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गन्ना भुगतान में नजीबाबाद चीनी मिल फिसड्डी
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बिजनौर। सहकारी क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल अब तक किसानों का भुगतान देने में फिसड्डी साबित हुई है। सहकारी क्षेत्र की एकमात्र चीनी मिल होने के बाद भी चालू पेराई सत्र का गन्ना भुगतान अभी तक शुरू नहीं किया गया है। किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। मिल पर पिछले साल का करीब पौने तीन करोड़ रुपये का ब्याज बकाया भी है।
नजीबाबाद चीनी मिल को 22 हजार से अधिक किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। मिल में पिछले साल किसानों ने 155 करोड़ का गन्ना बेचा था। किसांनों को अब दिसंबर के आधा बीतने के बाद पूरा भुगतान मिला है। इसके अलावा विलंब भुगतान का पिछले साल का भी 2.80 करोड़ रुपये का ब्याज भी चीनी मिल पर बन रहा है। चीनी मिल का वर्तमान पेराई सत्र शुरू हुए भी करीब महीना भर होने वाला है। मिल ने अब तक किसानों का 27.14 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद लिया है। 14 दिन के में भुगतान के नियम के अनुसार मिल को अब तक 14 करोड़ रुपये का भुगतान कर देना चाहिए था लेकिन मिल ने अब तक फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है। भुगतान न मिलने से किसान भी परेशान हैं।
किसान परेशान
ग्राम पंचायत अमिखानपुर के ग्राम प्रधान व किसान सतविंदर सिंह का कहना है कि मिल प्रशासन की लापरवाही से किसानों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रधान प्रबंधक के प्रयास से गन्ना भुगतान में आर्थिक चुनौतियों से राहत मिलने की बात कही है।
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सहालग में पैसे की जरूरत
गांव जटपुरा बौंडा निवासी अंकित कुमार का कहना है कि चीनी मिल ने अब तक भुगतान शुरू नहीं किया है। सहालग चल रहा है। नियम के अनुसार किसानों को भुगतान मिलना चाहिए।
किसानों को मिले ब्याज
गांव जटपुरा खास निवासी अरूण शर्मा का कहना है कि किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज मिलना चाहिए। जब किसान बैंकों और विद्युत निगम को ब्याज दे रहे हैं तो उनका भी मिलों से ब्याज लेने का हक बनता है।
जल्दी कर देंगे भुगतान
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सुखबीर सिंह का कहना है कि उन्होंने पिछले पेराई सत्र का शत प्रतिशत भुगतान करा दिया है। किसानों को लगातार भुगतान कर रहे हैं। चालू पेराई सत्र में भुगतान में और सुधार किया जाएगा।
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नजीबाबाद चीनी मिल को 22 हजार से अधिक किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। मिल में पिछले साल किसानों ने 155 करोड़ का गन्ना बेचा था। किसांनों को अब दिसंबर के आधा बीतने के बाद पूरा भुगतान मिला है। इसके अलावा विलंब भुगतान का पिछले साल का भी 2.80 करोड़ रुपये का ब्याज भी चीनी मिल पर बन रहा है। चीनी मिल का वर्तमान पेराई सत्र शुरू हुए भी करीब महीना भर होने वाला है। मिल ने अब तक किसानों का 27.14 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद लिया है। 14 दिन के में भुगतान के नियम के अनुसार मिल को अब तक 14 करोड़ रुपये का भुगतान कर देना चाहिए था लेकिन मिल ने अब तक फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है। भुगतान न मिलने से किसान भी परेशान हैं।
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किसान परेशान
ग्राम पंचायत अमिखानपुर के ग्राम प्रधान व किसान सतविंदर सिंह का कहना है कि मिल प्रशासन की लापरवाही से किसानों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रधान प्रबंधक के प्रयास से गन्ना भुगतान में आर्थिक चुनौतियों से राहत मिलने की बात कही है।
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सहालग में पैसे की जरूरत
गांव जटपुरा बौंडा निवासी अंकित कुमार का कहना है कि चीनी मिल ने अब तक भुगतान शुरू नहीं किया है। सहालग चल रहा है। नियम के अनुसार किसानों को भुगतान मिलना चाहिए।
किसानों को मिले ब्याज
गांव जटपुरा खास निवासी अरूण शर्मा का कहना है कि किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज मिलना चाहिए। जब किसान बैंकों और विद्युत निगम को ब्याज दे रहे हैं तो उनका भी मिलों से ब्याज लेने का हक बनता है।
जल्दी कर देंगे भुगतान
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सुखबीर सिंह का कहना है कि उन्होंने पिछले पेराई सत्र का शत प्रतिशत भुगतान करा दिया है। किसानों को लगातार भुगतान कर रहे हैं। चालू पेराई सत्र में भुगतान में और सुधार किया जाएगा।