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तटबंध के पत्थरों की नहीं पिंचिंग तक नहीं हुई, अब हाईअलर्ट से कई गांवों में दहशत

Sun, 16 Aug 2020 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2020 11:39 PM IST
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Now panic in many villages due to high alert
कादराबाद क्षेत्र में लडडूवाला-मुरलीवाला रामगंगा नदी क्षतिग्रस्त तटबंध। - फोटो : BIJNOR
अब हाईअलर्ट से कई गांवों में दहशत
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कादराबाद। पहाड़ों पर लगातार वर्षा के कारण सिंचाई विभाग की ओर से हाईअलर्ट के बाद रामगंगा नदी किनारे बसे दर्जनों गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव वालों ने डीएम से गांव के तटबंधों की मरम्मत तथा पिचिंग कराने की मांग की है।
गांव मुरलीवाला लडडूवाला के निकट बना तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है वहीं पिचिंग की भी मरम्मत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध टूटने पर कॉलोनियों सहित दर्जनों गांव चपेट में आएंगे। शासन की ओर बाढ़ नियंत्रण की कोई तैयारी नहीं की गई है। गांव मुरलीवाला, लड्डूवाला, तुरतपुर, चकफेरी, रसूलाबाद आदि के ग्रामीण गुरमुख सिंह, चमकौर सिंह, अनिल राठी, सुरेंद्र सिंह, सुकांत, कर्मवीर सिंह, सतेंद्र फौजी आदि का कहना है कि रामगंगा नदी पर तटबंध को खनन माफियाओं व ग्रामीणों ने कई जगह से काट दिया। बंदे के ऊपर लोग पेड़ लगाते है तथा काटकर बेच लेते हैं। जमीन को बढ़ाने के लिए भी लोग तटबंध को काटने से नहीं बाज नहीं आ रहे। तटबंध गांव के समीप है, रखरखाव के अभाव में ठीक से मरम्मत व पत्थरों की पिचिंग की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। पिचिंग न होने से गंगा का रुख निरंतर गांव की ओर है। जलस्तर बढ़ते ही तटबंध टूटने पर दर्जनों गांव में भारी क्षति होगी। उन्होंने तटबंध की मरम्मत गंगा से पत्थर निकाल कर पिचिंग बनवाने तथा तटबंध के क्षतिग्रस्त स्थान पर मिट्टी का भराव कराने की मांग की।
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आरोप है कि ठेकेदार ग्रामीणों के खेतों से मिट्टी उठाकर तटबंध पर डालकर मरम्मत के नाम पर खाना पूर्ति कर पैसा हजम कर लेते हैं तथा ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी रहती है। गांव वालों का कहना है कि वे कई बार जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कर चुके हैं। इस संबंध में अधिशासी अभियंता नरेश कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। पैसा आते ही काम कराया जायेगा। वहीं इमरजेंसी होने पर आपदा फंड से काम कराया जायेगा। अभी बाढ़ की स्थिति से इंकार किया है।
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