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Bijnor News: बिजनौर में काष्ठकला को नई दिशा, तीन सीएफसी संवारेंगे हुनर
Tue, 11 Nov 2025 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:23 AM IST
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नगीना क्षेत्र में निर्माणाधीन सीएफसी। स्रोत विभाग
बिजनौर। अपनी अनूठी काष्ठकला के लिए विश्वविख्यात नगीना क्षेत्र के लघु उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। जिले में पहली बार तीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है, जो स्थानीय काष्ठकला कामगारों और उद्यमियों को आधुनिक मशीनों के माध्यम से अपने उत्पाद तैयार करने का अवसर प्रदान करेंगे। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर उद्यमियों को विशेष रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
जिले में छोटी और बड़ी करीब दो हजार काष्ठकला इकाइयां हैं। इन इकाइयों से 30 हजार लोग जुड़े हुए हैं। ज्यादातर लोग आधुनिक मशीन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे उद्यमी भी अब आधुनिक मशीनों के जरिए अपने उत्पाद तैयार कर सकेंगे। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत नगीना क्षेत्र में तीन सीएफसी शुरू हो रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में 10 प्रतिशत उद्यमी को खर्च करना है। जबकि, बाकी राज्य सरकार अनुदान दे रही है। यहां मशीनों के जरिए लकड़ी तैयार करने, उत्पाद तैयार करने, डिजाइन, दरवाजे, खिड़की, जाली सहित अन्य कार्य होंगे। उद्यमियों को केवल सीएफसी में उत्पाद तैयार करने के बाद सिर्फ मेंटेनेंस शुल्क देना होगा।
इन जगहों पर चल रहा है सीएफसी का निर्माण
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि देवदार एसोसिएशन की ओर से नगीना में सीएफसी खोला रहा है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 996.99 लाख रुपये है। इनमें 99.70 लाख रुपये देवदार एसोसिएशन को खर्च करना है। शेष 897.29 लाख रुपये का सरकार अनुदान दे रही है। दूसरा सीएफसी पुष्य वुडक्रॉफ्ट वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव आलमपुर गदरी में शुरू किया जा रहा है। इसकी लागत 910.63 लाख रुपये है। इनमें 819.56 लाख सरकार का अनुदान एवं 91.06 लाख उद्यमी का हिस्सा है। इसके अलावा इक्का वुडक्राॅफ्ट फाउंडेशन की ओर से नगीना रोड पर वीकेआईटी कॉलेज के पास सीएफसी का निर्माण कार्य चल रहा है। यह प्रोजेक्ट 991.67 लाख रुपये से शुरू हो रहा है। इसमें 892.50 लाख रुपये सरकार एवं 99.17 लाख रुपये उद्यमी का हिस्सा है।
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अमेरिका, ब्रिटेन और दूसरे देशों में काष्ठकला उत्पादों की मांग
उद्यमी इरशाद, फईम आदि का कहना है कि नगीना में तैयार काष्ठकला उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, इजराइल सहित अन्य देशों में भी यहां से उत्पाद भेजे जा रहे हैं। कुछ निर्यातक सीधे निर्यात करते हैं। जबकि, छोटे उद्यमी अपने उत्पाद तैयार कर मुरादाबाद, दिल्ली भेजते हैं।
सीएफसी शुरू होने के बाद काष्ठकला उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे उद्यमी कम कीमत में बेहतर डिजाइन के उत्पाद तैयार करा सकेंगे। अभी तीनाें सीएफसी का निर्माण चल रहा है। जल्द ही सभी यूनिट काम करना शुरू कर देंगी।
-अमित कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र, बिजनौर
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जिले में छोटी और बड़ी करीब दो हजार काष्ठकला इकाइयां हैं। इन इकाइयों से 30 हजार लोग जुड़े हुए हैं। ज्यादातर लोग आधुनिक मशीन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे उद्यमी भी अब आधुनिक मशीनों के जरिए अपने उत्पाद तैयार कर सकेंगे। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत नगीना क्षेत्र में तीन सीएफसी शुरू हो रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में 10 प्रतिशत उद्यमी को खर्च करना है। जबकि, बाकी राज्य सरकार अनुदान दे रही है। यहां मशीनों के जरिए लकड़ी तैयार करने, उत्पाद तैयार करने, डिजाइन, दरवाजे, खिड़की, जाली सहित अन्य कार्य होंगे। उद्यमियों को केवल सीएफसी में उत्पाद तैयार करने के बाद सिर्फ मेंटेनेंस शुल्क देना होगा।
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इन जगहों पर चल रहा है सीएफसी का निर्माण
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि देवदार एसोसिएशन की ओर से नगीना में सीएफसी खोला रहा है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 996.99 लाख रुपये है। इनमें 99.70 लाख रुपये देवदार एसोसिएशन को खर्च करना है। शेष 897.29 लाख रुपये का सरकार अनुदान दे रही है। दूसरा सीएफसी पुष्य वुडक्रॉफ्ट वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव आलमपुर गदरी में शुरू किया जा रहा है। इसकी लागत 910.63 लाख रुपये है। इनमें 819.56 लाख सरकार का अनुदान एवं 91.06 लाख उद्यमी का हिस्सा है। इसके अलावा इक्का वुडक्राॅफ्ट फाउंडेशन की ओर से नगीना रोड पर वीकेआईटी कॉलेज के पास सीएफसी का निर्माण कार्य चल रहा है। यह प्रोजेक्ट 991.67 लाख रुपये से शुरू हो रहा है। इसमें 892.50 लाख रुपये सरकार एवं 99.17 लाख रुपये उद्यमी का हिस्सा है।
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अमेरिका, ब्रिटेन और दूसरे देशों में काष्ठकला उत्पादों की मांग
उद्यमी इरशाद, फईम आदि का कहना है कि नगीना में तैयार काष्ठकला उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, इजराइल सहित अन्य देशों में भी यहां से उत्पाद भेजे जा रहे हैं। कुछ निर्यातक सीधे निर्यात करते हैं। जबकि, छोटे उद्यमी अपने उत्पाद तैयार कर मुरादाबाद, दिल्ली भेजते हैं।
सीएफसी शुरू होने के बाद काष्ठकला उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे उद्यमी कम कीमत में बेहतर डिजाइन के उत्पाद तैयार करा सकेंगे। अभी तीनाें सीएफसी का निर्माण चल रहा है। जल्द ही सभी यूनिट काम करना शुरू कर देंगी।
-अमित कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र, बिजनौर