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अब नए पूर्णांक के साथ करना पड़ेगा मूल्यांकन
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अब नए पूर्णांक के साथ करना पड़ेगा मूल्यांकन
बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग का अजब हाल है। परीक्षा के दौरान परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उलझाऊआदेश जारी किए गए हैं। पहले परीक्षा में प्रश्नपत्र का पूर्णांक 50 अंकित था। अब प्रश्नपत्र का मूल्यांकन 100 पूर्णांक पर करने के आदेश दिए गए हैं। कार्यालय के आदेशों में ही शिक्षक-शिक्षिकाएं भ्रमित हो रही हैं। कुछ शिक्षकों ने जिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले आदेश पर किया था। अब उन्हें नए पूर्णांक के साथ करना पड़ेगा।
परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही। परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। 31 मार्च को सभी स्कूलों में उत्सव मनाते हुए बच्चों को परीक्षाफल वितरित किये जाएंगे। परंतु इस बार परीक्षा में बार बार आदेश बदलने से शिक्षक परेशान हो रहे है। परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा आरंभ होने के समय यूपी बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी लगने पर रिलीव होने तथा अपने स्कूलों में बच्चों के अनुपात शिक्षक रोकने को लेकर अफसरों के आदेशों से शिक्षक पैंडलूम बने रहे। अब विभाग की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर जारी हुए आदेशों में शिक्षक उलझ गए। बीएसए कार्यालय से पहले पेपर में प्रश्नों का पूर्णांक 35 नंबर की लिखित और 15 नंबर की मौखिक शामिल करते हुए कुल 50 नंबर था। अब दूसरा आदेश 100 पूर्णांक के आधार पर मूल्यांकन करने का जारी हुआ है। (संवाद)
वर्जन
विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही है। पहले उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उच्च स्तर से आदेश नहीं आया था। इसलिए जिला स्तर से 50 पूर्णांक से ही मूल्यांकन करने को कहा गया था। अब आदेश आने पर 100 पूर्णांक के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
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-जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग का अजब हाल है। परीक्षा के दौरान परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उलझाऊआदेश जारी किए गए हैं। पहले परीक्षा में प्रश्नपत्र का पूर्णांक 50 अंकित था। अब प्रश्नपत्र का मूल्यांकन 100 पूर्णांक पर करने के आदेश दिए गए हैं। कार्यालय के आदेशों में ही शिक्षक-शिक्षिकाएं भ्रमित हो रही हैं। कुछ शिक्षकों ने जिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले आदेश पर किया था। अब उन्हें नए पूर्णांक के साथ करना पड़ेगा।
परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही। परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। 31 मार्च को सभी स्कूलों में उत्सव मनाते हुए बच्चों को परीक्षाफल वितरित किये जाएंगे। परंतु इस बार परीक्षा में बार बार आदेश बदलने से शिक्षक परेशान हो रहे है। परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा आरंभ होने के समय यूपी बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी लगने पर रिलीव होने तथा अपने स्कूलों में बच्चों के अनुपात शिक्षक रोकने को लेकर अफसरों के आदेशों से शिक्षक पैंडलूम बने रहे। अब विभाग की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर जारी हुए आदेशों में शिक्षक उलझ गए। बीएसए कार्यालय से पहले पेपर में प्रश्नों का पूर्णांक 35 नंबर की लिखित और 15 नंबर की मौखिक शामिल करते हुए कुल 50 नंबर था। अब दूसरा आदेश 100 पूर्णांक के आधार पर मूल्यांकन करने का जारी हुआ है। (संवाद)
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विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही है। पहले उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उच्च स्तर से आदेश नहीं आया था। इसलिए जिला स्तर से 50 पूर्णांक से ही मूल्यांकन करने को कहा गया था। अब आदेश आने पर 100 पूर्णांक के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
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-जयकरन यादव, बीएसए