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मूल्यांकन व्यवस्था की खुली पोल
Fri, 08 Mar 2019 11:14 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 08 Mar 2019 11:14 PM IST
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बिजनौर इंटर कॉलेज में मूल्यांकन का बहिष्कार कर प्रदर्शन करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर। यूपी बोर्ड की मूल्यांकन व्यवस्था की पहले दिन ही पोल खुल गई है। मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां नर्हीं आइं। परीक्षक बैरंग घरों को लौट गए। मूल्यांकन केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षक कॉपी जांचने नहीं आए। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने कहा है कि मूल्यांकन ड्यूटी से अनुपस्थित परीक्षकों का वेतन कटेगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपी जांचने का शुक्रवार को पहला दिन था। मूल्यांकन का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक है। दोपहर 12 बजे तक परीक्षक केंद्रों पर आते रहे। परीक्षकों को बताया गया कि उनके विषयों की कापी नहीं आई हैं। काफी समय तक इंतजार करने के बाद ये परीक्षक उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करके लौट गए। मूल्यांकन में काफी संख्या में परीक्षक अनुपस्थित रहे। चारों केंद्रों पर बोर्ड द्वारा आवंटित 214 उपप्रधान परीक्षकों में से 103 और 1966 सहायक परीक्षकों में 1271 परीक्षक अनुपस्थित रहे।
इनमें जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 204 परीक्षक, आरजेपी पर 264 परीक्षक, जीजीआईसी पर 407 परीक्षक और बीआईसी केंद्र पर 396 परीक्षक मूल्यांकन ड्यूटी पर नहीं आए। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार मूल्यांकन ड्यूटी पर नहीं आने वाले शिक्षकों को विद्यालय से गैरहाजिर मानते हुए वेतन काटा जाएगा। अनेक विद्यालयों में परीक्षक नियुक्ति पत्र नहीं पहुंचने पर डीआईओएस ने कहा कि उनके दफ्तर से नियुक्ति पत्र बृहस्पतिवार को सभी विद्यालयों में भेज दिए गए थे। यदि वाहक ने नहीं पहुंचाएं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही मूल्यांकन ड्यूटी के लिए शिक्षकों को रिलीव नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रधानाचार्यों को जिम्मेदार माना जाएगा।
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मूल्यांकन केंद्रों में बजते रहे मोबाइल फोन
बोर्ड के निर्देश हैं कि परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल लेकर नहीं आएं। आरोप है कि पहले दिन ही बोर्ड के निर्देशों को नहीं माना गया। मूल्यांकन केंद्र पर फोन घनघनाते रहे। उपनियंत्रकों की मीटिंग में परीक्षक फोन पर बात करते रहे। इसकी जानकारी होने पर एलान कराया गया कि सभी परीक्षक वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरों की नजर में हैं। चारों केंद्र के उपनियंत्रकों ने मीटिंग में बोर्ड से आए मूल्यांकन संबंधी निर्देश की जानकारी दी।
शिक्षकों ने प्रदर्शन कर किया मूल्यांकन का बहिष्कार
माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट ने शिक्षकों की मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शन किया और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। शुक्रवार को उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह, संयोजक अनिल कुमार के नेतृत्व में शिक्षक बिजनौर इंटर कॉलेज में एकत्रित हुए। शिक्षकों ने नौ मांगें पूरी नहीं होने पर चिंता जताई। मांगों को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन किया और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि शासन शिक्षकों की मांगों की अनदेखी कर रहा है। पुरानी पेंशन शिक्षकों के लिए अति आवश्यक है। इसके अलावा भी शिक्षकों की कई मांग हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पारिश्रमिक भी सीबीएसई के बराबर किया जाना चाहिए। इस गुट के समर्थक शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। गुट से जुड़े शिक्षक कांपी जांचने नहीं आए। इस मौके पर लवलेश शर्मा, लाल जी भारती, विमल कुमार, दीपक गर्ग, महेंद्र सिंह, हरजीत सिंह, वेदप्रकाश, राहिल अनवर, सुहेल आदि मौजूद रहे। पहले दिन जीआईसी केंद्र पर 579, जीजीआईसी केंद्र पर सबसे अधिक 1325, आरजेपी केंद्र पर करीब 150 और बीआईसी केंद्र पर करीब 450 कॉपी जांची गई हैं।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपी जांचने का शुक्रवार को पहला दिन था। मूल्यांकन का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक है। दोपहर 12 बजे तक परीक्षक केंद्रों पर आते रहे। परीक्षकों को बताया गया कि उनके विषयों की कापी नहीं आई हैं। काफी समय तक इंतजार करने के बाद ये परीक्षक उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करके लौट गए। मूल्यांकन में काफी संख्या में परीक्षक अनुपस्थित रहे। चारों केंद्रों पर बोर्ड द्वारा आवंटित 214 उपप्रधान परीक्षकों में से 103 और 1966 सहायक परीक्षकों में 1271 परीक्षक अनुपस्थित रहे।
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इनमें जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 204 परीक्षक, आरजेपी पर 264 परीक्षक, जीजीआईसी पर 407 परीक्षक और बीआईसी केंद्र पर 396 परीक्षक मूल्यांकन ड्यूटी पर नहीं आए। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार मूल्यांकन ड्यूटी पर नहीं आने वाले शिक्षकों को विद्यालय से गैरहाजिर मानते हुए वेतन काटा जाएगा। अनेक विद्यालयों में परीक्षक नियुक्ति पत्र नहीं पहुंचने पर डीआईओएस ने कहा कि उनके दफ्तर से नियुक्ति पत्र बृहस्पतिवार को सभी विद्यालयों में भेज दिए गए थे। यदि वाहक ने नहीं पहुंचाएं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही मूल्यांकन ड्यूटी के लिए शिक्षकों को रिलीव नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रधानाचार्यों को जिम्मेदार माना जाएगा।
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मूल्यांकन केंद्रों में बजते रहे मोबाइल फोन
बोर्ड के निर्देश हैं कि परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल लेकर नहीं आएं। आरोप है कि पहले दिन ही बोर्ड के निर्देशों को नहीं माना गया। मूल्यांकन केंद्र पर फोन घनघनाते रहे। उपनियंत्रकों की मीटिंग में परीक्षक फोन पर बात करते रहे। इसकी जानकारी होने पर एलान कराया गया कि सभी परीक्षक वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरों की नजर में हैं। चारों केंद्र के उपनियंत्रकों ने मीटिंग में बोर्ड से आए मूल्यांकन संबंधी निर्देश की जानकारी दी।
शिक्षकों ने प्रदर्शन कर किया मूल्यांकन का बहिष्कार
माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट ने शिक्षकों की मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शन किया और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। शुक्रवार को उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह, संयोजक अनिल कुमार के नेतृत्व में शिक्षक बिजनौर इंटर कॉलेज में एकत्रित हुए। शिक्षकों ने नौ मांगें पूरी नहीं होने पर चिंता जताई। मांगों को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन किया और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि शासन शिक्षकों की मांगों की अनदेखी कर रहा है। पुरानी पेंशन शिक्षकों के लिए अति आवश्यक है। इसके अलावा भी शिक्षकों की कई मांग हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पारिश्रमिक भी सीबीएसई के बराबर किया जाना चाहिए। इस गुट के समर्थक शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। गुट से जुड़े शिक्षक कांपी जांचने नहीं आए। इस मौके पर लवलेश शर्मा, लाल जी भारती, विमल कुमार, दीपक गर्ग, महेंद्र सिंह, हरजीत सिंह, वेदप्रकाश, राहिल अनवर, सुहेल आदि मौजूद रहे। पहले दिन जीआईसी केंद्र पर 579, जीजीआईसी केंद्र पर सबसे अधिक 1325, आरजेपी केंद्र पर करीब 150 और बीआईसी केंद्र पर करीब 450 कॉपी जांची गई हैं।