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मतगणना के दौरान नहीं हुआ दो गज की दूरी का पालन
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मतगणना के दौरान नहीं हुआ दो गज की दूरी का पालन
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना संक्रमण विकराल रूप ले चुका है। लेकिन इन सबके बावजूद मतगणना के दिन एजेंट से लेकर समर्थक तक में इसका डर नहीं देखा गया। पुलिस के डंडे और चालान के डर से भले ही कइयों ने मास्क और गमछा जरूर पहना था, लेकिन दो गज दूरी का नियम किसी को याद नहीं रहा।
रविवार को सुबह 11 केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गई। शनिवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराते हुए मतगणना की गाइडलाइन जारी कर दी थी। दावा भी किया गया कि कहीं भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी और हर हाल में दो गज दूरी और मास्क लगाने के नियमों का पालन कराया जाएगा। कमाल यह रहा कि मतगणना शुरू होने से पहले ही एजेंटों की एंट्री के समय ही ये सारी गाइडलाइन धरी की धरी रह गईं।
बिजनौर जिला मुख्यालय हो या फिर नूरपुर, नजीबाबाद या धामपुर का मतगणना स्थल। एजेंट दो गज तो दूर आधा गज भी दूर नहीं थे। एक दूसरे से सटकर लंबी लाइन लगाए खड़े दिखे। इसके अलावा जिन स्थानों पर समर्थकों को रोका गया, वहां भी समर्थक दो गज दूरी का नियम भूलकर छोटे छोटे झुंड में बैठे नजर आए। कोरोना को छोड़ बस गिने जा रहे वोट और उनके परिणाम पर मंथन करते दिखे।
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जाली के पास सटकर खडे़ रहे लोग
दोपहर करीब 12 बजे का समय था। एक ओर मौसम में तापमान बढ़ रहा था तो दूसरी ओर वोटों की गिनती के साथ हार-जीत का गणित लगाने वाले प्रत्याशियों एजेंटों के माथे पर पसीना भी आ रहा था। एक वोट भी इधर से उधर न हो जाए, इसकी जद्दोजहद में एजेंट एक दूसरे से ऐसे सटकर खड़े थे और जाली से वोटों की गिनती देख रहे थे, मानों कोरोना नाम की बीमारी को वह जानते ही नहीं।
छोटे-छोटे झुंडों में बैठे नजर आए समर्थक
दोपहर करीब साढे़ 12 बजे जब नुमाइश ग्राउंड में रुके समर्थकों को देखा तो लगा ही नहीं कि शहर में कोरोना नाम की कोई बीमारी है। एक कोने से दूसरे कौने तक समर्थक छोटे-छोटे झुंड में बैठे नजर आ रहे थे। पास ही में पुलिस बैरियर लगाकर आने-जाने वालों को रोक रही थी, पर इस भीड़ की ओर किसी का ध्यान नहीं था।
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बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना संक्रमण विकराल रूप ले चुका है। लेकिन इन सबके बावजूद मतगणना के दिन एजेंट से लेकर समर्थक तक में इसका डर नहीं देखा गया। पुलिस के डंडे और चालान के डर से भले ही कइयों ने मास्क और गमछा जरूर पहना था, लेकिन दो गज दूरी का नियम किसी को याद नहीं रहा।
रविवार को सुबह 11 केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गई। शनिवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराते हुए मतगणना की गाइडलाइन जारी कर दी थी। दावा भी किया गया कि कहीं भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी और हर हाल में दो गज दूरी और मास्क लगाने के नियमों का पालन कराया जाएगा। कमाल यह रहा कि मतगणना शुरू होने से पहले ही एजेंटों की एंट्री के समय ही ये सारी गाइडलाइन धरी की धरी रह गईं।
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बिजनौर जिला मुख्यालय हो या फिर नूरपुर, नजीबाबाद या धामपुर का मतगणना स्थल। एजेंट दो गज तो दूर आधा गज भी दूर नहीं थे। एक दूसरे से सटकर लंबी लाइन लगाए खड़े दिखे। इसके अलावा जिन स्थानों पर समर्थकों को रोका गया, वहां भी समर्थक दो गज दूरी का नियम भूलकर छोटे छोटे झुंड में बैठे नजर आए। कोरोना को छोड़ बस गिने जा रहे वोट और उनके परिणाम पर मंथन करते दिखे।
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जाली के पास सटकर खडे़ रहे लोग
दोपहर करीब 12 बजे का समय था। एक ओर मौसम में तापमान बढ़ रहा था तो दूसरी ओर वोटों की गिनती के साथ हार-जीत का गणित लगाने वाले प्रत्याशियों एजेंटों के माथे पर पसीना भी आ रहा था। एक वोट भी इधर से उधर न हो जाए, इसकी जद्दोजहद में एजेंट एक दूसरे से ऐसे सटकर खड़े थे और जाली से वोटों की गिनती देख रहे थे, मानों कोरोना नाम की बीमारी को वह जानते ही नहीं।
छोटे-छोटे झुंडों में बैठे नजर आए समर्थक
दोपहर करीब साढे़ 12 बजे जब नुमाइश ग्राउंड में रुके समर्थकों को देखा तो लगा ही नहीं कि शहर में कोरोना नाम की कोई बीमारी है। एक कोने से दूसरे कौने तक समर्थक छोटे-छोटे झुंड में बैठे नजर आ रहे थे। पास ही में पुलिस बैरियर लगाकर आने-जाने वालों को रोक रही थी, पर इस भीड़ की ओर किसी का ध्यान नहीं था।