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नोट के झाम में गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:30 PM IST
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अफजलगढ़ में निजी अस्पताल में तीमारदारों के पास नए नोटों की व्यवस्था नहीं होने की वजह से एक वृद्धा की जान पर बन आई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण महिला अकबरी बेगम (97) की मौत हो गई। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। हालांकि प्रबंधन के आगे परिजनों के एक नहीं चली। परिजन वृद्धा के शव को लेकर घर लौट आए।
नगर निवासी शेख मुहम्मद आदिल ने बताया कि उनकी माता अकबरी बेगम की बुधवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सीधे कार से लेकर काशीपुर पहुंच गए। परिजनों ने वृद्धा को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। चिकित्सकों ने परिजनों को दवाई लिखकर दे दी। परिजन मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे। मेडिकल स्टोर पर मौजूद स्टाफ ने वृद्धा के परिजनों से पांच सौ व हजार के नोटों को लेने से इंकार कर दिया।
इस पर वृद्धा के परिजनों ने घर पर सूचना देकर रकम मंगाई। घर से परिवार के सदस्यों के अस्पताल पहुंचने से पहले ही वृद्धा की मौत हो गई। इस पर वृद्धा के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के समझाने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव घर लेकर आ गए। परिजनों ने बृहस्पतिवार की सुबह वृद्धा को सुपर्द-ए खाक कर दिया।
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नगर निवासी शेख मुहम्मद आदिल ने बताया कि उनकी माता अकबरी बेगम की बुधवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सीधे कार से लेकर काशीपुर पहुंच गए। परिजनों ने वृद्धा को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। चिकित्सकों ने परिजनों को दवाई लिखकर दे दी। परिजन मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे। मेडिकल स्टोर पर मौजूद स्टाफ ने वृद्धा के परिजनों से पांच सौ व हजार के नोटों को लेने से इंकार कर दिया।
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इस पर वृद्धा के परिजनों ने घर पर सूचना देकर रकम मंगाई। घर से परिवार के सदस्यों के अस्पताल पहुंचने से पहले ही वृद्धा की मौत हो गई। इस पर वृद्धा के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के समझाने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव घर लेकर आ गए। परिजनों ने बृहस्पतिवार की सुबह वृद्धा को सुपर्द-ए खाक कर दिया।
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