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रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:00 AM IST
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बिजनौर में जिलाधिकारी जगतराज ने वर्ष 2014-15 में ब्लॉक जलीलपुर में स्वीकृत 92 इंदिरा आवास तथा वर्ष 2015-16 में नजीबाबाद ब्लॉक में पांच इंदिरा आवास योजना में हुई अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी, एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और धनराशि की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले तीन अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
विकास भवन के सभागार में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में वृद्धा, विधवा, विकलांग, समाजवादी पेंशन, स्वास्थ्य योजनाओं, राशन कार्ड फीडिंग, आधार फीडिंग, मनरेगा में उपलब्ध धनराशि का भुगतान आदि में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने हर हाल में 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि विकास कार्यों, शौचालय निर्माण या किसी भी कार्य में अनियमितता मिली तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्व एफआईआर दर्ज करा वसूली की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अफसरों के बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय छोड़ने को अनुशासनहीनता करार देते हुए उप निदेशक कृषि प्रसार, जिला उ़द्यान अधिकारी तथा भूमि संरक्षण अधिकारी का एक-एक दिन का वेतन काटने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हीरालाल, उपायुक्त एनआरएलएम उपाध्याय के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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यूपीसीएल रुड़की, पेकफेड के कार्यों की जांच
जिलाधिकारी ने यूपीसीएल रुड़की तथा पेकफेड कार्यदायी संस्थाओं द्वारा मानक के अनुरूप निमार्ण न करने और निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न करने पर नाराजगी जताते हुए इनके कार्यों की गुणवत्ता की जांच समिति से कराने के निर्देश दिए। इन दोनों संस्थाओं से जिले में कोई भी शासकीय कार्य नहीं कराया जाएगा। उन्होंने हौसला पोषण कार्यक्रम निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित न होने, गर्भवती महिलाअेां द्वारा केंद्र पर भोजन, हॉटकुक एवं घी उपलब्ध न कराने और कुपोषित बच्चों के संबंध में लापरवाही बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित करें।
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विकास भवन के सभागार में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में वृद्धा, विधवा, विकलांग, समाजवादी पेंशन, स्वास्थ्य योजनाओं, राशन कार्ड फीडिंग, आधार फीडिंग, मनरेगा में उपलब्ध धनराशि का भुगतान आदि में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने हर हाल में 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि विकास कार्यों, शौचालय निर्माण या किसी भी कार्य में अनियमितता मिली तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्व एफआईआर दर्ज करा वसूली की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अफसरों के बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय छोड़ने को अनुशासनहीनता करार देते हुए उप निदेशक कृषि प्रसार, जिला उ़द्यान अधिकारी तथा भूमि संरक्षण अधिकारी का एक-एक दिन का वेतन काटने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हीरालाल, उपायुक्त एनआरएलएम उपाध्याय के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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यूपीसीएल रुड़की, पेकफेड के कार्यों की जांच
जिलाधिकारी ने यूपीसीएल रुड़की तथा पेकफेड कार्यदायी संस्थाओं द्वारा मानक के अनुरूप निमार्ण न करने और निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न करने पर नाराजगी जताते हुए इनके कार्यों की गुणवत्ता की जांच समिति से कराने के निर्देश दिए। इन दोनों संस्थाओं से जिले में कोई भी शासकीय कार्य नहीं कराया जाएगा। उन्होंने हौसला पोषण कार्यक्रम निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित न होने, गर्भवती महिलाअेां द्वारा केंद्र पर भोजन, हॉटकुक एवं घी उपलब्ध न कराने और कुपोषित बच्चों के संबंध में लापरवाही बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित करें।