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सड़क मरम्मत के लिए, गंगा पुल के निकट पानी की धार रोकने की फिर से कोशिश
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चांदपुर जलीलपुर से हस्तिनापुर मार्ग पर गंगा पुल के पास तेजी से बढ़ता कटान।
- फोटो : BIJNOR
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गंगा उफान पर, खेतों व रास्तों पर पहुंचा पानी
चांदपुर/जलीलपुर(बिजनौर)। दस दिनों से गंगा पर बने पुल के निकट सड़क धंसने से आवागमन बंद हैं। दो दिनों तक पानी की दिशा बदले के प्रयास विफल हो गए थे। तब से मरम्मत कार्य बंद था। लोक निर्माण विभाग ने कई दिनों तक विचार विमर्श करने के बाद अब नये तरीके से गंगा की धार को रोकने का प्रयास शुरू किया है। कटान वाले स्थान पर अपस्ट्रीम में ‘वायर क्रेट वाल’ बनाई जा रही हैं।
बेहसूमा चांदपुर जसपुर राज्य मार्ग पर बने हस्तिनापुर गंगा पुल के निकट सड़क धंसने के कारण दस दिनों से आवागमन बंद है। सड़क का धंसा हिस्सा पानी में बहने के बाद गंगा की धार लगातार सड़क को काट रही है। रोजाना सड़क और पुल के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। लोक निर्माण विभाग मेरठ ने सड़क धंसने के अगले दिन रविवार से ही लकड़ी की बल्ली व मिट्टी के बोरे लगाकर पानी को रोकने की कोशिश की थी। मंगलवार को गंगा में उफान आते ही सारे इंतजाम पानी में बह गए थे। तब से पुलि के निकट सड़क मरम्मत कार्य बंद था।
कई दिनों के विचार विमर्श के बाद लोक निर्माण विभाग ने फिर से कटान रोकने का काम शुरू किया है। अबकी बार ‘वायर क्रेट वाल’ बनाने का काम शुरू किया है। इसको करने के लिए सहारनपुर आदि से अनुभवी ठेकेदार व प्रशिक्षित मजदूरों की टोली बुलाई गई है। नईम अहमद, माटू खां, जमशेद, मुस्तकीम, नसीम आदि ने बताया इस तकनीक से कटान रोकने में सफलता मिली है। उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार व यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि में अनेक बार इस तकनीक का इस्तेमाल कर कटान रोकने का अनुभव हैं।
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क्या हैं वायर क्रेट वाल
वायर क्रेट वाल में लोहे के तार और मोटे पत्थरों की दीवार बनाई जाती है। सबसे पहले मजदूर लोहे के मोटे तार का बड़ा संदूक जैसा जाल बनाते हैं। इस जाल को पानी कटान वाले स्थान पर रखकर इसमें मोटे पत्थर भरते हैं। पत्थर भरने के इसको चारों ओर से बंद करते हैं। लोहे के जाल से बने बॉक्स में पत्थर भरने के बाद इनको एक दूसरे से बांधते हैं। इस प्रकार लोहे के तार की मदद पत्थर की मोटी दीवार बन जाती है। मौके पर काम की निगरानी कर रहे मनजीत सिंह ने बताया कि जल्दी ही कटान रोककर सड़क मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
बाढ़ जैसे हालात सड़क पर गंगा की धार
गंगा में उफान के चलते खेतों में पानी बढ़ गया है। गांव मीरापुर सीकरी व रायपुर खादर में सड़क पर गंगा का पानी चल रहा है। गंगा खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अभी पिछले सप्ताह से खेतों में भरा पानी सूख भी नहीं पाया था कि गंगा में फिर से उफान आ गया। किसान हरविंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, करतार सिंह आदि ने बताया आज पानी ज्यादा है। गांव मीरापुर सीकरी व रायपुर खादर में सड़क पर गंगा का पानी चल रहा हैं।
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चांदपुर/जलीलपुर(बिजनौर)। दस दिनों से गंगा पर बने पुल के निकट सड़क धंसने से आवागमन बंद हैं। दो दिनों तक पानी की दिशा बदले के प्रयास विफल हो गए थे। तब से मरम्मत कार्य बंद था। लोक निर्माण विभाग ने कई दिनों तक विचार विमर्श करने के बाद अब नये तरीके से गंगा की धार को रोकने का प्रयास शुरू किया है। कटान वाले स्थान पर अपस्ट्रीम में ‘वायर क्रेट वाल’ बनाई जा रही हैं।
बेहसूमा चांदपुर जसपुर राज्य मार्ग पर बने हस्तिनापुर गंगा पुल के निकट सड़क धंसने के कारण दस दिनों से आवागमन बंद है। सड़क का धंसा हिस्सा पानी में बहने के बाद गंगा की धार लगातार सड़क को काट रही है। रोजाना सड़क और पुल के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। लोक निर्माण विभाग मेरठ ने सड़क धंसने के अगले दिन रविवार से ही लकड़ी की बल्ली व मिट्टी के बोरे लगाकर पानी को रोकने की कोशिश की थी। मंगलवार को गंगा में उफान आते ही सारे इंतजाम पानी में बह गए थे। तब से पुलि के निकट सड़क मरम्मत कार्य बंद था।
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कई दिनों के विचार विमर्श के बाद लोक निर्माण विभाग ने फिर से कटान रोकने का काम शुरू किया है। अबकी बार ‘वायर क्रेट वाल’ बनाने का काम शुरू किया है। इसको करने के लिए सहारनपुर आदि से अनुभवी ठेकेदार व प्रशिक्षित मजदूरों की टोली बुलाई गई है। नईम अहमद, माटू खां, जमशेद, मुस्तकीम, नसीम आदि ने बताया इस तकनीक से कटान रोकने में सफलता मिली है। उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार व यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि में अनेक बार इस तकनीक का इस्तेमाल कर कटान रोकने का अनुभव हैं।
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क्या हैं वायर क्रेट वाल
वायर क्रेट वाल में लोहे के तार और मोटे पत्थरों की दीवार बनाई जाती है। सबसे पहले मजदूर लोहे के मोटे तार का बड़ा संदूक जैसा जाल बनाते हैं। इस जाल को पानी कटान वाले स्थान पर रखकर इसमें मोटे पत्थर भरते हैं। पत्थर भरने के इसको चारों ओर से बंद करते हैं। लोहे के जाल से बने बॉक्स में पत्थर भरने के बाद इनको एक दूसरे से बांधते हैं। इस प्रकार लोहे के तार की मदद पत्थर की मोटी दीवार बन जाती है। मौके पर काम की निगरानी कर रहे मनजीत सिंह ने बताया कि जल्दी ही कटान रोककर सड़क मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
बाढ़ जैसे हालात सड़क पर गंगा की धार
गंगा में उफान के चलते खेतों में पानी बढ़ गया है। गांव मीरापुर सीकरी व रायपुर खादर में सड़क पर गंगा का पानी चल रहा है। गंगा खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अभी पिछले सप्ताह से खेतों में भरा पानी सूख भी नहीं पाया था कि गंगा में फिर से उफान आ गया। किसान हरविंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, करतार सिंह आदि ने बताया आज पानी ज्यादा है। गांव मीरापुर सीकरी व रायपुर खादर में सड़क पर गंगा का पानी चल रहा हैं।