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पदाधिकारियों की इस्तीफे की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:17 AM IST
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धामपुर में सहकारी गन्ना समिति बोर्ड की बैठक में संचालक गन्ना विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए असंतोष जताया गया। संचालकों ने जल्द सुधार न होने पर पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की। काफी गहमा-गहमी के बाद समिति के कर्मियों ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर बोर्ड का घिराव किया। बाद में सदन ने किसान और कर्मियों के हित में कई प्रस्ताव पास किए।
शनिवार को 12 बजे से समिति के हाल में बैठक शुरू होते ही सभापति कुशलपाल सिंह बिगड़ गए। उन्होने आरोप लगाया कि डीसीओ बिजनौर, गन्ना समिति चीनी मिलों के एसी गेस्ट हाउस में मौज मार रहे हैं, जबकि किसान परेशान हैं। स्वार्थ पूरे कराने के लिए अधिकारी बाहरी कर्मियों को यहां भेजकर तैनाती करा रहे हैं। गन्ना समिति के अधिकारी इसकी भनक भी नहीं लगने देते।
वैसे बोर्ड का दायित्व इन संस्थाओें में सर्वोपरि है, लेकिन संस्थाओं में क्या हो रहा है, बोर्ड को कोई जानकारी नहीं देता। अधिकारियों की मनमानी से सब कुछ गड़बड़ है। समिति आर्थिक तंगी के कारण सौ कर्मियों का वेतन देने में भी अक्षम है। यहां नियम विरुद्ध 160 से अधिक कर्मी तैनात हैं।
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समिति के कर्मियों ने सातवां वेतन आयोग लागू कराने और स्टाफ में कमी को लेकर बोर्ड को ज्ञापन सौंपा। प्रोन्नत एकाउंटेंट को लेकर चार्ज के मामले में बोर्ड और सचिव के बीच नोंकझोंक भी हुई। सचिव ने बताया कि गन्ना उपायुक्त और डीसीओ के आदेश पर प्रोन्नत महेशचंद को कार्यभार नहीं दिया गया है। इसके बाद सदन ने किसान हित में कई प्रस्ताव भी पारित किए।
पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान के भांजे/समिति संचालक प्रेमराज सिंह चौहान द्वारा स्वेच्छिक तौर पर सौपे गए इस्तीफे को बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। सचिव महीपाल सिंह ने कहा कि समिति में सब कुछ ठीक है, पर कुछ संचालक और कर्मी स्वार्थों की पूर्ति के लिए समिति और अधिकारियों की छबि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। अरुणा कुमारी, मोक्षपाल, राजीव कुमार, यादराम सिंह, अनूप सिंह, राजाराम, चीनी मिल धामपुर के जीएम गन्ना आजाद सिंह,प्रबंधक मनोज चौहान, अफजलगढ से अजय ढाका मौजूद रहे।
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शनिवार को 12 बजे से समिति के हाल में बैठक शुरू होते ही सभापति कुशलपाल सिंह बिगड़ गए। उन्होने आरोप लगाया कि डीसीओ बिजनौर, गन्ना समिति चीनी मिलों के एसी गेस्ट हाउस में मौज मार रहे हैं, जबकि किसान परेशान हैं। स्वार्थ पूरे कराने के लिए अधिकारी बाहरी कर्मियों को यहां भेजकर तैनाती करा रहे हैं। गन्ना समिति के अधिकारी इसकी भनक भी नहीं लगने देते।
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वैसे बोर्ड का दायित्व इन संस्थाओें में सर्वोपरि है, लेकिन संस्थाओं में क्या हो रहा है, बोर्ड को कोई जानकारी नहीं देता। अधिकारियों की मनमानी से सब कुछ गड़बड़ है। समिति आर्थिक तंगी के कारण सौ कर्मियों का वेतन देने में भी अक्षम है। यहां नियम विरुद्ध 160 से अधिक कर्मी तैनात हैं।
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समिति के कर्मियों ने सातवां वेतन आयोग लागू कराने और स्टाफ में कमी को लेकर बोर्ड को ज्ञापन सौंपा। प्रोन्नत एकाउंटेंट को लेकर चार्ज के मामले में बोर्ड और सचिव के बीच नोंकझोंक भी हुई। सचिव ने बताया कि गन्ना उपायुक्त और डीसीओ के आदेश पर प्रोन्नत महेशचंद को कार्यभार नहीं दिया गया है। इसके बाद सदन ने किसान हित में कई प्रस्ताव भी पारित किए।
पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान के भांजे/समिति संचालक प्रेमराज सिंह चौहान द्वारा स्वेच्छिक तौर पर सौपे गए इस्तीफे को बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। सचिव महीपाल सिंह ने कहा कि समिति में सब कुछ ठीक है, पर कुछ संचालक और कर्मी स्वार्थों की पूर्ति के लिए समिति और अधिकारियों की छबि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। अरुणा कुमारी, मोक्षपाल, राजीव कुमार, यादराम सिंह, अनूप सिंह, राजाराम, चीनी मिल धामपुर के जीएम गन्ना आजाद सिंह,प्रबंधक मनोज चौहान, अफजलगढ से अजय ढाका मौजूद रहे।