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अब नहीं करना होगा 16 दिन का इंतजार
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अब नहीं करना होगा 16 दिन का इंतजार
बिजनौर। अब 12 वें दिन कोरोना संक्रमित मरीज का दूसरा सैंपल लिया जा सकता है। इसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 24 घंटे बाद तीसरी बार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा सकता है। इससे पहले यह प्रक्रिया 14 वें दिन के बाद की जाती थी और इसके 24 घंटे बाद तीसरी बार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता था। इस कारण रिपोर्ट आने में विलंब होता था और संबंधित मरीज के रोगमुक्त होने की घोषणा करने में 15 से 16 दिन तक का समय लग जाता था, लेकिन अब यह कार्य 13 दिन में ही किया जा सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को कोरोना की संभावना होने का पता चलता है, तो उसे प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी अस्पतालों अथवा अस्थायी आश्रय स्थलों में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाता है। इस दौरान सैंपल लेकर जांच के लिए नोएडा भेजा जाता है। कोरोना वायरस से संक्रमित प्रत्येक मरीज की तीन बार जांच करने का प्रावधान है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के बाद आने वाली पहली रिपोर्ट से व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने अथवा नहीं होने का पता चलता है। सीएमओ डॉक्टर विजय कुमार यादव के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उसे 14 दिन के लिए कोविड-19 हॉस्पिटल में उपचार के लिए भेजा जाता है और यदि किसी की सबसे पहली वाली जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो फिर उसे अस्थायी आश्रय से घर भेजकर होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है।
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बिजनौर। अब 12 वें दिन कोरोना संक्रमित मरीज का दूसरा सैंपल लिया जा सकता है। इसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 24 घंटे बाद तीसरी बार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा सकता है। इससे पहले यह प्रक्रिया 14 वें दिन के बाद की जाती थी और इसके 24 घंटे बाद तीसरी बार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता था। इस कारण रिपोर्ट आने में विलंब होता था और संबंधित मरीज के रोगमुक्त होने की घोषणा करने में 15 से 16 दिन तक का समय लग जाता था, लेकिन अब यह कार्य 13 दिन में ही किया जा सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को कोरोना की संभावना होने का पता चलता है, तो उसे प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी अस्पतालों अथवा अस्थायी आश्रय स्थलों में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाता है। इस दौरान सैंपल लेकर जांच के लिए नोएडा भेजा जाता है। कोरोना वायरस से संक्रमित प्रत्येक मरीज की तीन बार जांच करने का प्रावधान है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के बाद आने वाली पहली रिपोर्ट से व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने अथवा नहीं होने का पता चलता है। सीएमओ डॉक्टर विजय कुमार यादव के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उसे 14 दिन के लिए कोविड-19 हॉस्पिटल में उपचार के लिए भेजा जाता है और यदि किसी की सबसे पहली वाली जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो फिर उसे अस्थायी आश्रय से घर भेजकर होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है।
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