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किसानों की समस्याओं का निदान न होने पर मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं ने सरकार को कोसा
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राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन का तहसील में धरना
धामपुर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं का निदान न होने पर सोमवार को तहसील में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबजी की। करीब एक घंटे तक एसडीएम विजय वर्धन तोमर और निगम के एक्सईएन वीरेंद्र कुमार को अपने बीच चिलचिलाती धूप में बैठाए रखा।
कार्यकर्ता सोमवार को तहसील पहुंचे और धरना दिया। किसानों ने कहा कि बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। शासन के 20 घंटे आपूर्ति के आदेश हैं, लेकिन सिर्फ छह घंटे बिजली दी जा रही है। आवारा पशुुुओं को पकड़ कर गोशालाओं में नहीं रखा जा रहा है। आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों का फोन तक रिसीव नहीं करते। कार्यकर्ताओं ने एसडीएमव, एक्सईएन को छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें आवारा पशुओं ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। किसान बहुत परेशान हैं। किसानों ने अधिकारियों को इन पशुओं को पकड़कर पशुशाला में भिजवाने, अघोषित विद्युत कटौती बंद करने, सिंचाई के लिए नहरों में पानी छुड़वाने, नलकूपों पर विद्युत मीटर न लगाने, कालागढ़ बांध से रामगंगा में छोड़े जा रहे पानी को बंद करने की मांग की है।
किसानों ने शुगर मिलों से बकाया भुगतान हाईकोर्ट के आदेश पर ब्याज के साथ भुगतान कराने की मांग की। चेताया कि अगर समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में कैलाश लांबा, ठाकुर सिंह, राकेश कुमार, राजपाल, भगत, आशीष कुमार, शकील अहमद, देवेंद्र उर्फ बिट्टूू, हेमेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह, भीम सिंह, मानक सिंह, संदीप कुमार, नरेंद्र, विनोद कुमार, गोविंद सिंह, वेद प्रकाश रहे।
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धामपुर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं का निदान न होने पर सोमवार को तहसील में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबजी की। करीब एक घंटे तक एसडीएम विजय वर्धन तोमर और निगम के एक्सईएन वीरेंद्र कुमार को अपने बीच चिलचिलाती धूप में बैठाए रखा।
कार्यकर्ता सोमवार को तहसील पहुंचे और धरना दिया। किसानों ने कहा कि बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। शासन के 20 घंटे आपूर्ति के आदेश हैं, लेकिन सिर्फ छह घंटे बिजली दी जा रही है। आवारा पशुुुओं को पकड़ कर गोशालाओं में नहीं रखा जा रहा है। आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों का फोन तक रिसीव नहीं करते। कार्यकर्ताओं ने एसडीएमव, एक्सईएन को छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें आवारा पशुओं ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। किसान बहुत परेशान हैं। किसानों ने अधिकारियों को इन पशुओं को पकड़कर पशुशाला में भिजवाने, अघोषित विद्युत कटौती बंद करने, सिंचाई के लिए नहरों में पानी छुड़वाने, नलकूपों पर विद्युत मीटर न लगाने, कालागढ़ बांध से रामगंगा में छोड़े जा रहे पानी को बंद करने की मांग की है।
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किसानों ने शुगर मिलों से बकाया भुगतान हाईकोर्ट के आदेश पर ब्याज के साथ भुगतान कराने की मांग की। चेताया कि अगर समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में कैलाश लांबा, ठाकुर सिंह, राकेश कुमार, राजपाल, भगत, आशीष कुमार, शकील अहमद, देवेंद्र उर्फ बिट्टूू, हेमेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह, भीम सिंह, मानक सिंह, संदीप कुमार, नरेंद्र, विनोद कुमार, गोविंद सिंह, वेद प्रकाश रहे।
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