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गंगा उफान पर, कई गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:09 AM IST
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बिजनौर के ग्राम बाकरपुर में रास्ते में आए मालन नदी के पानी से गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जलीलपुर में गंगा का जलस्तर और बढ़ने से जलीलपुर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बढ़े जलस्तर के कारण लोगों का गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कइ गांव चारों ओर पानी से घिर गए हैं। रायपुर खादर जाने वाली सड़क पर गंगा का पानी आने के कारण आवाजाही बाधित हैै। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारा का प्रबंध करना सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
जलीलपुर के गांव सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर, नारनौर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, स्याली, जमालुदीनपुर, नेवला आदि के जंगल में खड़ी किसानों की हजारों बीघा फसल करीब एक माह से जलमग्न है। सोमवार को गंगा से उफन कर आ रहा पानी का जलस्तर और अधिक हो जाने के कारण गांव रायपुर खादर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, स्याली, नेवला, सीकरी के हालात टापू जैसे हो गए हैं। बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए है। प्रशासन तटीय क्षेत्र में गांव में अलर्ट जारी कर रखा है। इन गांवों के चारों ओर कई फुट पानी बह रहा है। नारनौर से दत्तियाना के बीच और रायपुर खादर से अजदेव जाने वाली एक मात्र मुख्य सड़क पर पानी अधिक होने के कारण का संचालन भी बंद हो गया है।
रायपुर खादर के प्रधान करतार सिंह ने बताया कि गंगा का पानी गांव में घुस गया है। ग्रामीण गांव के ऊंचे हिस्सों पर शरण लिए हैं। बताया गया कि जो नाव भेजी गई थी, वो टूटी होने के कारण वापस कर दी गई है। रायपुर खादर के लिए तुरंत दुरुस्त नाव दिलाने की मांग की है। रावेंद्र कश्यप, संजय चौहान, निखिल त्यागी, रंजीत सिंह, गुरविंद्र सिंह आदि ने बताया खेतों में खड़ी फसलें खराब हो गई हैं।
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क्षेत्र के ग्रामीणों को पसंद नहीं है राहत शिविर में रहना
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को राहत शिविर में रहना कभी पसंद नहीं रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अपने गांव में ही रहना पसंद करते हैं। खानपुर खादर में बने बाढ़ राहत शिविर में बहुत कम ग्रामीणों ने शरण ली है। एसडीएम चांदपुर उमेश कुमार मिश्रा ने बताया बाढ़ राहत के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी है। ग्रामीण राहत शिविर में आने को तैयार नहीं है। प्रशासन ने पशुओं का चारा व ग्रामीणों के रहने खाना आदि की पूर्ण व्यवस्था की हुई है। जिस गांव को नाव की जरूरत होगी, उसके लिए नाव की व्यवस्था की जाएगी।
रामगंगा में जल बढ़ा कई गांव टापू में तब्दील
स्योहारा में तीन दिन से लगातार हो रही वर्षा से रामगंगा के खादर में बसे गांव टापू बन गए हैं। स्योहारा से छह किमी दूर मुरादाबाद जनपद के गांव दरियापुर, रफायतपुर लगातार हो रही बारिश तथा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण टापू बन गए हैं। इन गांव का संपर्क स्योहारा, कांठ, ठाकुरद्वारा आदि से पूरी तरह कट गया है। गांव में मोबाइल आदि के सिग्नल न होने के कारण इन गांववालों से कुशलक्षेम भी नहीं मिल पा रही है। डा. हरस्वरूप सिंह सैनी ने बताया कि मुरादाबाद जनपद के उनके गांव दरियापुर, रफायतपुर आदि के ढ ग्रामीण स्योहारा पास पड़ने के कारण बाजार, शिक्षा, चिकित्सा आदि के लिए स्योहारा ही आते हैं। गांव रहैनी से रामगंगा पार कर मात्र एक किमी की दूरी पर गांव है। गांव के चारों ओर पानी भर जाने के कारण गांव टापू बन गया है। रविवार से गांववालों का स्योहारा आना बंद हो गया है। गांव मुकरपुरी, सिपाहियोवाला, बसेड़ा, जोतहिम्मा, अमीनाबाद, बाजीरपुर मंडियो, शेरपुर मजरा आदि के जंगल में पानी भर जाने से किसानों को चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
नदियों के उफान से प्रशासन सतर्क
बिजनौर में उत्तराखंड व जिले में हो रही भारी बारिश से नदियों में आ रहे उफान को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है।
डीएम अटल कुमार राय के अनुसार बाढ़ चौकियों को तुरंत क्रियाशील करने, बाढ़ चौकियों पर फ्लैक्सी/बैनर आदि लगाने तथा कर्मचारियों को हर समय चौकस रहने को कहा है। वहां नियुक्त कर्मचारी एसडीएम व तहसीलदार से सीधे जुड़ेंगे। गांव वालों को अधिक पानी होने पर नदी मेें जाने से रोकेंगे। नदियों के पास के जिन गांवों में पानी आ गया है वहां रहने वालों को तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर ले जाएंगे। उनके भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था पूर्ति विभाग, ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय प्रधान आदि करेंगे। भोजन के पैकेट व अन्य सामग्री देने में एनजीओ, व्यापार मंडल, कारपोरेट समूह की मदद ली जाएगी। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप आयोजित होंगे। जल निगम अधिशासी अभियंता को संक्रमित जल वाले स्थानों पर क्लोरीन की गोली उपलब्ध कराएंगे।
संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए डीपीआरओ के निर्देशन में सफाई अभियान चलाया जाएगा। नगर पालिका व पंचायतों में जलभराव वाले क्षेत्रों से पंपिंग सेट से पानी निकाला जाए। सीएमओ को गंगा में नाव दुर्घटना में डूबे गांव वालों के बचाव कार्य के दौरान एंबुलेंस हर समय उपलब्ध कराने को कहा है। डीएम ने आदेशों के क्रियान्वयन के लिए सीडीओ को तहसील नगीना व नजीबाबाद, एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ को तहसील चांदपुर व धामपुर तथा एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा को तहसील बिजनौर का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सभी विभागों ने डीएम के आदेश पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को गांव डेबलगढ़ में गांव वालों को खाद्य सामग्री वितरित की गईं।
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जलीलपुर के गांव सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर, नारनौर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, स्याली, जमालुदीनपुर, नेवला आदि के जंगल में खड़ी किसानों की हजारों बीघा फसल करीब एक माह से जलमग्न है। सोमवार को गंगा से उफन कर आ रहा पानी का जलस्तर और अधिक हो जाने के कारण गांव रायपुर खादर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सुजातपुर खादर, स्याली, नेवला, सीकरी के हालात टापू जैसे हो गए हैं। बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए है। प्रशासन तटीय क्षेत्र में गांव में अलर्ट जारी कर रखा है। इन गांवों के चारों ओर कई फुट पानी बह रहा है। नारनौर से दत्तियाना के बीच और रायपुर खादर से अजदेव जाने वाली एक मात्र मुख्य सड़क पर पानी अधिक होने के कारण का संचालन भी बंद हो गया है।
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रायपुर खादर के प्रधान करतार सिंह ने बताया कि गंगा का पानी गांव में घुस गया है। ग्रामीण गांव के ऊंचे हिस्सों पर शरण लिए हैं। बताया गया कि जो नाव भेजी गई थी, वो टूटी होने के कारण वापस कर दी गई है। रायपुर खादर के लिए तुरंत दुरुस्त नाव दिलाने की मांग की है। रावेंद्र कश्यप, संजय चौहान, निखिल त्यागी, रंजीत सिंह, गुरविंद्र सिंह आदि ने बताया खेतों में खड़ी फसलें खराब हो गई हैं।
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क्षेत्र के ग्रामीणों को पसंद नहीं है राहत शिविर में रहना
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को राहत शिविर में रहना कभी पसंद नहीं रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अपने गांव में ही रहना पसंद करते हैं। खानपुर खादर में बने बाढ़ राहत शिविर में बहुत कम ग्रामीणों ने शरण ली है। एसडीएम चांदपुर उमेश कुमार मिश्रा ने बताया बाढ़ राहत के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी है। ग्रामीण राहत शिविर में आने को तैयार नहीं है। प्रशासन ने पशुओं का चारा व ग्रामीणों के रहने खाना आदि की पूर्ण व्यवस्था की हुई है। जिस गांव को नाव की जरूरत होगी, उसके लिए नाव की व्यवस्था की जाएगी।
रामगंगा में जल बढ़ा कई गांव टापू में तब्दील
स्योहारा में तीन दिन से लगातार हो रही वर्षा से रामगंगा के खादर में बसे गांव टापू बन गए हैं। स्योहारा से छह किमी दूर मुरादाबाद जनपद के गांव दरियापुर, रफायतपुर लगातार हो रही बारिश तथा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण टापू बन गए हैं। इन गांव का संपर्क स्योहारा, कांठ, ठाकुरद्वारा आदि से पूरी तरह कट गया है। गांव में मोबाइल आदि के सिग्नल न होने के कारण इन गांववालों से कुशलक्षेम भी नहीं मिल पा रही है। डा. हरस्वरूप सिंह सैनी ने बताया कि मुरादाबाद जनपद के उनके गांव दरियापुर, रफायतपुर आदि के ढ ग्रामीण स्योहारा पास पड़ने के कारण बाजार, शिक्षा, चिकित्सा आदि के लिए स्योहारा ही आते हैं। गांव रहैनी से रामगंगा पार कर मात्र एक किमी की दूरी पर गांव है। गांव के चारों ओर पानी भर जाने के कारण गांव टापू बन गया है। रविवार से गांववालों का स्योहारा आना बंद हो गया है। गांव मुकरपुरी, सिपाहियोवाला, बसेड़ा, जोतहिम्मा, अमीनाबाद, बाजीरपुर मंडियो, शेरपुर मजरा आदि के जंगल में पानी भर जाने से किसानों को चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
नदियों के उफान से प्रशासन सतर्क
बिजनौर में उत्तराखंड व जिले में हो रही भारी बारिश से नदियों में आ रहे उफान को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है।
डीएम अटल कुमार राय के अनुसार बाढ़ चौकियों को तुरंत क्रियाशील करने, बाढ़ चौकियों पर फ्लैक्सी/बैनर आदि लगाने तथा कर्मचारियों को हर समय चौकस रहने को कहा है। वहां नियुक्त कर्मचारी एसडीएम व तहसीलदार से सीधे जुड़ेंगे। गांव वालों को अधिक पानी होने पर नदी मेें जाने से रोकेंगे। नदियों के पास के जिन गांवों में पानी आ गया है वहां रहने वालों को तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर ले जाएंगे। उनके भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था पूर्ति विभाग, ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय प्रधान आदि करेंगे। भोजन के पैकेट व अन्य सामग्री देने में एनजीओ, व्यापार मंडल, कारपोरेट समूह की मदद ली जाएगी। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप आयोजित होंगे। जल निगम अधिशासी अभियंता को संक्रमित जल वाले स्थानों पर क्लोरीन की गोली उपलब्ध कराएंगे।
संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए डीपीआरओ के निर्देशन में सफाई अभियान चलाया जाएगा। नगर पालिका व पंचायतों में जलभराव वाले क्षेत्रों से पंपिंग सेट से पानी निकाला जाए। सीएमओ को गंगा में नाव दुर्घटना में डूबे गांव वालों के बचाव कार्य के दौरान एंबुलेंस हर समय उपलब्ध कराने को कहा है। डीएम ने आदेशों के क्रियान्वयन के लिए सीडीओ को तहसील नगीना व नजीबाबाद, एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ को तहसील चांदपुर व धामपुर तथा एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा को तहसील बिजनौर का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सभी विभागों ने डीएम के आदेश पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को गांव डेबलगढ़ में गांव वालों को खाद्य सामग्री वितरित की गईं।