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अब घट गया गंगा का जलस्तर

Sun, 23 May 2021 12:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 12:25 AM IST
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Now the water level of Ganga has decreased
अब घट गया गंगा का जलस्तर
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बिजनौर। दो दिन तक हुई बारिश के बाद गंगा का बढ़ा जलस्तर शनिवार को कम हो गया है। 86 हजार क्यूसेक से घटकर गंगा का जलस्तर 57 हजार क्यूसेक रह गया है। गंगा का जलस्तर घटने से तटीय गांवों व पलेज लगाने वालों को राहत मिल गई है।
तीन दिन से रुक रुककर हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ गया था। भीमगोड़ा हरिद्वार से पानी छोड़ने के बाद गंगा का जलस्तर 86 हजार क्यूसेक हो गया था। पहाड़ी व मैदानी इलाके में एक साथ हो रही बारिश से यह जलस्तर बढ़ा था। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांव के लोगों के साथ गंगा किनारे पलेेज लगाने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई थी। पलेज में पानी भर गया था। गंगा बैराज से पानी बढ़ने का सायरन बजाकर आसपास के गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया गया था। शनिवार को गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। 86 हजार क्यूसेक पानी से घटकर गंगा का जलस्तर अब 57 हजार क्यूसेक रह गया है। गंगा का जलस्तर घटने से गंगा के तटीय गांवों के लोगों के साथ पलेज लगाने वालों को भी राहत मिली है। मध्य गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के मुताबिक शनिवार को गंगा का जलस्तर घटकर 57 हजार क्यूसेक रह गया है। बारिश नहीं हुई तो गंगा का जलस्तर और कम होगा।
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पलेजी की फसल हुई बर्बाद
फोटो-
चांदपुर। दो दिन हुई बारिश से गंगा में जलस्तर बढ़ जाने से तरबूज-खरबूजा आदि पलेजी फसल नष्ट हो गई। अचानक गंगा में जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे डेरा डाले पलेजियों में भी हड़कंप मच गया। आनन फानन में पलेजियों ने अपने परिवार को पानी से दूर किया। पानी में फसल डूबने से पलेजियों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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गंगा खादर में गांव नारनौर के पास गंगा नदी पर बने नवनिर्मित पुल के पास के क्षेत्र में चांदपुर, अमरोहा आदि क्षेत्र के पलेजी किसान गंगा किनारे तरबूज, खरबूजा, टमाटर, खीरा, ककड़ी, करेला आदि की फसल लगाते हैं। किसान ब्याज पर रुपये लेकर पलेजी फसल लगाते हैं। पलेजी किसानों का परिवार के पालन पोषण का यही साधन है। फसल बेचकर ब्याज के रुपये को चुकाते हैं। पलेजी किसान विपिन कुमार, बंटी तोमर, महेंद्र, बिट्टू तोमर, मनोज तोमर, रिंकू तोमर, राजवंती, अंकित, सोनू, मनीराम आदि ने बताया कि इस बार उन्हें गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना दिखाई नहीं दे रही थी। गंगा में जल कम होने के कारण उन्हें लगता था कि यदि जल स्तर बढ़ा भी तो फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। शुक्रवार को अचानक कई-कई फीट तक जलस्तर बढ़ गया। दो घंटे के अंदर ही जल स्तर इतना बढ़ गया कि सारी फसल जल में डूब गई। फसल पूरी तरह से पानी में डूबकर नष्ट हो गई है। क
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