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अब दूसरे बच्चे के जन्म पर नहीं कराना होगा पंजीकरण
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अब दूसरे बच्चे के जन्म पर नहीं कराना होगा पंजीकरण
बिजनौर। दूसरे बच्चे के जन्म से पूर्व अब गर्भवती महिलाओं को दोबारा से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत अब स्वास्थ्य विभाग ने रिप्रोडक्टिव हैल्थ केयर (आरसीएच) पोर्टल की शुरुआत की है। अफसरों के अनुसार पहली बार का हुआ पंजीकरण ही पर्याप्त रहेगा। अब इस पोर्टल पर संबंधित महिला की आईडी डालते ही पुराना रिकॉर्ड ऑटोअपडेट हो जाएगा। इससे पूर्व जनपद में सभी महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पोर्टल पर किया जाता था।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शासन के निर्देश पर अब दूसरे बच्चे के जन्म पर माताओं को दोबारा से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पूर्व जनपद में सभी महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पोर्टल पर किया जाता था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इस पोर्टल की शुरुआत की है। योजना के अनुसार इस पोर्टल के माध्यम से महिला के गर्भवती होने पर उसके टीकाकरण से लेकर प्रसव तक की सारी सूचना विभाग को समय से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत जिस महिला का इसमें रजिस्ट्रेशन हो गया है, दूसरी बार गर्भवती होने पर उसे अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जबकि बच्चे के जन्म पर उसका पंजीकरण अलग से कराना होगा और उसका पंजीकरण नंबर मां के रजिस्ट्रेशन नंबर से ही लिंक किया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच रोहताश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इस पोर्टल को बंद कर इसकी जगह आरसीएच पोर्टल जारी किया है। अब इसी पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं और बच्चे का हर बार पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए शासनादेश प्राप्त हो गया है। महिला का पहले वाला डाटा ही पर्याप्त रहेगा।
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बिजनौर। दूसरे बच्चे के जन्म से पूर्व अब गर्भवती महिलाओं को दोबारा से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत अब स्वास्थ्य विभाग ने रिप्रोडक्टिव हैल्थ केयर (आरसीएच) पोर्टल की शुरुआत की है। अफसरों के अनुसार पहली बार का हुआ पंजीकरण ही पर्याप्त रहेगा। अब इस पोर्टल पर संबंधित महिला की आईडी डालते ही पुराना रिकॉर्ड ऑटोअपडेट हो जाएगा। इससे पूर्व जनपद में सभी महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पोर्टल पर किया जाता था।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शासन के निर्देश पर अब दूसरे बच्चे के जन्म पर माताओं को दोबारा से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पूर्व जनपद में सभी महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पोर्टल पर किया जाता था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इस पोर्टल की शुरुआत की है। योजना के अनुसार इस पोर्टल के माध्यम से महिला के गर्भवती होने पर उसके टीकाकरण से लेकर प्रसव तक की सारी सूचना विभाग को समय से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत जिस महिला का इसमें रजिस्ट्रेशन हो गया है, दूसरी बार गर्भवती होने पर उसे अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जबकि बच्चे के जन्म पर उसका पंजीकरण अलग से कराना होगा और उसका पंजीकरण नंबर मां के रजिस्ट्रेशन नंबर से ही लिंक किया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच रोहताश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इस पोर्टल को बंद कर इसकी जगह आरसीएच पोर्टल जारी किया है। अब इसी पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं और बच्चे का हर बार पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए शासनादेश प्राप्त हो गया है। महिला का पहले वाला डाटा ही पर्याप्त रहेगा।
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