VIP बनी यूपी की ये सीट: चंद्रशेखर की एंट्री से भाजपा के सामने बड़ी चुनौती, यहां सपा-रालोद में सीधी टक्कर
Bijnor and Nagina Lok Sabha Seat : यूपी की यह लोकसभा सीट वीआईपी बन गई है। यहां चंद्रशेखर की एंट्री से भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। वहीं, बिजनौर लोकसभा सीट पर सपा और रालोद के बीच सीधा मुकाबला है।
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लंबे इंतजार के बाद चार जून को बिजनौर, नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट पर खड़े प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा। बिजनौर लोकसभा सीट पर 11 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रहे। नगीना सुरक्षित सीट से लोकसभा चुनाव मैदान में छह प्रत्याशी चुनाव लड़े।
जनपद की दोनों लोकसभा सीट पर पहले चरण में हुए चुनाव में मतदाताओं ने अपने मत से प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करके मतपेटियों में कैद कर दिया था। सभी चरणों के चुनाव संपन्न होने के बाद मंगलवार को मतगणना होने के बाद जीत की घोषणा होगी।
बिजनौर में सपा और रालोद में सीधी टक्कर
बिजनौर लोकसभा सीट पर मतदान के दिन तक मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था, लेकिन मतदान होने के बाद यहां सपा और रालोद के बीच सीधी टक्कर नजर आने लगी है। रालोद-भाजपा गठबंधन से बिजनौर सीट पर चंदन चौहान प्रत्याशी हैं, वहीं सपा से नूरपुर विधायक रामअवतार सैनी के पुत्र दीपक सैनी को प्रत्याशी बनाया गया है। माना जा रहा है कि इन दोनों के बीच मुकाबला कड़ा होगा और हार-जीत का अंतर भी बहुत लंबा नहीं होगा।
नगीना में ओमकुमार और चंद्रशेखर के बीच मुख्य मुकाबला
आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद के चुनावी मैदान में खुद उतर जाने से नगीना सीट चुनिंदा हॉट सीट में शुमार हो गई थी। यहां पर सपा, बसपा और भाजपा तीनों की पार्टियों के समीकरण गड़बड़ा गए थे। इस सीट पर चंद्रशेखर और भाजपा के ओमकुमार के बीच मुख्य मुकाबला होने की संभावना है। मुस्लिम- दलित बाहुल्य नगीना लोकसभा सीट पर इन दोनों वर्गों के रुख पर ही चुनावी परिणाम तय होता रहा है।
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इस बार के चुनाव में मुस्लिम व दलित वोटों में जमकर मारा-मारी व सेंधमारी होती दिखाई दी थी। जहां सपा मुस्लिम वोट संभाल पाने में विफल नजर आई, वहीं बसपा भी अपना कोर वोट नहीं संभाल पाई थी। इन दोनों वोटबैंक में आसपा से चंद्रशेखर ने सेंधमारी कर दी थी। उधर, भाजपा अपना वोट बैंक सुरक्षित होने का दावा करती रही।
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