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Bijnor News: बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए अब फीडिंग शुरू
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- जिले की ब्लाॅक जलीलपुर में करीब 2900 हेक्टेयर जमीन बाढ़ से प्रभावित
- जलीलपुर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से ऊपर बाढ़ से नुकसान का मिलेगा मुआवजा
- 2900 हेक्टेयर जमीन जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित
- 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
- 45 गांव जनपद के बरसात के दिनों में बाढ़ से थे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल बर्बाद होने वाले किसानों को मुआवजा मिलेगा। प्रशासन ने नुकसान के सर्वे का डाटा फीडिंग का कार्य शुरू कर दिया है। बरसात के दिनों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से वैसे तो जनपद के करीब 45 गांव बाढ़ की चपेट में थे, लेकिन अकेले चांदपुर तहसील के जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र में बाढ़ से करीब 2900 हेक्टेयर जमीन प्रभावित श्रेणी में है।
पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में इस वर्ष अच्छी बारिश होने से नदियां उफान पर रहीं। गंगा समेत जनपद मालन, कोटा, रामगंगा आदि नदियां के पानी से बाढ़ की स्थिति बनी। विभागीय सर्वे के अनुसार नदियों के पानी से करीब 45 गांवों के किसानों की 3102.2 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। इस बार मालन नदी के उफान पर आने पानी से हजारों बीघा फसल नष्ट कर दी थी।
बाढ़ का कहर जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में ज्यादा रहा था। जलीलपुर क्षेत्र में करीब 2900 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। बाढ़ से प्रभावित फसलों के मुआवजे अर्थात (सरकार इनपुट सब्सिडी) के लिए चार सदस्य टीम बनाई। जिन किसानों की फसल में 33 प्रतिशत या उससे ज्यादा नुकसान का सत्यापन किया। मुआवजा देने की तैयारी में प्रशासन द्वारा डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
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सर्वे पूरा हो चुका है। अब डाटा मंगाया जा रहा है और डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। सबसे ज्यादा चांदपुर तहसील क्षेत्र प्रभावित है। - अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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- जलीलपुर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से ऊपर बाढ़ से नुकसान का मिलेगा मुआवजा
- 2900 हेक्टेयर जमीन जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित
- 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
- 45 गांव जनपद के बरसात के दिनों में बाढ़ से थे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल बर्बाद होने वाले किसानों को मुआवजा मिलेगा। प्रशासन ने नुकसान के सर्वे का डाटा फीडिंग का कार्य शुरू कर दिया है। बरसात के दिनों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से वैसे तो जनपद के करीब 45 गांव बाढ़ की चपेट में थे, लेकिन अकेले चांदपुर तहसील के जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र में बाढ़ से करीब 2900 हेक्टेयर जमीन प्रभावित श्रेणी में है।
पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में इस वर्ष अच्छी बारिश होने से नदियां उफान पर रहीं। गंगा समेत जनपद मालन, कोटा, रामगंगा आदि नदियां के पानी से बाढ़ की स्थिति बनी। विभागीय सर्वे के अनुसार नदियों के पानी से करीब 45 गांवों के किसानों की 3102.2 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। इस बार मालन नदी के उफान पर आने पानी से हजारों बीघा फसल नष्ट कर दी थी।
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बाढ़ का कहर जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में ज्यादा रहा था। जलीलपुर क्षेत्र में करीब 2900 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। बाढ़ से प्रभावित फसलों के मुआवजे अर्थात (सरकार इनपुट सब्सिडी) के लिए चार सदस्य टीम बनाई। जिन किसानों की फसल में 33 प्रतिशत या उससे ज्यादा नुकसान का सत्यापन किया। मुआवजा देने की तैयारी में प्रशासन द्वारा डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
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सर्वे पूरा हो चुका है। अब डाटा मंगाया जा रहा है और डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। सबसे ज्यादा चांदपुर तहसील क्षेत्र प्रभावित है। - अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व