खतरा: ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान सुभाषचंद्र ने बताया कि नवनिर्मित पंचायत भवन में दरारें पड़ गई हैं, पूरी बिल्डिंग में सीलन आ रही है। पंचायत भवन के लिंटर को लकड़ी की बल्लियां लगाकर रोका गया है। यह कब गिर जाए इसका कुछ नहीं मालूम। ग्राम पंचायत में होने वाली विकास कार्यों की बैठक नवनिर्मित पंचायत भवन में नहीं की जाएगी। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है, जो कभी भी धराशायी हो सकता है। ग्रामीणों द्वारा पंचायत भवन के निर्माण कार्यों की जांच कराए जाने की मांग की है।
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इस भवन निर्माण की जांच कराई जाएगी। पांच माह में ही भवन की स्थिति खस्ताहाल होने के पीछे गुणवत्ता से खिलवाड़ या गड़बड़ी करने में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- केपी सिंह, सीडीओ, बिजनौर

बिजनौर की ग्राम पंचायत औरंगपुर तारा में नवनिर्मित पंचायत भवनों के लेंटर को रोकने के लिए लगाई गई ब- फोटो : BIJNOR