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नीमा ने किया आईएमए की हड़ताल का विरोध
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नीमा ने किया आईएमए की हड़ताल का विरोध
नगीना। केंद्र सरकार द्वारा आयुष परा स्नातक शल्य चिकित्सकों को सर्जरी करने का अधिकार प्रदान करने के निर्णय का नीमा ने स्वागत किया है। नीमा ने आईएमए की हड़ताल का विरोध किया। आईएमए की हड़ताल में बांह पर पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया।
बृहस्पतिवार दोपहर डॉ मोहम्मद एहतेशाम नोमानी के क्लीनिक पर नीमा के चिकित्सकों की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा 20 नवंबर को शासनादेश निर्गत कर अधिकार प्रदान किया गया है। चिकित्सकों ने कहा कि आयुर्वेद के महान वैज्ञानिक सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है, इसी कारण आयुर्वेद और यूनानी के परास्नातक शल्य चिकित्सक इस विद्या में पारंगत हो कर अपनी उत्तम सेवाएं देने की भरपूर क्षमता रखते हैं।
बैठक में कहा गया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को सरकार का यह निर्णय स्वीकार्य नहीं हो रहा है, इसके विरोध में उन्होंने 11 दिसंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। बैठक में कहा गया कि अखिल भारतीय स्तर पर निर्णय लिया गया है कि हमारा संगठन इस हड़ताल का विरोध करता है। संगठन के समस्त सदस्य अपनी बाजू पर फीता बांध कर चिकित्सा कार्य करेंगे। इस दिन रोगियों को उत्तम से उत्तम चिकित्सा बहुत कम मूल्य में उपलब्ध कराएंगे।
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विभिन्न माध्यमों से हड़ताल के विरोध का आह्वान करेंगे। डॉक्टर बालेश विश्नोई की अध्यक्षता व डॉ मोहम्मद एहतेशाम के संचालन में आयोजित बैठक में डॉक्टर गोहर शमसी, डॉक्टर फिरोज आलम, डॉक्टर असद गालिब, डॉ नरेश चौहान, डॉक्टर सत्य प्रकाश त्यागी, डॉक्टर नसीम अहमद, डॉक्टर नदीम फारुकी, डॉक्टर असलम, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ आदि मौजूद रहे।
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नगीना। केंद्र सरकार द्वारा आयुष परा स्नातक शल्य चिकित्सकों को सर्जरी करने का अधिकार प्रदान करने के निर्णय का नीमा ने स्वागत किया है। नीमा ने आईएमए की हड़ताल का विरोध किया। आईएमए की हड़ताल में बांह पर पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया।
बृहस्पतिवार दोपहर डॉ मोहम्मद एहतेशाम नोमानी के क्लीनिक पर नीमा के चिकित्सकों की बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा 20 नवंबर को शासनादेश निर्गत कर अधिकार प्रदान किया गया है। चिकित्सकों ने कहा कि आयुर्वेद के महान वैज्ञानिक सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है, इसी कारण आयुर्वेद और यूनानी के परास्नातक शल्य चिकित्सक इस विद्या में पारंगत हो कर अपनी उत्तम सेवाएं देने की भरपूर क्षमता रखते हैं।
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बैठक में कहा गया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को सरकार का यह निर्णय स्वीकार्य नहीं हो रहा है, इसके विरोध में उन्होंने 11 दिसंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। बैठक में कहा गया कि अखिल भारतीय स्तर पर निर्णय लिया गया है कि हमारा संगठन इस हड़ताल का विरोध करता है। संगठन के समस्त सदस्य अपनी बाजू पर फीता बांध कर चिकित्सा कार्य करेंगे। इस दिन रोगियों को उत्तम से उत्तम चिकित्सा बहुत कम मूल्य में उपलब्ध कराएंगे।
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विभिन्न माध्यमों से हड़ताल के विरोध का आह्वान करेंगे। डॉक्टर बालेश विश्नोई की अध्यक्षता व डॉ मोहम्मद एहतेशाम के संचालन में आयोजित बैठक में डॉक्टर गोहर शमसी, डॉक्टर फिरोज आलम, डॉक्टर असद गालिब, डॉ नरेश चौहान, डॉक्टर सत्य प्रकाश त्यागी, डॉक्टर नसीम अहमद, डॉक्टर नदीम फारुकी, डॉक्टर असलम, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ आदि मौजूद रहे।