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हर बार अंगूठी बदलता रहा नगीना: कोई पार्टी नहीं दोहरा सकी जीत, इस बार शिखर पर चंद्र

Wed, 05 Jun 2024 12:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर/नगीना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर/नगीना Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 05 Jun 2024 12:07 PM IST
सार

पश्चिमी यूपी की नगीना लोकसभा सीट हर चुनाव में नया सांसद चुन लेती है। अब तक कोई भी पार्टी यहां जीत नहीं दोहरा पाई है। इस बार आसपा प्रमुख चंद्रशेखर ने इस सीट पर जीत दर्ज की है।

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Nagina kept changing the ring every time: No party could repeat the victory, this time Chandra is on the peak
चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार फिर नगीना ने अपना नया उत्तराधिकारी चुन लिया। इतिहास बरकरार रहा और पुराने चेहरा तो दूर, पुरानी पार्टी भी आज तक इस सीट पर जीत दोहरा नहीं पाई। इस बार आसपा से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे चंद्रशेखर को जीत का ताज मिला। इससे पहले सपा, भाजपा और बसपा एक-एक बार इस सीट पर जीत हासिल कर चुकी है।

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नगीना लोकसभा सुरक्षित सीट के लिए वर्ष 2009 में पहली बार अस्तित्व में आई थी। 2009 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने स्योहारा के ग्राम महमूदपुर निवासी नए चेहरे के रूप में यशवीर सिंह धोबी को अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा था। यशवीर ने बसपा के प्रत्याशी के रूप में उतरे सेवानिवृत आईएएस आरके सिंह को हराया था।

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इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव हुए। नगीना की जनता ने इस बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में उतरे मेरठ निवासी डॉक्टर यशवंत सिंह को जीताकर संसद पहुंचाया। यहां की जनता ने इस चुनाव में सपा के यशवीर सिंह धोबी को हरा दिया।

2019 के लोकसभा चुनाव में नगीना की जनता ने एक बार फिर नए चेहरे को जिताने का इतिहास दोहराया। बसपा के गिरीश चंद को जीताकर देश की संसद में पहुंचाया। इस बार चुनाव में भाजपा के डॉक्टर यशवंत सिंह को हार का सामना करना पड़ा था।

इस बार चुनाव हुए तो भाजपा और सपा जीत की आस लगाए हुए थी। ऐसे में चंद्रशेखर के चुनावी दंगल में कूदते ही मुकाबला कड़ा हो गया। चुनाव आते-आते एक तरफा समीकरण बन गए और जनता ने एक बार फिर पुरानी पार्टी पर भरोसा नहीं किया और चंद्रशेखर के रूप में नए चेहरे को मौका दिया।

एक-एक बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड
2009, 2014 और 2019 के चुनाव में सपा-भाजपा व बसपा का जीत का रिकॉर्ड एक-एक से बराबरी पर है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अब आसपा के चंद्रशेखर का नाम जीत के रिकॉर्ड में जुड़ गया है।
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जनता के बीच पहुंचना काम आया
आजाद समाज पार्टी से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद एक साल से नगीना सीट पर मजबूती से ताल ठोक रहे थे। जहां सभी पार्टी अपने प्रत्याशियों का चयन अंतिम समय में करने में लगी थी, वहीं चंद्रशेखर लगातार जनता के बीच पहुंच रहे थे। इस सीट पर नजर डालें तो भाजपा ने अपने नहटौर विधानसभा के विधायक ओम कुमार पर बाजी लगाई थी। वहीं वहीं सपा- कांग्रेस गठबंधन से पूर्व न्यायिक अधिकारी मनोज कुमार को मौका दिया था। बसपा ने सुरेंद्र पाल सिंह को प्रत्याशी बनाया था।
 

नगीना का अब तक का इतिहास
2009
यशवीर सिंह धोबी, सपा, मिले वोट 2,34,815
आरके सिंह, बसपा, मिले वोट 1,75,127

2014 का परिणाम
डॉक्टर यशवंत सिंह, भाजपा, मिले वोट 3,67,825
यशवीर सिंह धोबी, सपा, मिले वोट 2,75,435

2019 का परिणाम
गिरीश चंद, बसपा, मिले वोट- 5,68,378
डॉ यशवंत सिंह, भाजपा, मिले वोट-4,01,546

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