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गन्ना सीजन में बांड में नहीं होगा कोई संशोधन

Sun, 28 Jul 2019 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:27 AM IST
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No changes in the sugarcane bond
बिजनौर के ग्राम चौकपुरी में अमरसिंह उप गन्ना आयुक्त महोदय मुरादाबाद के साथ सर्वे प्रदर्शन टीमों - फोटो : BIJNOR
गन्ना सीजन में बांड में नहीं होगा कोई संशोधन
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बिजनौर। इस बार पूरे सूबे का गन्ना विभाग का पर्ची आदि का आंकड़ा एक रहेगा। किसान सीजन शुरू होने के बाद अपने बांड में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करा पाएंगे। सूबे में पहली बार ये व्यवस्था की गई है। किसानों को उनके बांड आदि की जानकारी देने के लिए गन्ना विभाग ने सर्वे प्रदर्शन शुरू करा दिया है। किसान सर्वे प्रदर्शन के दौरान ही अपने बांड में परिवर्तन करा सकते हैं। इसके बाद कोई परिवर्तन नहीं होगा।
गन्ना सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सर्वे में किसानों की गन्ने की प्रजाति, पैड़ी व पौधे का रकबा आदि देखा जाता है। साथ ही अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये भी भेजी जा रही हैं। इसमें किसी भी तरह की कमी होने पर पहले किसान चालू पेराई में ही इनमें करेक्शन करा लेते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। शासन ने गन्ना विभाग के सभी किसानों की गन्ना आपूर्ति, रकबे, बैंक खाते आदि का एक ही पोर्टल बना लिया है। इस पोर्टल पर स्थानीय स्तर से कोई भी करेक्शन संभव नहीं है। फिलहाल जिलास्तर से पोर्टल पर गन्ना विभाग ने जानकारी फीड नहीं की है। यह जानकारी अभी गन्ना विभाग के ही पास है। विभाग व चीनी मिल के कर्मचारी गांव गांव जाकर गन्ना सर्वे का प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान की गन्ने की प्रजाति, आपूर्ति, रकबे, बैंक खाते, मोबाइल नंबर आदि में किसी भी तरह का कोई करेक्शन होता है तो उसे अभी ठीक किया जा सकता है। अगर किसानों ने अब संशोधन नहीं कराया तो पेराई सत्र 2019-20 में किसी तरह का कोई संशोधन नहीं हो पाएगा।
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गन्ने की पर्ची अब किसान के मोबाइल पर एसएमएस से भी भेजी जाती है। कुछ सेंटरों पर शत प्रतिशत तौल एसएमएस से भी कराने की योजना है। अगर किसान का नंबर गलत अंकित होगा तो उसे दिक्कत उठानी होगी।
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पिछले साल शासन ने किसानों के पास उनकी वास्तविक जमीन का पता करने के लिए खतौनी ली थी। तब काफी किसानों ने जमीन की खतौनी नहीं दी थी। जिन किसानों ने पिछले साल जमीन की खतौनी नहीं दी थी, उनके लिए इस बार खतौनी जमा करना अनिवार्य किया गया है। खतौनी जमा न करने वाले किसानों के बांड इस साल नहीं चलेंगे।
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