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मरीजों की देखभाल नर्सों के स्वास्थ्य पर पड़ रही भारी
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मरीजों के उपचार में नर्स खुद पड़ रहीं बीमार
बिजनौर। जिला अस्पताल में न तो चिकित्सक पूरे हैं और न ही मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सों की संख्या पूरी हैं। जिला अस्पताल में सिर्फ आठ नर्सें हैं। एक नर्स करीब 60 मरीजों की देखभाल कर रही है। मरीजों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते-रखते नर्सों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। नर्सों को सिर दर्द और तनाव जैसी समस्या सामने आ रही है और मरीजों के उपचार में नर्स खुद बीमार पड़ रही हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन, शासन से स्टाप पूरा कराने के लिए लगातार पत्राचार करने का दावा कर रहा है।
जिला अस्पताल में 18 स्टाफ नर्स और पांच सिस्टर के स्वीकृत हैं, जबकि अस्पताल में कुल चार स्टाफ नर्स और चार सिस्टर तैनात हैं। नर्सों की कमी मरीजों की सेहत और अस्पताल में तैनात नर्सों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। एक नर्स दिन में 12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं, जबकि एक नर्स को अस्पताल में दिन के समय छह घंटे ड्यूटी करने का नियम है। 12 घंटे की ड्यूटी करते-करते नर्सों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। उन्हें सिर दर्द और तनाव जैसी समस्या सामने आ रही है। जब मरीजों से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। नर्सों की कमी का मरीजों पर असर कम पड़ रहा है, लेकिन नर्स परेशान हैं। (संवाद)
सिर दर्द जैसी समस्या बढ़ गई : पुष्पा निगम
सिस्टर पुष्पा निगम ने बताया कि उन्होंने कई सप्ताह से छुट्टी नहीं ली है। लगातार काम करने की वजह से सिर दर्द जैसी समस्या होने लगी है। जिला अस्पताल में नर्स कम होने से बार-बार चक्कर काटना पड़ रहा है।
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नर्स कम होने से वार्डों में ही भटक रहे : सुदेश
सिस्टर सुदेश ने बताया कि उनकी ड्यूटी आईसीयू में है। नर्स कम होने से सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। अगर उनकी ड्यूटी दूसरे भवन के वार्ड में है और नीचे वार्ड में मरीज को दिक्कत होने लगे तो तुरंत भागना पड़ता है। हर मिनट पर इधर से उधर चक्कर काट रहे हैं। करीब दो सप्ताह से छुट्टी नहीं ली है।
लगातार काम की वजह से पड़ सकते हैं बीमार : पद्मावती
सिस्टर पद्मावती ने कहा कि कोविड केे दौरान रखी 12 नर्स की वजह से कम परेशानी थी, लेकिन अब उनकी तैनाती खत्म हो गई है। जिसकी वजह से हमारी परेशानी बढ़ गई है। इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो लगातार काम करने की वजह से बीमार पड़ सकते हैं।
नर्सों की कमी का शासन को भेजा पत्र : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि नर्सों की मांग के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इसके साथ ही आज एडी मुरादाबाद को भी नर्सों की कमी के संबंध में पत्र भेजा जाएगा।
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बिजनौर। जिला अस्पताल में न तो चिकित्सक पूरे हैं और न ही मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सों की संख्या पूरी हैं। जिला अस्पताल में सिर्फ आठ नर्सें हैं। एक नर्स करीब 60 मरीजों की देखभाल कर रही है। मरीजों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते-रखते नर्सों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। नर्सों को सिर दर्द और तनाव जैसी समस्या सामने आ रही है और मरीजों के उपचार में नर्स खुद बीमार पड़ रही हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन, शासन से स्टाप पूरा कराने के लिए लगातार पत्राचार करने का दावा कर रहा है।
जिला अस्पताल में 18 स्टाफ नर्स और पांच सिस्टर के स्वीकृत हैं, जबकि अस्पताल में कुल चार स्टाफ नर्स और चार सिस्टर तैनात हैं। नर्सों की कमी मरीजों की सेहत और अस्पताल में तैनात नर्सों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। एक नर्स दिन में 12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं, जबकि एक नर्स को अस्पताल में दिन के समय छह घंटे ड्यूटी करने का नियम है। 12 घंटे की ड्यूटी करते-करते नर्सों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। उन्हें सिर दर्द और तनाव जैसी समस्या सामने आ रही है। जब मरीजों से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। नर्सों की कमी का मरीजों पर असर कम पड़ रहा है, लेकिन नर्स परेशान हैं। (संवाद)
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सिर दर्द जैसी समस्या बढ़ गई : पुष्पा निगम
सिस्टर पुष्पा निगम ने बताया कि उन्होंने कई सप्ताह से छुट्टी नहीं ली है। लगातार काम करने की वजह से सिर दर्द जैसी समस्या होने लगी है। जिला अस्पताल में नर्स कम होने से बार-बार चक्कर काटना पड़ रहा है।
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नर्स कम होने से वार्डों में ही भटक रहे : सुदेश
सिस्टर सुदेश ने बताया कि उनकी ड्यूटी आईसीयू में है। नर्स कम होने से सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। अगर उनकी ड्यूटी दूसरे भवन के वार्ड में है और नीचे वार्ड में मरीज को दिक्कत होने लगे तो तुरंत भागना पड़ता है। हर मिनट पर इधर से उधर चक्कर काट रहे हैं। करीब दो सप्ताह से छुट्टी नहीं ली है।
लगातार काम की वजह से पड़ सकते हैं बीमार : पद्मावती
सिस्टर पद्मावती ने कहा कि कोविड केे दौरान रखी 12 नर्स की वजह से कम परेशानी थी, लेकिन अब उनकी तैनाती खत्म हो गई है। जिसकी वजह से हमारी परेशानी बढ़ गई है। इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो लगातार काम करने की वजह से बीमार पड़ सकते हैं।
नर्सों की कमी का शासन को भेजा पत्र : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि नर्सों की मांग के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इसके साथ ही आज एडी मुरादाबाद को भी नर्सों की कमी के संबंध में पत्र भेजा जाएगा।